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पितृ पक्ष

नवरात्र से पहले हो सकती है शिवसेना-BJP गठबंधन की घोषणा, अमित शाह लेंगे अंतिम फैसला

शिवसेना (Shivsena) बीजेपी (BJP) से सीट बंटवारे में कम से कम 125 सीटों से ज्यादा की मांग पर अड़ी हुई है. यही वजह है कि बीजेपी (BJP) और शिवसेना (Shivsena) के चुनाव पूर्व गठबंधन (Alliance) का मामला खिंचता जा रहा है. 

Sep 26, 2019, 05:30 PM IST

पितरों को मोक्ष दिलाने के लिए घर बैठे कीजिए ऑनलाइन पिंडदान, पुरोहितों ने किया खारिज

 तीर्थ पुरोहित इसे धर्म के साथ मजाक बता रहे हैं.बता दें की मोक्ष नगरी गया में पितृपक्ष मेला शुरू हो गया है.इस साल करीब आठ लाख श्रद्धालुओं के आने की उम्‍मीद है.  

Sep 17, 2019, 11:39 AM IST

पिंडदान की अनोखी कहानी, ये परिवार अपने साथ पूर्वजों का भी कराते हैं एसी टिकट

कोने-कोने लाखो हिन्दू सनातन धर्मावलम्बी अपने-अपने पितरों को उद्धार और मोक्ष दिलाने के लिए गया में पिंडदान, तर्पण व श्राद्ध कार्य करते है. 

Sep 17, 2019, 11:18 AM IST

विरासत: मोक्ष की नगरी गया

गया पूर्वजों की मुक्ति का मुख्यद्वार है. मगध की इस पवित्र भूमि पर आए बिना मोक्ष नहीं मिल सकता .

Sep 16, 2019, 02:09 PM IST

आ गई है पिंडदान की ऑनलाइन सेवा, लोग जिंदा रहते करा रहे हैं अपना पिंडदान

ऑनलाइन पूजा (Online Puja), ऑनलाइन दर्शन, ऑनलाइन आरती के बाद अब यह नया ऑनलाइन धंधा और दो कदम आगे है. बस एक फॉर्म भरिए, पैसे दीजिए और हो गया आपका पिंडदान (pind daan).

Sep 15, 2019, 12:17 AM IST

आराधना: जानिए, कहां किया था श्रीराम ने पिता दशरथ का श्राद्ध

16 दिन में पितरों को पिण्डदान किया जाता है. पितृ पक्ष के श्राद्ध को कानागत भी कहते हैं. श्राद्ध में काला तिल अर्पित करने की परंपरा है. देखिए, आराधना...

Sep 13, 2019, 11:35 AM IST

VIDEO: अपराधियों के आगे नतमस्तक हुए बिहार के डिप्टी सीएम, बोले- पितृ पक्ष में न करें अपराध

बिहार के डिप्टी सीएम सुशील मोदी गया में अपराधियों से हाथ जोड़कर अपील करते दिखे कि पितृपक्ष में कम से कम अपराध न करें

Sep 25, 2018, 06:25 AM IST

श्राद्ध के लिए सर्वोत्‍तम स्थान है गया

वैदिक परंपरा और हिन्दू मान्यताओं के अनुसार पितरों के लिए श्रद्धा से श्राद्ध करना एक महान और उत्कृष्ट कार्य है। मान्यता के मुताबिक पुत्र का पुत्रत्व तभी सार्थक माना जाता है जब वह अपने जीवन काल में जीवित माता-पिता की सेवा करें और उनके मरणोपरांत उनकी मृत्यु तिथि (बरसी) तथा महालय (पितृपक्ष) में उसका विधिवत श्राद्ध करें।

Sep 19, 2013, 02:36 PM IST