पितृ पक्ष

Sarv Pitru Amavasya: आज है पितरों की विदाई का अंतिम दिन, अमावस्या और अभिजीत मुहूर्त में जरूर करें ये काम

15 दिन की अवधि तक चलने वाले श्राद्ध का आज अंतिम दिन है. आश्विन माह की अमावस्या को पितृ विसर्जन अमावस्या (Pitru Visarjan Amavasya) कहा जाता है. इस दिन पितरों को विदा कर दिया जाता है.

Sep 17, 2020, 08:59 AM IST

मलमास में किन तिथियों में कर सकते हैं खरीदारी और शुभ कार्य, जानिए यहां

आश्विन महीने में शुरू होने वाला अधिमास अक्टूबर तक जारी रहेगा. मान्यता है कि इस दौरान कोई भी शुभ कार्य नहीं किया जाना चाहिए. ज्योतिर्विद मदन गुप्ता सपाटू से जानिए मलमास में खरीदारी और नए कार्य शुरू करने की शुभ तिथियां.

Sep 8, 2020, 11:48 AM IST

जब स्वयं भगवान श्रीकृष्ण ने बताया, कैसे होते हैं प्रेत

पितृ पक्ष का समय चल रहा है. ऐसे में गरुड़ पुराण का वाचन या श्रवण करना सभी पापों से मुक्ति देने वाला होता है. यह पुराण भगवान श्रीकृष्ण ने अपने भक्त और वाहन गरुड़ जी को सुनाया था. इसी में एक प्रसंग आता है, जब भगवान बताते हैं कि प्रेत कैसे होते हैं और उनका आचरण कैसा होता है.   

Sep 4, 2020, 05:48 PM IST

कोविड-19 के दौरान वीरान वाराणसी का 'पिशाच कुंड', जानिए इससे जुड़ी खास बातें

कोविड-19 (COVID 19) के बढ़ते प्रकोप की वजह से 2020 में पितृ पक्ष के नियमों में भी बदलाव आ गया है. पितृ पक्ष के दौरान वाराणसी (Varanasi) का पिशाच कुंड वीरान नजर आ रहा है.

Sep 3, 2020, 01:32 PM IST

आश्विन और अधिमास में किन चीजों का करें दान, जानिए उनके विशेष लाभ

सनातन परंपरा में दान का बहुत महत्व है. अलग-अलग इच्छाओं को पूरा करने से लेकर कुछ रस्मोरिवाजों और दोषों, पापों आदि को दूर करने तक के लिए हम अन्नदान, अंगदान, वस्त्रदान, द्रव्यदान, पुस्तकदान आदि करते हैं. तमाम चीजों के लिए दिए जाने वाले दान का एक आधार होता है.

Sep 2, 2020, 11:50 AM IST

पितृ पक्ष में न करें खरीदारी और न ही कोई शुभ कार्य, जानें इसके पीछे की खास वजह

पितृ पक्ष (Pitra Paksh) के दौरान पितरों के नाम पर जो भी दान-पुण्य या भोजन तर्पण इत्यादि किया जाता है, उसमें पशु-पक्षियों व वनस्पति की सहभागिता प्रमुखता से मानी जाती है.

Sep 2, 2020, 09:10 AM IST

कोरोना काल में साधारण विधि से घर में ही करें श्राद्ध, बदलें दान का स्वरूप

हिंदू धर्म सदा से ही खुद को समय, स्थान व स्थिति अनुसार ढालता आया है और इसीलिए इसे सनातन धर्म कहते हैं. ज्योतिर्विद मदन गुप्ता सपाटू से जानिए, कोरोना काल में श्राद्ध (Shradh) करने का तरीका  

Aug 30, 2020, 05:25 PM IST

श्राद्ध को लेकर हैं कई मान्यताएं और धारणाएं, जानें कब से कब तक है पितृ पक्ष

हिंदू धर्म में श्राद्ध का विशेष महत्व होता है. जानिए श्राद्ध से जुड़ी सभी बातें.

Aug 26, 2020, 11:46 AM IST

नवरात्र से पहले हो सकती है शिवसेना-BJP गठबंधन की घोषणा, अमित शाह लेंगे अंतिम फैसला

शिवसेना (Shivsena) बीजेपी (BJP) से सीट बंटवारे में कम से कम 125 सीटों से ज्यादा की मांग पर अड़ी हुई है. यही वजह है कि बीजेपी (BJP) और शिवसेना (Shivsena) के चुनाव पूर्व गठबंधन (Alliance) का मामला खिंचता जा रहा है. 

Sep 26, 2019, 05:30 PM IST

पितरों को मोक्ष दिलाने के लिए घर बैठे कीजिए ऑनलाइन पिंडदान, पुरोहितों ने किया खारिज

 तीर्थ पुरोहित इसे धर्म के साथ मजाक बता रहे हैं.बता दें की मोक्ष नगरी गया में पितृपक्ष मेला शुरू हो गया है.इस साल करीब आठ लाख श्रद्धालुओं के आने की उम्‍मीद है.  

Sep 17, 2019, 11:39 AM IST

पिंडदान की अनोखी कहानी, ये परिवार अपने साथ पूर्वजों का भी कराते हैं एसी टिकट

कोने-कोने लाखो हिन्दू सनातन धर्मावलम्बी अपने-अपने पितरों को उद्धार और मोक्ष दिलाने के लिए गया में पिंडदान, तर्पण व श्राद्ध कार्य करते है. 

Sep 17, 2019, 11:18 AM IST

विरासत: मोक्ष की नगरी गया

गया पूर्वजों की मुक्ति का मुख्यद्वार है. मगध की इस पवित्र भूमि पर आए बिना मोक्ष नहीं मिल सकता .

Sep 16, 2019, 02:09 PM IST

आ गई है पिंडदान की ऑनलाइन सेवा, लोग जिंदा रहते करा रहे हैं अपना पिंडदान

ऑनलाइन पूजा (Online Puja), ऑनलाइन दर्शन, ऑनलाइन आरती के बाद अब यह नया ऑनलाइन धंधा और दो कदम आगे है. बस एक फॉर्म भरिए, पैसे दीजिए और हो गया आपका पिंडदान (pind daan).

Sep 15, 2019, 12:17 AM IST

आराधना: जानिए, कहां किया था श्रीराम ने पिता दशरथ का श्राद्ध

16 दिन में पितरों को पिण्डदान किया जाता है. पितृ पक्ष के श्राद्ध को कानागत भी कहते हैं. श्राद्ध में काला तिल अर्पित करने की परंपरा है. देखिए, आराधना...

Sep 13, 2019, 11:35 AM IST

VIDEO: अपराधियों के आगे नतमस्तक हुए बिहार के डिप्टी सीएम, बोले- पितृ पक्ष में न करें अपराध

बिहार के डिप्टी सीएम सुशील मोदी गया में अपराधियों से हाथ जोड़कर अपील करते दिखे कि पितृपक्ष में कम से कम अपराध न करें

Sep 25, 2018, 06:25 AM IST

श्राद्ध के लिए सर्वोत्‍तम स्थान है गया

वैदिक परंपरा और हिन्दू मान्यताओं के अनुसार पितरों के लिए श्रद्धा से श्राद्ध करना एक महान और उत्कृष्ट कार्य है। मान्यता के मुताबिक पुत्र का पुत्रत्व तभी सार्थक माना जाता है जब वह अपने जीवन काल में जीवित माता-पिता की सेवा करें और उनके मरणोपरांत उनकी मृत्यु तिथि (बरसी) तथा महालय (पितृपक्ष) में उसका विधिवत श्राद्ध करें।

Sep 19, 2013, 02:36 PM IST