मित्रों अब से कुछ ही देर में ईरान के सर्वोच्च नेता अली खामने को सुपुर्दे खाक किया जाएगा. उन्हें दफनाने के तुरंत बाद क्या होगा? यह सवाल भी है और बड़ा खतरा भी है क्योंकि ईरान की मिसाइलें अमेरिकी ठिकानों की तरफ फिर से तन गई हैं. दोनों देश बीते 48 घंटे से हथियारों के साथ जंग में है.यह सम्मान की लड़ाई नहीं है. आन की लड़ाई है और आन की लड़ाई ज्यादा विध्वंसक होती है क्योंकि इसमें सिर्फ अपने ईगो का ख्याल रखा जाता है. दुनिया के हित नहीं इसलिए पूरी दुनिया टेंशन में है.
Iran Nuclear Deal: ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन ने अमेरिका को दो टूक जवाब दिया है. उन्होंने साफ किया है कि शांति समझौते में ईरान का मिसाइल कार्यक्रम शामिल नहीं है. उन्होंने कहा कि भविष्य में भी मिसाइल कार्यक्रम किसी भी ऐसे समझौते का हिस्सा नहीं बनेगा. पूरी खबर पढ़ने के लिए नीचे स्क्रॉल करें.
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ईरान पर लगातार नकेल कसते जा रहे हैं. अब उन्होंने ईरान को धमकी भरे अंदाज में कहा है कि वे अपनी न्यूक्लियर साइट्स की जांच कराए नहीं तो डील आगे नहीं बढ़ेगी. इधर होर्मुज से पहले के मुकाबले ज्यादा जहाज गुजर रहे हैं. इसकी तसदीक ट्रंप के एक पोस्ट से हो रही है.
जेडी वेंस ने दावा किया कि ईरान परमाणु निरीक्षकों को वापसी की अनुमति दे सकता है। हाथ न मिलाने के विवाद पर भी उन्होंने सफाई दी. वहीं, हाथ न मिलाने के विवाद पर उन्होंने कहा कि उन्हें किसी ने नजरअंदाज नहीं किया.
अमेरिका और ईरान के बीच की डील 28 फरवरी को अमेरिका, इजराइल और ईरान के बीच युद्ध शुरू हुआ। उसके 107 दिनों के बाद आखिरकार अमेरिका और ईरान की तरफ से पीस डीन यानी शांति समझौते पर साइन करने का ऐलान किया गया। ईरान और अमेरिका 19 जून को स्विट्जरलैंड में शांति समझौते के अंतिम मसौदे पर साइन करेंगे। ईरान की मीडिया ने डील के 14 बिंदुओं को जारी किया जिस पर दोनों देश राजी हैं। हालांकि अमेरिका ने उस पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी। लेकिन आज आपको जानना चाहिए कि साइन से पहले इस डील का भारत समेत पूरी दुनिया पर क्या असर होगा। आज आपको पता चलेगा कि इस डील में किसकी जीत और किसकी हार है। समझौते की शर्तों से किसे फायदा
मित्रों स्टेट ऑफ हार्मोस से सामान्य आवाजाही शुरू होने में भले ही वक्त लगे लेकिन भारत के लिए अच्छी खबर है। भारत के 140 करोड़ लोगों पर इसका क्या असर पड़ेगा?
Donald Trump: ମିଡିଲ୍ ଇଷ୍ଟରେ ପୁଣିଥରେ ଉତ୍ତେଜନା ବଢ଼ିବାର ସଙ୍କେତ ମିଳୁଛି। ଆମେରିକାର ରାଷ୍ଟ୍ରପତି ଡୋନାଲ୍ଡ ଟ୍ରମ୍ପ ଇରାନକୁ ନେଇ ପୁଣି ଆକ୍ରମଣାତ୍ମକ ମନୋଭାବ ପ୍ରଦର୍ଶନ କରିଛନ୍ତି। କିଛି ଦିନ ପୂର୍ବରୁ ଇରାନ ସହ ଉଚ୍ଚସ୍ତରୀୟ ଆଲୋଚନା ଚାଲିଥିବା କହି ସାମରିକ କାର୍ଯ୍ୟାନୁଷ୍ଠାନକୁ ସ୍ଥଗିତ ରଖାଯାଇଥିବା ଦାବି କରିଥିବା ଟ୍ରମ୍ପ ବର୍ତ୍ତମାନ ଇରାନର ଦାବିକୁ ଖଣ୍ଡନ କରିଛନ୍ତି।
US Iran Relations: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध समाप्त हो गया है और ईरान भविष्य में परमाणु हथियार नहीं बनाने पर सहमत हो गया है. ट्रंप ने यह भी कहा कि दोनों देशों के बीच शांति समझौता अंतिम चरण में है. हालांकि ईरान ने इन दावों की पुष्टि नहीं की है.
Trump on Iran: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के सुप्रीम लीडर से मिलने की इच्छा जताते हुए कहा कि अगर इससे संघर्ष खत्म होता है तो यह उनके लिए सम्मान की बात होगी. ट्रंप ने ईरान के साथ शांति समझौते की उम्मीद जताई, लेकिन साथ ही चेतावनी दी. पूरी खबर पढ़ने के लिए नीचे स्क्रॉल करें.
Iran Nuclear Deal: अमेरिका और ईरान के बीच तनाव चरम पर पहुंच गया है. बिगड़े हालात और अभी तक कोई न्यूक्लियर डील न होने के बावजूद दोनों देश बातचीत जारी रखने पर सहमत हुए हैं. बातचीत का अगला दौर जिनेवा में तय है.
US Iran Nuclear Deal: अमेरिका और ईरान के बीच न्यूक्लियर प्रोग्राम पर जिनेवा में दूसरे राउंड की बातचीत जारी है. दोनों देशों के बीच तनाव के बावजूद समझौते की संभावनाओं को तलाशा जा रहा है. दुनिया इन ज़रूरी बातचीत के नतीजों पर नजर रखे हुए है.
Trump on Iran Nuclear Deal: डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान से न्यूक्लियर डील की बातचीत के अगले राउंड में “स्मार्ट” तरीके से काम करने को कहा, जिससे बातचीत से पहले अमेरिका के कड़े रुख का संकेत मिलता है.
Iran Nuclear Deal: ईरान के उप विदेश मंत्री सईद खतीबजादेह ने कहा कि ईरान अमेरिका के साथ एक शांतिपूर्ण परमाणु समझौता चाहता है, लेकिन अपनी राष्ट्रीय सुरक्षा से कोई समझौता नहीं करेगा. उन्होंने वाशिंगटन पर विरोधाभासी संदेश भेजने का आरोप लगाया.
IAEA प्रमुख राफेल ग्रोसी ने कहा है कि ईरान परमाणु बम बनाने के करीब पहुंच चुका है. उन्होंने इसे एक जिगसॉ पज़ल बताया, जिसके सभी टुकड़े अब ईरान के पास हैं. ग्रोसी तेहरान में ईरानी अधिकारियों से बातचीत करेंगे. यूएस-ईरान के बीच ओमान में हुई वार्ता में यूरेनियम एनरिचमेंट और हथियार बनाने की संभावना पर चर्चा हुई. अमेरिका ने साफ किया कि ईरान को 3.67% से ज़्यादा यूरेनियम एनरिच नहीं करना चाहिए.
Donald Trump Iran Threat: ईरान का परमाणु कार्यक्रम लंबे वक्त से अमेरिका और उसके सहयोगी देशों के लिए चिंता का विषय बना हुआ है. साल 2015 में अमेरिका और कई दूसरे देशों ने ईरान के साथ एक परमाणु समझौता किया था.
Iran Nuclear Deal: ईरान के संसद अध्यक्ष मोहम्मद-बकर कालिबाफ ने, अमेरिका के सैन्य ठिकानों पर हमला करने की चेतावनी दी है. कालिबाफ का यह बयान, अमेरिका द्वारा न्यूक्लियर डील के लिए 2 महीने का वक्त देने को लेकर आया है. बता दें, अमेरिका के ईरान के पड़ोसी देशों में कई सैन्य ठिकाने हैं.
IAEA on Iran Nuclear Deal: ट्रंप ने अमेरिकी राष्ट्रपति के तौर पर अपने पिछले कार्यकाल के दौरान विश्व शक्तियों के साथ ईरान के परमाणु समझौते से अमेरिका को एकतरफा रूप से हटा लिया था. अब ट्रंप की वापसी से इंटरनेशनल एटॉमिक एनर्जी एजेंसी के चीफ चिंतित हैं.
अमेरिका ईरान के सैन्य परमाणु कार्यक्रम के खिलाफ रहता है. अब अमेरिका के दोस्त ने दुश्मन से हाथ मिला लिया है.
अमेरिका और ईरान के बीच तनावपूर्ण संबंध जगजाहिर हैं. इस बीच ईरान ने 1,650 किमी की रेंज की एक क्रूज मिसाइल विकसित कर ली है. ईरान के एक शीर्ष रिवोल्यूशनरी गार्ड कमांडर ने शुक्रवार को इसकी जानकारी दी.
Iran Tension: पिछले कुछ समय से परमाणु कार्यक्रम को लेकर ईरान लगातार अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सवालों में है. इस बीच उसने अंतरिक्ष में एक ठोस ईंधन वाला रॉकेट लॉन्च कर अमेरिका समेत दूसरे देशों की चिंता और बढ़ा दी है. अमेरिका ने ईरान के इस कदम को ठीक नहीं बताया है.
दुनिया के परमाणु संपन्न सुपर पाॅवर देश (Atomic Power countries) ईरान (Iran) के साथ परमाणु समझौता ( Atomic Deal) फिर से शुरू कर रहे हैं. वैश्विक ताकतें 2015 की परमाणु वार्ता (Atomic Talks) को बहाल करने के लिए वियना में जमा हो गए हैं. यह देखना काफी दिलचस्प होगा कि ईरानी इनकी जाल में फंसता है या फिर इनके सामने घुटने टेक देता है.
कट्टरपंथी माने जाने वाले 60 वर्षीय इब्राहीम रईसी पश्चिमी देशों के कड़े आलोचक हैं. वे अगस्त में हसन रूहानी के बाद राष्ट्रपति के फ़रायज़ अंजाम देंगे.