दिग्विजय सिंह की जीत के लिए 5 क्विंटल मिर्ची से यज्ञ करने वाले महामंडलेश्वर वैराग्यानंद गिरी महाराज इन दिनों गायब चल रहे हैं.
बीजेपी ऑफिस पहुंची साध्वी प्रज्ञा ने अपनी जीत के लिए जनता का आभार व्यक्त किया और कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा कि 'मैं आज बस इतना ही कहूंगी कि अब से मैं आप सब से सीखूंगी.
बाबा ने पूरी मीडिया के सामने दावा किया था कि भोपाल में कांग्रेस प्रत्याशी दिग्विजय सिंह ही जीतेंगे. अगर भोपाल में कोई अन्य प्रत्याशी जीतता है तो वह जल समाधि ले लेंगे. ऐसे में अब पूरी मीडिया बाबा कि तलाश में लगी है, कि आखिर बाबा गए कहां, लेकिन कोई भी बाबा से संपर्क नहीं कर पा रहा है.
वहीं कांग्रेस के सभी उम्मीदवारों का प्रदर्शन बेहद खराब रहा. पार्टी अलाकमानों को उम्मीद थी कि प्रदेश में जनता की नाराजगी भाजपा को इस बार 0 पर समेट कर रख देगी, लेकिन हुआ इसके बिल्कुल विपरीत और उल्टा कांग्रेस को ही एक बार फिर उत्तराखंड की सभी पांच सीटों पर बुरी हार का सामना करना पड़ा.
मुंबईवासी लोकल ट्रेन में बीजेपी के जीतने की खुशी में मिठाई बांटते दिखे. मुंबईकरों ने अपने अलग अंदाज में मोदी की जीत का जश्न मनाया. मुंबई लोकल में सफर करने वाले लोगों ने एक दूसरे को मिठाई खिलाकर खुशी मनाई.
इस चुनाव मे मध्यप्रदेश मे भी सबसे अधिक मतो से जीतने वाले प्रत्याशी का रिकॉर्ड उदय प्रताप को हासिल हुआ है. गुरूवार को मतगणना स्थल पहुंचने के बाद उदय प्रताप सिंह ने मीडिया से चर्चा के दौरान कहा कि कांग्रेस की हार की वजह उसका नेतृत्व और नीतियां हैं.
इस सीट से एआईएमआईएम (ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन) के उम्मीदवार इम्तियाज जलील ने जीत हासिल की. ये पहली बार है कि लोकसभा में एमआईएम के अब दो सांसद होंगे. असदुद्दीन ओवैसी और इम्तियाज जलील.
रिजल्ट आने के बाद भारी मतों से जीत हासिल करने के बाद साध्वी प्रज्ञा अपनी जीत का जश्न मनाने भोपाल के न्यू मार्केट पहुंचीं, जहां उन्होंने कार्यकर्ताओं संग आईसक्रीम खाकर अपनी जीत सेलिब्रेट की.
भाजपा ने इस बार अपने दो सांसदों के टिकट काटकर नए चेहरों को मैदान में उतारा था, लेकिन इसके बावजूद परिणाम उसके पक्ष में ही रहे. प्रदेश की पांचों सीटों पर जीतने वाले भाजपा प्रत्याशियों और उनके निकटतम प्रतिद्वंदियों के बीच सवा दो लाख से लेकर तीन लाख मतों का अंतर रहा.
कांग्रेस का 16 राज्यों में खाता भी नहीं खुला और बीजेपी ने पश्चिम बंगाल से लेकर ओडिशा तक में जीत का परचम लहराया है.
लोकसभा चुनाव 2019 के चुनाव परिणामों में बीजेपी 300 सीटों के पार चली गई है. लगातार वह दूसरी बार सत्ता में अपने दम पर लौट रही है. कांग्रेस के बाद ऐसा करने वाली बीजेपी दूसरी पार्टी है.
लोकसभा चुनाव में अपनी पार्टी छोड़कर दूसरी पार्टी का दामन थामने वाले ‘दल बदलुओं’ का प्रदर्शन अच्छा नहीं रहा और चुनाव आयोग के आंकड़ों के अनुसार ऐसे 76 उम्मीदवारों में से अधिकतर अपनी सीटों पर हार की कगार पर हैं.
अमेठी के मुख्य बाजार और जिलाधिकारी कार्यालय के निकट तिराहे पर भाजपा कार्यकर्ता बडी संख्या में एकत्र हो गये. वे आपस में एक दूसरे को जीत की बधाई देते हुए नजर आये. राहुल गांधी द्वारा स्मृति को जीत की बधाई दिये जाने की खबर पर इन कार्यकर्ताओं के बीच चर्चा हो रही थी
उज्जैन लोकसभा सीट से भाजपा के प्रत्याशी अनिल फिरोजिया ने कांग्रेस के बाबूलाल मालवीय को 3,65,637 मतों के अंतर से हराया. खरगोन लोकसभा सीट से भाजपा के प्रत्याशी गजेन्द्र सिंह पटेल ने कांग्रेस के गोविन्द मुजाल्दा को 2,02,510 मतों के अंतर से हराया.
भाजपा ने 542 लोकसभा सीटों में से पांच सीटों पर जीत दर्ज कर ली थी और 294 अन्य पर बढ़त बनाये हुए थी. नागपुर से भाजपा उम्मीदवार गडकरी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जो विकास कार्य किये हैं वह गत 50 वर्षों में बेजोड़ हैं.
लोकसभा चुनाव 2019 के नतीजों में बीजेपी ने 350 के पार सीटों पर बढ़त बनाई हुई है, वहीं कांग्रेस पार्टी अपने गठबंधन के सहयोगियों के साथ 86 सीटों पर सिमट कर रह गई हैं.
प्रदेश में कांग्रेस के ना तो किसान कर्जमाफी के वादे काम आए और ना ही बिजली बिल में कटौती के दावे. 2014 के लोकसभा चुनाव में 2 सीटें अपने नाम करने वाली कांग्रेस से इस बार एक और सीट छिन गई.
मांड्या लोकसभा सीट पर यह चर्चा का विषय था कि ‘‘डोड्डा गौदारा मौमागा’’ (देवगौड़ा के पौत्र) या ‘‘मंड्या दा सोसे’’ (मंड्या की बहू) के बीच बाजी कौन मारेगा.
पूर्ववर्ती शाही परिवारों के 12 उम्मीदवारों में से बीजेपी की तरफ से लड़ रहे चार उम्मीदवार ही अपने निकटतम उम्मीदवारों से बढ़त लिये हुए हैं जबकि शेष पीछे चल रहे हैं.
अभिनेता सिद्धार्थ ने सिलसिलेवार कई ट्वीट किए हैं. एक अन्य ट्वीट में उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को प्रचंड बहुमत मिलने पर बधाई दी.
बीजेपी ने ममता बनर्जी के गढ़ पश्चिम बंगाल में 42 में से 18 सीटों पर बढ़त बनाई हुई है. जबकि राज्य की सत्ताधारी टीएमसी ने 23 सीटों पर जीत दर्ज की है.
शशि थरूर ने कहा कि वह खुद को ऐसे बल्लेबाज की तरह महसूस कर रहे हैं जिसने शतक लगाया लेकिन उसकी टीम हार गई.