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नवरात्र विशेषः जानिए कैसा है देवी सिद्धिदात्री का स्वरूप

मां दुर्गा की नवीं शक्ति का नाम सिद्धिदात्री है. मां सिद्धिदात्री चार भुजाओं वाली हैं. जब देवी का स्वरूप युद्ध में रत होता है तो इनका वाहन सिंह है. लेकिन भक्तों और साधकों दर्शन देते हुए देवी सुखासन में अष्टकमल पर विराजित होती हैं. उनका यह स्वरूप परम शांति देने वाला और मोक्षकारी है. इसलिए माता को सुखदायिनी भी कहा गया है.

Apr 2, 2020, 10:57 PM IST

देखिए, लॉकडाउन में कैसे मनी रामनवमी, बिल्कुल बाहर नहीं निकले लोग, घरों में ही किया पूजन

साल भर का त्योहार, नौ दिन का व्रत, मंदिर में देव दर्शन और कन्या खिलाने का संकल्प, इस बार ऐसा कुछ नहीं हुआ. लोगों ने घर में ही नवमी पूजा की और सोशल डिस्टेंसिंग को अपनाते हुए राष्ट्रहित के धर्म को सबसे ऊपर माना. मंदिरों में पुजारियों ने पूजा की. सनातनी संस्कार देश हित को सबसे ऊंचा बताते हैं, श्रद्धालुओं ने गुरुवार को इसे साबित किया. 

Apr 2, 2020, 08:04 PM IST

रामनवमी विशेषः श्री राम ने भी की थी देवी शक्ति की आराधना, जानिए क्या था कारण

साहित्य की ओर नजर डालें तो लिखने वालों ने शक्ति के विषय में खूब बल लगाकर लिखा है. इन सबके बीच सूर्य कांत त्रिपाठी निराला का लिखित काव्य ‘राम की शक्ति पूजा’ स्मरणीय है. हालांकि निराला ने केवल एक पौराणिक गाथा को केवल शब्द ही दिए हैं, लेकिन किसी भी स्वरूप में ईश्वर का स्मरण हर भाव को पवित्र और अमर बना देता है. 

Apr 1, 2020, 09:55 PM IST

रामनवमी विशेषः जानिए क्या कहते हैं जन-जन के राम, क्या है रामकथा का संदेश

रामकहानी ऐसी मंथराओं से सतर्क रहने का मर्म भी समझाती है जो गाहे-बगाहे ही आपके वनवास का इंतजाम कर डालती हैं. मंथरा कोई व्यक्ति नहीं बल्कि हर व्यक्ति में छिपी उसकी ईर्ष्या (जलन) की भावना है. मनुष्य  जलन तत्व से ही प्रतिस्पर्धी बनता है, लेकिन यह ईर्ष्या जब बढ़ जाए तो भस्म करने लगती है. 

Apr 1, 2020, 09:05 PM IST

नवरात्र विशेषः जानिए कैसे मिला मिला मां अंबे को उनका जग प्रतिष्ठित दुर्गा नाम

धरती पर अनायास हुए परिवर्तन की सारी गाथा कहने एक दूत पाताल की ओर भाग चला. दुर्गम से उसने पृथ्वी की हरियाली का हालसुनाते हुए कहा-राक्षसराज आपका प्रभाव समाप्त हो गया. इस बात से क्रोधित असुर ने उसका शीष काट डाला और खुद ही सारा रहस्य समझने सेना सहित चल पड़ा. 

Apr 1, 2020, 07:44 PM IST

नवरात्र विशेषः जानिए, देवी ने क्यों लिया शताक्षी और शाकंभरी अवतार

दुर्गमासुर ने देखा कि देवता वेदमंत्रों की शक्ति से संचालित होते है और यज्ञ की हवि से उन्हें ऊर्जा मिलती है तो उसने छल का सहारा लिया. असुर ने कठोर तपस्या कि और ब्रह्मदेव से चारों वेद मांग लिए, संसार से इस ज्ञान को लुप्त करने की मांग कर दी. चैत्र अष्टमी पर पढिए देवी महागौरी के दो दिव्य अवतारों की कथा.

Apr 1, 2020, 07:18 PM IST

नवरात्र स्पेशलः देवी के कालरात्रि स्वरूप की उत्पत्ति और ऐसे हुआ रक्तबीज का वध

शुंभ-निशुंभ को आता देख देवता समझ गए कि यह युद्ध का अंतिम चरण है. वह भी आकाश में प्रकट हो गए. देवी चंडिका और देवी कालरात्रि ने सभी असुरों का वध कर देवताओं को अभयदान दिया.

Mar 31, 2020, 09:01 PM IST