pankaj ramendu

मां बनोगी तो ये तो होगा ही

हम जब भी नारी महिमा की बात करते हैं तो कहते भी हैं कि “अब तक लोगों की इस तथ्य पर जा पाई बिल्कुल दृष्टि नहीं, नर सब कुछ है कर सकता पर कर सकता है सृष्टि नहीं.”

मई 11, 2019, 10:30 PM IST

नदी तुम भी औरत ही तो हो...

फिल्म ही नहीं आपको हकीकत में भी आए दिन औरत को सजा के तौर पर नग्न करके घुमाने की खबरें मिलती ही रहती है. गोया औरत को नग्न करना ही उसकी सबसे बड़ी सजा है.

मई 3, 2019, 03:38 PM IST

पृथ्वी दिवस मत मनाइए बल्कि खुद को बचाइए

विज्ञान जानने वाले को मालूम है कि किसी भी ग्रह पर जीवन संभव तभी है अगर वहां पर मुक्त ऑक्सीजन मौजूद है. जहां तक पानी का सवाल है तो वो पृथ्वी के अलावा कई दूसरे हिस्सों में मिला है. लेकिन ऑक्सीजन ही वो चीज़ है जो पृथ्वी को महत्वपूर्ण बनाती है.

Apr 22, 2019, 02:25 PM IST

संस्कृति-सभ्यता रटते तोते पानी नहीं बचा सकते

देश की राजधानी दिल्ली से महज़ 4-5 घंटे और 235 किलोमीटर की दूरी पर राजस्थान और हरियाणा की सीमा पर एक गांव है शेरडा. हनुमानगढ़ जिले की भादरा तहसील में आने वाली शेरडा पंचायत में तहसील के तीन गांव आते हैं. 

Mar 27, 2019, 04:30 PM IST

World water day 2019: रोटी के दाम चुकाती धरती

ये समझना बेहद ज़रूरी है कि धरती के नीचे मौजूद पानी उस टूथपेस्ट की तरह है जिसे जितनी तेजी से बाहर निकाला जा सकता है उतनी ही तेजी से अंदर नहीं डाला जा सकता है.

Mar 22, 2019, 03:17 PM IST

औरत और पानी सिर्फ ‘ज़रूरत’ की निशानी

घर के कामों से लेकर खेत में पानी देने तक दिन भर पानी में डूबी रहने वाली ये महिलाएं अपने अस्तित्व को न गिने जाने के बावजूद प्रकृति के साथ किए गए अत्याचार का सबसे ज्यादा फल भुगत रही है. 

Mar 8, 2019, 12:55 PM IST

सीहोर का गांव दे रहा सीख- 'पानी बनाया तो नहीं, लेकिन बचाया जा सकता है'

सुबह स्कूल जाने वाले बच्चों का काफी वक्त स्कूल के पास ही लगे हैंडपंप के पास खड़े होने में बीत जाता है. मुश्किल से चलने वाला ये हैंडपंप कई बार चलाने पर एक लोटा पानी निकालता है.

Feb 21, 2019, 11:26 AM IST

अयोध्याज राम टेंपल इन कोर्ट: अदालत में मंदिर और मस्जिद

165 साल के निचोड़ के रूप में तैयार की गई किताब का निचोड़ भी आपको पुस्तक के अंत में मिल जाता है यानि अगर आप महज़ दो पन्नो में भी पूरे विवाद को और इसके क्रोनोलॉजिकल ऑर्डर को समझना चाहते हैं तो आप वो भी कर सकते हैं.

Jan 24, 2019, 03:39 PM IST

क्या गंगा एक ‘बाथटब’ है?

कुंभ लग गया है. अच्छे से चल रहा है. सरकार ने 3200 हेक्टेयर ज़मीन पर लगने वाले इस विश्व के सबसे बड़े जमावड़े के लिए 4200 करोड़ रुपए का बजट तय किया है.

Jan 22, 2019, 09:50 PM IST

घने जंगलों के बीच भारत की तीसरी सबसे प्रदूषित दुनिया

इस बात पर ध्यान देना जरूरी है कि क्या अब सिंगरौली पर और नए उद्योग लगाए जाने चाहिए, क्या यहां का पर्यावरण उसे बर्दाश्त कर सकता है.

Dec 3, 2018, 05:00 PM IST

स्टेन ली और कॉमिक्स की दुनिया: सुपर हीरो जिनसे पढ़ना सीखा...

जिन सुपरहीरो ने हमें उम्मीद दी, उन तमाम सुपर हीरो को बच्चों की दुनिया में लाने वाले स्टेन ली 12 नवंबर को दुनिया को अलविदा कह गए हैं.

Nov 15, 2018, 02:35 PM IST

Pollution : खुद को बचाइए, धरती कहीं नहीं जा रही...

हमने अपनी कब्र खोदनी शुरू कर दी है. हम अपने ही पैदा किए हुए जहर में घुट-घुट कर मर जाएंगे.

Nov 5, 2018, 01:49 PM IST

स्वामी साणंद जैसे समर्पित लोगों का बलिदान ज़ाया नहीं जाना चाहिए

जब स्वामी ज्ञानस्वरूप साणंद की मौत की खबर सुनी तो उनके यही वाक्य मेरे कान में गूंज गए जो उन्होंने उस दौरान हमसे कहे थे कि अब वो चाहते हैं कि जल्दी से जल्दी बस प्राण निकलें.

Oct 12, 2018, 03:15 PM IST

‘बधाई हो गणेश हुआ है’

कभी किसी घऱ में लड़के के पैदा होने पर ‘बधाई हो गणेश’ हुआ है सुनने का नहीं मिला. वहां बधाई हो लड़का हुआ है ही बोला जाता है. 

Oct 11, 2018, 03:10 PM IST

स्वार्थ के आगे बौनी है पर्यावरण की चिंता

स्वामी ज्ञानस्वरूप सानंद यानि प्रोफेसर जीडी अग्रवाल गंगा एक्ट बनाने के लिए लड़ाई लड़ रहे हैं, जिसका मूल यही है कि गंगा के उद्गम से 250 किमी के दायरे तक कम से कम उसके किनारे किसी तरह का कोई निर्माण ना किया जाए.

Sep 22, 2018, 10:25 AM IST

शिक्षक वो जो ‘कहे ऐसा भी हो सकता है’

हम आज भी लॉर्ड मैकाले के तरीके का अनुसरण कर रहे है. जिसका मकसद भारत में शिक्षा फैलाना नहीं था बल्कि ऐसी बाबुओं की कौम तैयार करना था जो सत्ता की कमांड को मान सके.

Sep 5, 2018, 08:14 PM IST

खुशियों का पीरियड

दरअसल, ज़रूरत शिक्षा में सहजता की है. जिस देश में गुरू पहले शिक्षक बने और फिर वो संविदा शिक्षक हो गए, वहां पर नौकरी ही की जा रही है. जबकि शिक्षा देना कोई नौकरी नहीं है. 

Aug 23, 2018, 02:13 PM IST

आजादी के 71 साल: 'खड़िया के घेरे' में हैं इंसान की आजादी

हम अपनी आज़ादी की 71वीं वर्षगांठ मना रहे हैं लेकिन क्या हम वाकई में आजाद हैं. दरअसल सभ्यता के विकास से लेकर अब तक हम कभी आजाद हुए ही नहीं है. जिस तरह से लाश को श्मशान तक ले जाते वक्त कंधे बदले जाते हैं उसी तरह हमने बस गुलामी के कंधे बदले हैं. 

Aug 15, 2018, 09:22 AM IST

Opinion: बालिका गृह की लड़कियो, तुम्हारा 'वजूद' ही नहीं है...

बालिका गृह में जिंदगी बिता रहीं लड़कियां, घर से भागी हुईं ये लड़कियां, किसी नशे में गिरफ्त ये लड़कियां या किसी की भूल समझे जाने पर यूं ही सड़क पर छोड़ दी गईं ये लड़कियां आसान शिकार इसलिए भी हैं, क्योंकि समाज में इनका कोई अस्तित्व नहीं है.

Aug 7, 2018, 01:27 PM IST

गीत उन्मन है, ग़ज़ल चुप है, रुबाई है दुखी और वो 'नीरज का दौर'

बाबरी मस्जिद विध्वंस को हुए वक्त गुज़र चुका था. दंगों में झुलसे घर, गाड़ियां और लोग अब धीरे-धीरे समय की बारिश से धुल कर अपने धूसर रंग को उतार रहे थे. भोपाल में हर साल लगने वाले उत्सव मेले में पिछले चार पांच साल से फीके पड़े कवि सम्मेलन में इस बार रंग बिखरने की उम्मीद की जा रही थी.

Jul 21, 2018, 03:44 PM IST