क्या आपने कभी सोचा है कि आपकी महंगी कार या कमर्शियल गाड़ी के भारी प्रीमियम के बदले आपको एक टू-व्हीलर की पॉलिसी थमा दी गई हो? Zee Bharat की इस एक्सक्लूसिव रिपोर्ट में हम देश के सबसे बड़े वाहन बीमा घोटाले का पर्दाफाश कर रहे हैं, जिसमें हजारों वाहन मालिक ठगी का शिकार हुए हैं. यह फर्जीवाड़ा तब सामने आया जब रॉयल सुंदरम (Royal Sundaram) जनरल इंश्योरेंस कंपनी ने खुद पुलिस में शिकायत दर्ज कराई. जानें कि कैसे एजेंट WhatsApp और सोशल मीडिया के जरिए आपको लुभावने ऑफर्स देकर फंसाते हैं और आपकी जेब पर डाका डालते हैं. इस वीडियो में आप जानेंगे (Highlights of this Report) कि यह घोटाला कैसे काम करता है.
Car Insurance Scam: हम उन 10 करोड़ वाहन चालकों की बात करेंगे जो हर वर्ष अपने वाहन का इंश्योरेंस कराते है. इंश्योरेंस खत्म होने से 10 से 15 दिन पहले ही अलग-अलग कंपनियों के फोन आपके पास आने लगते है. हर कंपनी अपने इंश्योरेंस को अच्छा और सस्ता बताती है, लेकिन इसी सस्ते के जाल में फंसाकर स्कैमर्स लोगों को ठग रहे है. आज हम आपको अपने इस विश्लेषण में स्कैमर्स की पूरी Modus Operandi के बारे में बताएंगे और ये भी बताएंगे कि आप इससे कैसे बच सकते है. रिपोर्ट देखिए
Motor Car Insurance Policy Claim: मोटर बीमा पॉलिसी में क्लेम को लेकर आ रही परेशानियों को लेकर आज हम आपको कुछ टिप्स और सावधानियां बता रहे हैं. जिन्हें फॉलो करने से एक्सीडेंट और वाहन चोरी के बाद आपके पैसे और समय के साथ संसाधनों का बचत होगी और आप बीमा कंपनी की चिक-चिक से बच पाएंगे.
ମାରୁତି ସୁଜୁକି ଇନସୁରାନ୍ସର ବୀମା ପରାମର୍ଶଦାତା ପୱନ କୁମାର ବିଷ୍ଣୁ କହିଛନ୍ତି ଯେ ବୀମାଭୁକ୍ତ ଘୋଷିତ ମୂଲ୍ୟ ହେଉଛି ବୀମା କମ୍ପାନୀ ଦ୍ୱାରା ସ୍ଥିର ହୋଇଥିବା ସର୍ବାଧିକ ବୀମା ରାଶି, ଯାହା ଦୁର୍ଘଟଣା ସମୟରେ ବୀମାଭୁକ୍ତ ଗାଡି ଚୋରି କିମ୍ବା ସଂପୂର୍ଣ୍ଣ ନଷ୍ଟ ହୋଇଯାଇଥିବା ଗାଡି ମାଲିକଙ୍କୁ ଦିଆଯାଏ। ମୂଳତଃ IDV ହେଉଛି ଯାନର ସାମ୍ପ୍ରତିକ ବଜାର ମୂଲ୍ୟ।
अपनी कार का इंश्योरेंस कराते वक्त आपको एड-ऑन आरटीआई यानी कि रिटर्न टू इनवॉइस भी लेना चाहिए. रिटर्न टू इनवॉयस लेने का एक सबसे बड़ा फायदा आपको ये मिलेगा कि, कार चोरी होने पर इंश्योरेंस कंपनियों द्वारा आपको होने वाले नुकसान की भरपाई कार की वास्तविक कीमत के आधार पर की जाएगी.
वाहन का इंश्योरेंस खरीदते समय बहुत से लोग कन्फ्यूज हो जाते हैं कि 1st पार्टी इंश्योरेंस खरीदें या 3rd पार्टी. कुछ लोगों को इन दोनों इंश्योरेंस का मतलब भी नहीं पता. ऐसे में हम आपको बता रहे हैं कि इन दोनों इंश्योरेंस में क्या अंतर होता है और कौन सा इंश्योरेंस बेहतर रहेगा.
1st party vs 3rd party insurance: वाहन का इंश्योरेंस खरीदते समय बहुत से लोग कन्फ्यूज हो जाते हैं कि 1st पार्टी इंश्योरेंस खरीदें या 3rd पार्टी. कुछ लोगों को इन दोनों इंश्योरेंस का मतलब भी नहीं पता. ऐसे में हम आपको बता रहे हैं कि इन दोनों इंश्योरेंस में क्या अंतर होता है और कौन सा इंश्योरेंस बेहतर रहेगा.
हादसे के बाद जल्द से जल्द इंश्योरेंस क्लेम करें आमतौर पर दुर्घटना के 24 घंटे के अंदर ही क्लेम कर देना चाहिए. अगर इससे ज्यादा देर की जाती है तो हो सकता है कि आपका क्लेम रिजेक्ट कर दिया जाए और आपको एक रुपया भी ना मिले.
पहली जून से जहां कई सरी सेवाओं के दाम में इजाफा हुआ है. तो वहीं कुछ चीजें सस्ती भी हुई हैं. अपने मंथली बजट को सही से मैनेज करने के लिए आपको 1 जून से हुए इन बदलावों के बारे में जानना जरूरी है.
Third Party Insurance premium Gets Expensive : कार और वाणिज्यिक वाहनों पर बीमा प्रीमियम की दरें जहां महंगी कर दी गई है, वहीं इलेक्ट्रिक वाहनों और स्कूल बसों का थर्ड पार्टी बीमा सस्ता कर दिया गया है.
Third party insurance: ସରକାରଙ୍କ ଦ୍ୱାରା ଜାରି ବିଜ୍ଞପ୍ତିରେ କୁହାଯାଇଛି ଯେ ଥାର୍ଡ଼ ପାର୍ଟି ଇନ୍ସ୍ୟୁରାନ୍ସ ନୂତନ ଦର ୨୦୨୨ ମସିହା ଜୁନ୍ ଠାରୁ କାର୍ଯ୍ୟକାରୀ ହେବ । ଥାର୍ଡ଼ ପାର୍ଟି ଇନ୍ସ୍ୟୁରାନ୍ସର ଶେଷ ପରିବର୍ତ୍ତନ ୨୦୧୯-୨୦ ରେ କରାଯାଇଥିଲା ।
सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय ने बुधवार को अलग-अलग कैटेगरी के वाहनों के लिए थर्ड पार्टी मोटर वाहन बीमा के प्रीमियम में इजाफा कर दिया है जो एक जून से लागू होगा.
Third Party Vehicle Insurance: केंद्र सरकार ने सभी गाड़ियों के थर्ड पार्टी मोटर वाहन बीमा के प्रीमियम को बढ़ाने की घोषणा की है. यह बढ़ोतरी 1 जून से लागू हो जाएगी. ऐसे में आपको नई प्रीमियम दरों के बारे में जानना चाहिए.
1 अप्रैल से सड़क परिवहन एवं हाइवे मंत्रालय ने वाहनों के थर्ड पार्टी इंश्योरेंस को महंगा करने का ऐलान कर दिया है. इसका सीधा असर ग्राहकों की जेब पर पड़ने वाला है और थर्ड पार्टी इंश्योरेंस खरीदना अब महंगा पड़ेगा. यहां हम बता रहे हैं किस तरह के वाहन का बीमा कितना महंगा होगा.
रोड ट्रांसपोर्ट एंड हाइवे मिनिस्ट्री सभी वाहनों के Third Party Insurance के प्रीमियम की रकम में इजाफा करने की तैयारी कर रही है. अप्रैल 2022 से पेट्रोल-डीजल से चलने वाले वाहनों का इंश्योरेंस (Vehicle Insurance) बढ़ेगा, वहीं इलेक्ट्रिक वाहनों का बीमा अब सस्ता हो जाएगा.
भारत में कोई भी व्हीकल खरीदने पर थर्ड पार्टी इंश्योरेंस कराना जरूरी हो गया है.अगर बीमा नहीं कराते हैं तो यह मोटर व्हीकल एक्ट 1988 के तहत अपराध माना जाएगा. चलिए जानते हैं थर्ड पार्टी इंश्योरेंस क्या होता है और इसके क्या-क्या फायदे हैं. देखें वीडियो-
बीमा कंपनियां कई बार आपके कार इंश्योरेंस क्लेम का तत्काल सेटलमेंट नहीं करती हैं या फिर खारिज कर देती हैं. क्लेम मंजूर नहीं होने की स्थिति में क्षतिग्रस्त कार को ठीक कराने के लिए आपको अपनी जेब से भुगतान करना पड़ता है. आइए जानते हैं कैसे आप अपनी गाड़ी का क्लेम ले सकते हैं.
Vehicle Video Inspection: कोरोना महामारी के बीच एक तरफ हम गंभीर हालातों से गुजर रहे हैं, तो दूसरी ओर इस आपदा में हमने कई नई चीजों को अपनाया है, अपनी जिंदगी में शामिल किया है. इसी में से एक है गाड़ियों का वीडियो इंसपेक्शन.
केंद्र सरकार फास्टैग को ऑटोमेटेड टोल फेयर कलेक्शन के तौर पर बढ़ावा दे रही है. वहीं इसके जरिए गाड़ियों का बीमा कराने पर भी कोई कोर कसर नहीं छोड़ रही है. 2021 में इसी को लेकर के दो नियम अलग-अलग तारीखों में जारी हो रहे हैं. जहां 1 जनवरी से फास्टैग अनिवार्य होगा, वहीं 1 अप्रैल से वाहनों का बीमा कराने के लिए फास्टैग विवरण देना भी जरूरी हो जाएगा.
अगर आप भी किसी तरह के दोपहिया या फिर चार पहिया वाहन के मालिक हैं, तो ये खबर आपके लिए एक अलर्ट है.
साधारण बीमा कंपनियां अब वाहनों को भूकंप, बाढ़ जैसी प्राकृतिक आपदाओं, तोडफोड़ और दंगे जैसी घटनाओं से होने वाले नुकसान के लिए अलग से बीमा कवर उपलब्ध कराएगी.
16 जून से लागू होगी बढ़ोतरी में 1500 CC तक की प्राइवेट कार का प्रीमियम 12% तक बढ़ेगा और 120 टन तक की ट्रकों का प्रीमियम भी 10% तक ज्यादा चुकाना होगा.