सावधान! Hackers ने आपको कंगाल बनाने के लिए अपनाया नया पैंतरा, यूजर्स को ऐसे बना रहे हैं शिकार; आप इस तरह बचें

आपका इंटरनेट कनेक्शन बैंडविड्थ भी हैकर द्वारा बेचा जा सकता है. जिससे आपको बहुत नुकसान हो सकता है. 'प्रॉक्सीवेयर' से सुरक्षित रहने के लिए जानिए हैकर को कैसे रोकें...

सावधान! Hackers ने आपको कंगाल बनाने के लिए अपनाया नया पैंतरा, यूजर्स को ऐसे बना रहे हैं शिकार; आप इस तरह बचें

नई दिल्ली. आपको जानकारी हैरानी होगी कि आपके इंटरनेट कनेक्शन बैंडविड्थ की एक कीमत है और हैकर्स इसे बेचते हैं और आपका नुकसान कर रहे हैं. हैकर्स कई वजहों से इंटरनेट से कनेक्टेड डिवाइसेज को टारगेट करते हैं. हैकर्स पैसा चुराने, गुप्त जानकारियां चुराने और रैंसम के लिए डाटा एन्क्रिप्ट करने जैसे कामों के लिए किसी सिस्टम को इंफेक्ट करते हैं. लेकिन, अब हैकर्स प्रॉक्सीवेयर की मदद से लोगों के इंटरनेट कनेक्शन बैंडविड्थ को बेचकर पैसा कमाने के लिए डिवाइसेज को टारगेट कर रहे हैं.

इन यूजर्स को है सबसे ज्यादा खतरा

Cisco Talos ने हाल ही में पाया कि proxyware नाम की टेक्नोलॉजी का गलत इस्तेमाल हैकर्स द्वारा किया जा रहा है. हैकर्स, इसका उपयोग उन पीड़ितों को टारगेट करने के लिए कर रहे हैं जिनके डिवाइस मैलवेयर से इंफेक्टिड हो गए हैं. ZDNet की रिपोर्ट के मुताबिक, Proxyware अपने आप में गैरकानूनी नहीं है और इसका इस्तेमाल सिक्योरिटी जैसे कामों के लिए किया जाता है. कुछ सॉफ्टवेयर जो इस टेक्नोलॉजी का उपयोग करते हैं वो यूजर्स को उनके इंटरनेट कनेक्शन के साथ हॉटस्पॉट क्रिएट करने देते हैं और इसका इस्तेमाल होने पर यूजर्स को पैसा मिलता है.

ऐसे कर रहे हैं टारगेट

अब अपराधियों द्वारा इसे गलत तरीके से इस्तेमाल किया जा रहा है. हैकर्स लोगों की डिवाइसेज को बिना उनकी जानकारी के टारगेट कर रहे हैं और इससे पैसा कमा रहे हैं. वहीं, आम लोगों का इससे नुकसान हो रहा है. चूंकि आम लोगों को इन सब की जानकारी नहीं होती. इसलिए वे अपने इंटरनेट कनेक्शन बैंडविड्थ के किसी भी दुरुपयोग के बारे में नहीं जान पाते हैं.

रिपोर्ट के मुताबिक, प्रॉक्सीवेयर को ट्रोजन इंफेक्टेड इंस्टॉलेशन फाइल की मदद से इंस्टॉल किया जा सकता है. जो एक साथ पीड़ित के कंप्यूटर पर खतरनाक सॉफ़्टवेयर इंस्टॉल कर सकता है.

सेफ रहने के लिए करें ये उपाय:

- उन एप्स को तुरंत डिलीट करें, जिनके बारे में आपको कोई जानकारी नहीं है.
- अपनी डिवाइसेज में एप केवल गूगल प्ले स्टोर या ऐपल ऐप स्टोर जैसी जगहों से ही डाउनलोड करें. हालांकि, खतरा यहां भी बना रहता. लेकिन, कम रहता है.
- सुनिश्चित करें आपका सिक्योरिटी स्कैनपर ऑन हो और ये कम्प्यूटर को लगातार स्कैन करता हो.
- अनजान लिंक को क्लिक करने से बचें.
- पायरेटेड गेम्स और एप्स से बच कर रहें.

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