इस लैटिन अमेरिकी देश ने अपने लोगों को COVID-19 से कैसे बचाया, नहीं हुई एक भी मौत

जबकि दुनिया के सुपर पॉवर अमेरिका ने एक वायरस के आगे घुटने टेक दिए हैं, ऐसे मुश्किल संकट में भी एक ऐसा देश है जिसने अपने नागरिकों को कोविड-19 से बचा लिया है. 

इस लैटिन अमेरिकी देश ने अपने लोगों को COVID-19 से कैसे बचाया, नहीं हुई एक भी मौत

हनोई: जबकि दुनिया के सुपर पॉवर अमेरिका ने एक वायरस के आगे घुटने टेक दिए हैं, ऐसे मुश्किल संकट में भी एक ऐसा देश है जिसने अपने नागरिकों को कोविड-19 से बचा लिया है. इस देश में इस खतरनाक वायरस के कारण एक भी मौत नहीं हुई है. ऐसा भी नहीं है कि इस देश में स्‍वास्‍थ्‍य सुविधाओं बेहद शानदार हैं, बल्कि इसकी गिनती तो ऐसे देशों में होती है जहां की स्‍वास्‍थ्‍य प्रणाली कमजोर है. इस देश में 10 हजार लोगों पर महज 8 डॉक्‍टर हैं. 
 
यहां बात हो रही है लैटिन अमेरिकी देश वियतनाम की,  जिसकी आबादी 97 मिलियन यानि कि 9.7 करोड है. इस देश ने अब तक एक भी कोरोना वायरस से संबंधित मौत की सूचना नहीं दी है और शनिवार तब यहां सिर्फ 328 मामलों की पुष्टि हुई थी. जबकि इसकी चीन के साथ लंबी सीमा है और लाखों चीनी आगंतुक यहां आते हैं. 

इस पर भी अहम बात यह है कि वियतनाम बहुत कम उन्नत स्वास्थ्य प्रणाली के साथ एक निम्न-मध्यम आय वाला देश है. विश्व बैंक के अनुसार, यहां प्रत्येक 10,000 लोगों के लिए केवल 8 डॉक्टर हैं, जो कि अनुपात में दक्षिण कोरिया से एक तिहाई है.

लॉकडाउन तो हटा ही सोशल डिस्‍टेंसिंग भी हटाई 
इस देश ने तीन सप्ताह के राष्ट्रव्यापी लॉकडाउन के बाद अप्रैल के अंत में सोशल डिस्‍टेंसिंग के नियमों को हटा दिया गया है. यहां 40 से अधिक दिनों से किसी भी स्थानीय संक्रमण की सूचना नहीं आई है. व्यवसाय और स्कूल फिर से खुल गए हैं और जीवन धीरे-धीरे सामान्य हो रहा है.

वियतनाम ने अपने पहले मामले का पता चलने के हफ्तों पहले कोरोना वायरस प्रकोप की तैयारी शुरू कर दी थी. जब चीनी अधिकारी और विश्व स्वास्थ्य संगठन कह रहा था कि इसके मानव-से-मानव में संचरण के कोई "स्पष्ट सबूत 'नहीं थे तब भी वियतनाम कोई रिस्‍क नहीं ले रहा था. नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ इंफेक्शन कंट्रोल डिपार्टमेंट के उप प्रमुख फाम क्वांग थाई के कहते हैं, "हम केवल डब्ल्यूएचओ से आने वाले दिशानिर्देशों की प्रतीक्षा नहीं कर रहे थे. हमने जो डेटा बाहर और अंदर (देश) से इकट्ठा किया, उस पर जल्द कार्रवाई करने का फैसला किया." 

जनवरी से शुरु की वुहान से आने वालों की चैकिंग  
जनवरी की शुरुआत में ही हनोई के अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर वुहान से आने वाले यात्रियों के लिए तापमान की जांच होने लगी थी. जिन यात्रियों को बुखार था उन्‍हें आइसोलेट किया गया. जनवरी के मध्य तक तो उप प्रधान मंत्री वु डक डैम, वियतनाम में बीमारी को फैलने से रोकने के लिए सरकारी एजेंसियों को "कठोर उपाय" करने के आदेश देने लगे थे. 

जैसे ही देश ने चंद्र नववर्ष की छुट्टी मनाई उसके तुरंत बाद प्रधान मंत्री गुयेन जुआन फुक ने कोरोना वायरस के खिलाफ लड़ने की घोषणा कर दी. 27 जनवरी को कम्‍युनिस्‍ट पार्टी की एक बैठक में उन्‍होंने कहा, "इस महामारी से लड़ना दुश्मन से लड़ने जैसा है." तीन दिन बाद ही उन्होंने प्रकोप को नियंत्रित करने के लिए एक राष्ट्रीय संचालन समिति का गठन किया - उसी दिन WHO ने कोरोना वायरस के कारण सार्वजनिक स्‍वास्‍थ्‍य आपातकाल घोषित किया था. 

1 फरवरी को जब यहां कोरोना के 6 मामलों की पुष्टि हुई तो वियतनाम और चीन के बीच सभी उड़ानों को रोक दिया गया, इसके बाद अगले दिन ही चीनी नागरिकों का वीजा निलंबित कर दिया गया. मार्च के अंत में तो इसने सभी विदेशियों का प्रवेश बंद कर दिया था.