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'धरती के फेफड़ों' में लगी आग, जी-7 देशों ने मदद के लिए बढ़ाया हाथ तो ब्राजील ने किया मना

अमेजन के जंगलों में इस समय भयानक आग लगी हुई है. अमेजन के जंगलों को पृथ्वी का फेफड़ा कहा जाता है.  

'धरती के फेफड़ों' में लगी आग, जी-7 देशों ने मदद के लिए बढ़ाया हाथ तो ब्राजील ने किया मना
फोटो साभार: Reuters

ब्राजीलिया: ब्राजील के राष्ट्रपति जाएर बोलसोनारो ने अमेजन के जंगलों में लगी आग से निपटने के लिए जी-7 देशों के 2.2 करोड़ डॉलर मदद के प्रस्ताव को अस्वीकार कर दिया है. अमेजन के जंगलों को पृथ्वी का फेफड़ा कहा जाता है.  जी-7 के सहयोग की घोषणा फ्रांस के राष्ट्रपति एमैनुएल मैक्रों ने सोमवार को की. सहायता लेने से इंकार करते हुए बोलसोनारो ने सोमवार रात कहा कि ब्राजील कोई औपनिवेशिक क्षेत्र नहीं है और मैक्रों के प्रस्ताव के पीछे एक छिपा हुआ एजेंडा है. बोलसोनारो के रक्षामंत्री ने कहा कि अमेजन में लगी आग काबू से बाहर नहीं है.

जी-7 के सहायता के प्रस्ताव पर अपने बयान में बोलसोनारो के चीफ ऑफ स्टाफ ओनिक्स लोरेंजोनी ने ग्लोबो न्यूज वेबसाइट से कहा, "धन्यवाद, लेकिन ये स्रोत यूरोप को दोबारा वनीकृत करने में ज्यादा काम आएंगे. " लोरेंजोनी ने पिछले साल अप्रैल में पेरिस के नोटर-डेम केथ्रेडल में आग लगने की घटना का हवाला देते हुए कहा, "मैक्रों विश्व विरासत में शामिल एक चर्च में संभावित आग की घटना तक को रोक नहीं सकते, और वे हमें हमारे देश के लिए सीख दे रहे हैं?"

ब्राजील के विदेश मंत्री अर्नेस्टो अराउजो ने सोमवार को ट्वीट किया, "मैक्रों की सलाह के अनुसार अमेजन के लिए किसी को पहल करने की जरूरत नहीं है, क्योंकि निर्वनीकरण के खिलाफ लड़ाई में संयुक्त राष्ट्र जलवायु सम्मेलन फंड देगा. " सोमवार को चिली के राष्ट्रपति सेबेस्टियन पिनेरा के साथ संयुक्त संवाददाता सम्मेलन के दौरान मैक्रों ने घोषणा करते हुए कहा कि जी-7 देश अमेजन के जंगलों में लगी आग पर काबू पाने के प्रयास में सहयोग करने के लिए 2.2 करोड़ डॉलर की राशि जारी करेंगे.

देश की अंतरिक्ष अनुसंधान एजेंसी इंपे के अनुसार, ब्राजील, खासकर अमेजन के जंगलों में इस समय भयानक आग लगी हुई है.  मैक्रों ने पिछले सप्ताह इस आग को अंतर्राष्ट्रीय संकट बताया था और इस आग के संबंध में जी-7 देशों की आपातकालीन बैठक बुलाई थी.