इन दो देशों की लड़ाई में कूदेगा अमेरिका! दुनिया पर मंडराया विश्व युद्ध का खतरा
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इन दो देशों की लड़ाई में कूदेगा अमेरिका! दुनिया पर मंडराया विश्व युद्ध का खतरा

कोरोना संकट के बीच विश्व युद्ध का खतरा भी मंडरा रहा है. यूक्रेन और रूस के तनाव पर अमेरिका ने जो बयान जारी किया है, उससे स्पष्ट है कि यदि इन दोनों देशों में जंग होती है तो फिर ये लड़ाई महज दो देशों की नहीं रह जाएगी. अमेरिका ने रूस के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की चेतावनी दी है.

इन दो देशों की लड़ाई में कूदेगा अमेरिका! दुनिया पर मंडराया विश्व युद्ध का खतरा

वॉशिंगटन: यूक्रेन और रूस (Ukraine & Russia) के बीच बढ़ते तनाव के जंग का रूप लेने की आशंका प्रबल हो गई है. इस बीच, अमेरिका (America) ने रूस को चेतावनी देते हुए कहा है कि यदि उसने अपने पड़ोसी देश यूक्रेन पर हमला किया तो अंजाम भयानक होंगे. यूएस ने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि हमले की स्थिति में उसके पास कार्रवाई के अलावा कोई विकल्प नहीं रह जाएगा. अब यदि रूस और यूक्रेन में युद्ध होता है और अमेरिका उसमें कूदता है, तो दो देशों की लड़ाई विश्व युद्ध (World War) में भी तब्दील हो सकती है.  

अगले साल खतरनाक होगी स्थिति!

यूक्रेन (Ukraine) ने शुक्रवार को दावा किया कि रूस (Russia) ने सीमा पर 94 हजार से अधिक सैनिकों को तैनात किया है और जनवरी के अंत तक सैनिकों की संख्या में और भी वृद्धि की आशंका है. इस पर व्हाइट हाउस की ओर से रूस के खिलाफ कार्रवाई का बयान दिया गया है. यूक्रेन के रक्षा मंत्री ओलेक्सी रेजनिकोव ने कहा, ‘सीमा के पास और क्रीमिया में रूसी सैनिकों की संख्या 94,300 होने का अनुमान है. हमारी खुफिया एजेंसियों के विश्लेषण से पता चला है कि रूस बड़े पैमाने पर सैनिकों को तैनात कर सकता है. अगले साल तक स्थिति ज्यादा खतरनाक हो सकती है’.

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‘Biden प्रशासन देगा दखल’

व्हाइट हाउस की प्रवक्ता जेन साकी ने शुक्रवार को कहा है कि यदि रूस की ओर से यूक्रेन के खिलाफ किसी तरह की कार्रवाई हुई तो जो बाइडेन (Joe Biden) प्रशासन इसमें दखल देगा. साकी ने आगे कहा कि रूसी राष्ट्रपति ब्लादीमिर पुतिन (Vladimir Putin) ऐसे कदम उठा रहे हैं, जिससे पड़ोसी देश पर हमला कर सकें। इसलिए हम उन इलाकों में पूरी तरह तैयार रहना चाहते हैं. बता दें कि यूक्रेन के पश्चिमी सहयोगी रूस पर यूक्रेन के अलगाववादियों को हथियारों की आपूर्ति करने के आरोप लगते रहे हैं. यूक्रेन का कहना है कि इन्हीं अलगाववादी समूहों ने 2014 में रूस को क्रीमिया पर कब्जा करने में मदद की थी. हालांकि, रूस हमेशा से इन आरोपों को खारिज करता चला आ रहा है.

NATO से किया ये आग्रह

इससे पहले बुधवार को यूक्रेन ने नाटो से आग्रह किया कि वह रूस की तरफ से संभावित हमले को टालने के लिए उस पर आर्थिक प्रतिबंध लगाए. विदेश मंत्री दिमित्रो कुलेबा ने कहा कि वह उत्तरी अटलांटिक संधि संगठन (NATO) के सदस्य देशों के विदेश मंत्रियों से समाधान तलाशने का आग्रह करेंगे. नाटो के विदेश मंत्रियों की मंगलवार से लातविया की राजधानी रीगा में बैठक चल रही है, जिसमें यूक्रेन सीमा पर रूस के हालिया सैन्य निर्माण पर प्रतिक्रिया देने व शीतयुद्ध के बाद पैदा हुई सबसे गंभीर स्थिति से निपटने के उपायों पर चर्चा की जा रही है.

इनपुट: रॉयटर्स 

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