27 साल बाद रूस का खतरनाक युद्धपोत ‘यमराज’ एक बार फिर समुद्र में लौट आया है. हाइपरसोनिक मिसाइलों से लैस यह महाविनाशक जहाज NATO देशों के लिए नई चिंता का कारण बन गया है. इसकी वापसी से वैश्विक सैन्य संतुलन में बड़े बदलाव की आशंका जताई जा रही है.
Which country is known as Beetroot Capital: दुनिया के कई देशों में चुकंदर की खेती बड़े पैमाने पर की जाती है और इसे वहां की कृषि व्यवस्था का अहम हिस्सा माना जाता है. दुनिया के कई बड़े देशों में चुकंदर की खेती शुगर बीट के लिए काफी व्यापक स्तर पर होती है, जिससे बड़ी मात्रा में चीनी तैयार की जाती है. भारत में भी कुछ राज्यों में चुकंदर की खेती होती है लेकिन इस लिस्ट में अभी पीछे है.
Russia-Ukraine Ceasefire: रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने ऑर्थोडॉक्स ईस्टर के मौके पर सीजफायर का ऐलान किया है. यह फैसला ऐसे समय में आया है जब दोनों देशों के बीच संघर्ष लगातार जारी है और हालात बेहद तनावपूर्ण बने हुए हैं. इस अस्थायी शांति को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी निगाहें टिकी हुई हैं कि क्या यह कदम आगे किसी बड़े कूटनीतिक प्रयास की ओर इशारा करता है या सिर्फ एक सीमित मानवीय विराम है.
Air Defence: यूक्रेन की Fire Point कंपनी सस्ता एयर डिफेंस सिस्टम बना रही है, जो Patriot का विकल्प होगा. इसका लक्ष्य 1 मिलियन डॉलर से कम लागत में बैलिस्टिक मिसाइल इंटरसेप्ट करना है, जिससे वैश्विक रक्षा बाजार में बड़ा बदलाव आ सकता है.
US Army Apache Romania Deployment: Apache हेलीकॉप्टर अपनी ताकत और बहुउपयोगी क्षमता के लिए जाने जाते हैं. इन्हें दुश्मन के टैंक, ठिकानों और अब खास तौर पर ड्रोन हमलों को रोकने के लिए इस्तेमाल किया जा रहा है. आजकल युद्ध में सस्ते ड्रोन का इस्तेमाल तेजी से बढ़ा है. जिससे निपटने के लिए Apache एक प्रभावी विकल्प बनकर उभरा है.
एक ओर मिडिल ईस्ट जंग की आग में सुलग रहा है, दूसरी ओर यू्क्रेन के राष्ट्रपति सऊदी अरब पहुंचे हैं. राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने शुक्रवार को सऊदी अरब के साथ एक रक्षा समझौते पर डील की है, जिसके तहत यूक्रेन सऊदी की कई मामलों में मदद करेगा.
ये रोबोट Phantom MK-1 नाम से जाने जाते हैं और इन्हें अमेरिकी स्टार्टअप Foundation ने तैयार किया है. कंपनी के अनुसार फरवरी में इन रोबोट्स को यूक्रेन भेजा गया था. यूक्रेन पहले ही नई सैन्य तकनीकों के परीक्षण का एक बड़ा केंद्र बन चुका है.
5 years of war: रूस-यूक्रेन युद्ध, जो 24 फरवरी 2022 को शुरू हुआ, अब पांचवें साल में प्रवेश कर गया है. चार साल में दोनों पक्षों को लगभग 18 लाख सैनिकों की हानि हुई. बुचा नरसंहार और पलटवार शामिल हैं. ट्रंप की कूटनीति, ड्रोन-मिसाइल हमले और ऊर्जा संकट युद्ध की मुख्य घटनाएं हैं.
Ukraine attack Votkinsk plant: वोटकिंस्क मशीन बिल्डिंग प्लांट रूस के सैन्य और इंडस्ट्री के हिसाब से महत्वपूर्ण है. जानकारी के मुताबिक यहां ठोस ईंधन वाली बैलिस्टिक मिसाइलों का निर्माण और असेंबली की जाती है. माना जाता है कि यहां Iskander और RS-24 Yars जैसी मिसाइल प्रणालियों का उत्पादन होता है. जो रूस की हथियार क्षमता का प्रमुख आधार हैं.
Ukraine Defence deal: यूक्रेन रूस से जारी युद्ध के बीच अपनी वायु शक्ति बढ़ाने की तैयारी में है. वह यूरोपीय संघ से मिलने वाले 90 अरब यूरो ऋण का हिस्सा स्वीडन के ग्रिपेन लड़ाकू विमान खरीदने में खर्च करेगा. 150 जेट की योजना है, पहली डिलीवरी 2026 से संभव है, साथ स्थानीय उत्पादन भी होगा.
Shershen Multi Caliber: Shershen का अर्थ Hornet यानी भंवरा होता है. यह सतह से हवा में मार करने वाली मिसाइल प्रणाली है. इसे पांच अलग-अलग प्रकार की मिसाइलों के साथ परीक्षण किया गया है. इनमें सोवियत दौर की मिसाइलें, विदेशी निर्मित मिसाइलें और भविष्य की यूक्रेनी डिजाइन वाली मिसाइलें शामिल हैं.
Russia-Ukraine War: यूक्रेनी सूत्रों ने दावा किया है कि यूक्रेन में ही विकसित की गई FP-5 फ्लेमिंगो क्रूज मिसाइल का इस्तेमाल रूस के कापुस्तिन यार टेस्ट रेंज पर गहरे हमले के लिए किया गया है. वहीं इस हमले का अमेरिकी सैटेलाइट में निशान नहीं है. जिससे यूक्रेनी दावे का पर्दाफाश हो गया है. एक्सपर्ट का कहना है कि यूक्रेन यह दावा फ्लेमिंगो के लिए फंड हासिल करने के लिए किया गया था.
Ukraine and Sweden Defence deal: रूस से जंग के बीच यूक्रेन की हवाई ताकत जबरदस्त बढ़ सकती है. स्वीडन के Gripen फाइटर जेट्स के साथ यूरोप की खतरनाक Meteor मिसाइल देने पर बातचीत चल रही है. Mach-4 स्पीड और 200 किमी रेंज वाली यह मिसाइल रूसी फाइटर जेट्स की हवा में आजादी खत्म कर सकती है.
Russia and Ukraine War: रूस ने यूक्रेन के खार्कीव क्षेत्र में इस्कंदर-एम बैलिस्टिक मिसाइल से सटीक हमला कर HIMARS लॉन्चर और S-300 एयर डिफेंस सिस्टम के अहम हिस्से नष्ट कर दिए. रूसी रक्षा मंत्रालय के अनुसार, हमले में कई यूक्रेनी सैनिक मारे गए और यूक्रेन की वायु रक्षा क्षमता को गंभीर नुकसान पहुंचा.
Drone attack on ukraine pavlohrad miner: यूक्रेन के पाव्लोहराद में रूस के ड्रोन हमले में 15 माइनर्स मारे गए और 7 घायल हुए हैं. राष्ट्रपति जेलेंस्की ने शांति वार्ता जारी रखने और परिवारों को मदद देने का आश्वासन दिया है.
T-64 Main Battle Tanks: T-64 टैंक सोवियत संघ के दौर में विकसित किए गए थे. यूक्रेन को सोवियत संघ के टूटने के बाद इनकी बड़ी संख्या विरासत में मिली थी. इन टैंकों को यूक्रेन के खारकीव शहर में डिजाइन और तैयार किया गया था. इसी वजह से सोवियत काल में इनका बड़ा हिस्सा यूक्रेन में तैनात था. सोवियत संघ के टूटने के समय यूक्रेन को करीब 2300 T-64 टैंक मिले थे.
US Commando Vehicles for Ukraine: यह कॉन्ट्रैक्ट US-यूक्रेन सिक्योरिटी असिस्टेंस इनिशिएटिव (USAI) के तहत दिया गया है. इसमें यूक्रेन के लिए नया सैन्य सामान खरीदा जाता है. इस डील के तहत वाहन Foreign Military Sales (FMS) प्रक्रिया के जरिए यूक्रेन को दिए जाएंगे. कॉन्ट्रैक्ट का समय तीन साल है. इसमें एक साल के स्पेयर पार्ट्स भी शामिल हैं.
Russia Ukraine War: रूस यूक्रेन जंग में अब एक और नया मोड़ आया है. कहा जा रहा है कि रूस अब यूक्रेन के पॉवर प्लांट्स को निशाना बना रहा है. ऐसे में यूक्रेन के अंधेरे में डूबने का खतरा पैदा हो गया है.
Su-35 fighter jet: रूस-यूक्रेन युद्ध के बीच रूसी लड़ाकू विमानों को लेकर एक बेहद दिलचस्प रिपोर्ट सामने आई है. आमतौर पर माना जाता है कि जो विमान सबसे आधुनिक होता है, वही सबसे ज्यादा शिकार करता है. लेकिन रूस के मामले में 'Su-35' ने अपने से ज्यादा ताकतवर और आधुनिक विमानों को पीछे छोड़ते हुए हवा में सबसे ज्यादा 'किल' यानी दुश्मन के विमान गिराने का रिकॉर्ड बना लिया है.
Tempest air defense system: यूक्रेन और रूस की जंग के बीच एक ऐसी खबर आई है जिसने पुतिन की सेना की टेंशन बढ़ा दी है. यूक्रेन ने पहली बार अमेरिका में बना एक बेहद आधुनिक और खतरनाक एयर डिफेंस सिस्टम 'टेम्पैस्ट' (Tempest) जंग के मैदान में उतारा है. आसमान से बरसने वाली रूसी मिसाइलों और सुसाइड ड्रोन्स को रोकने के लिए यह यूक्रेन का नया और सबसे ताकतवर कवच माना जा रहा है.
Oreshnik hypersonic missile fire: रूस और यूक्रेन की जंग अब एक ऐसे खतरनाक मोड़ पर पहुँच गई है जहाँ से पूरी दुनिया की सांसें थमी हुई हैं. पुतिन ने यूक्रेन पर अपनी सबसे घातक हाइपरसोनिक मिसाइल 'ओरेश्निक' (Oreshnik) दागकर कोहराम मचा दिया है. यह हमला पोलैंड की सरहद से महज कुछ ही दूरी पर हुआ है, जिसने पूरी दुनिया को तीसरे विश्व युद्ध की आहट सुना दी है.
Ukrainian Air Force F-16 Fighter Jets: F-16 जेट्स को बेहद कम ऊंचाई पर, जमीन से सटकर उड़ाया जा रहा है. ताकि रूसी रडार और मिसाइल सिस्टम से बचा जा सके. इसके साथ ही ध्यान भटकाने वाली रणनीति भी अपनाई जा रही है.