डोनाल्ड ट्रंप ने कहा, उत्तर कोरिया के मुद्दे पर चीन सिवाए बातों के कुछ नहीं करता

उत्तर कोरिया के परमाणु हथियार कार्यक्रम जारी रहने पर चीनी निष्क्रियता को लेकर निराशा जताते हुए अमेरिका के राष्ट्रपति ने लिखा है, ‘हम ऐसा जारी नहीं रहने देंगे. चीन इस समस्या को आसानी से सुलझा सकता था.’ 

डोनाल्ड ट्रंप ने कहा, उत्तर कोरिया के मुद्दे पर चीन सिवाए बातों के कुछ नहीं करता
ट्रंप ने यह भी कहा कि वह अब उत्तर कोरिया को उसका यह लड़ाकू व्यवहार जारी नहीं रखने देंगे. (फाइल फोटो)

वॉशिंगटन: उत्तर कोरिया द्वारा एक अंतरमहाद्वीपीय बैलिस्टिक मिसाइल परीक्षण किए जाने के एक दिन बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि वह बीजिंग से ‘बेहद निराश’ हैं क्योंकि वह उत्तर कोरिया के मसले पर कुछ नहीं कर रहा है. ट्रंप ने यह भी कहा कि वह अब उत्तर कोरिया को उसका यह लड़ाकू व्यवहार जारी नहीं रखने देंगे. ट्रंप ने शनिवार (29 जुलाई) को दो ट्वीटों में कहा, ‘मैं चीन से बेहद निराश हूं. पूर्व के हमारे मूर्ख नेताओं ने व्यापार में एक साल में उन्हें सैंकड़ों अरब डॉलर कमाने दिए. फिर भी वह (चीन) उत्तर कोरिया के मसले पर हमारे साथ मिलकर बातों के अलावा कुछ नहीं करता.’ 

शुक्रवार (28 जुलाई) को उत्तर कोरिया ने एक नई अंतरमहाद्वीपीय बैलिस्टिक मिसाइल प्रक्षेपित की थी. विशेषज्ञों का कहना है कि यह मिसाइल अमेरिका के मुख्य भूभाग तक पहुंच सकती है. उत्तर कोरिया के मिसाइल परीक्षण और उसके परमाणु हथियार कार्यक्रम जारी रहने पर चीनी निष्क्रियता को लेकर निराशा जताते हुए अमेरिका के राष्ट्रपति ने लिखा है, ‘हम ऐसा जारी नहीं रहने देंगे. चीन इस समस्या को आसानी से सुलझा सकता था.’ 

उधर उत्तर कोरिया द्वारा हाल ही में किए गए अंतरमहाद्वीपीय बैलिस्टिक मिसाइल परीक्षण के जवाब में शक्ति प्रदर्शन के लिए दो अमेरिकी बमवर्षकों बी-1बी ने यूएस पैसिफिक एयर फोर्सेज के तहत अपने दक्षिण एशिया और जापान की वायुसेनओं के साथ मिलकर 29 जुलाई के द्विपक्षीय अभियानों में हिस्सा लिया. यूएस पैसिफिक कमांड ने कहा कि यह मिशन उत्तर कोरिया द्वारा तीन जुलाई और 28 जुलाई को किए गए अंतरमहाद्वीपीय बैलिस्टिक मिसाइल प्रक्षेपणों की प्रत्यक्ष प्रतिक्रिया है. 

पैसिफिक एयर फोर्सेज कमांडर जनरल टैरेंस ओ शॉनेसी ने एक बयान में कहा, ‘उत्तर कोरिया अब भी क्षेत्रीय स्थिरता पर सबसे सन्निकट खतरा बना हुआ है.’ उन्होंने कहा, ‘कूटनीति अब भी प्राथमिकता ही है. हालांकि हमारे सहयोगियों अैर हमारे देश के प्रति हमारी जिम्मेदारी बनती है कि हम सबसे बुरी स्थिति के लिए योजना बनाने के साथ-साथ अपनी दृढ़ प्रतिबद्धता दर्शाएं.’ उन्होंने कहा, ‘यदि जरूरत पड़ी तो हम त्वरित, घातक अैर भारी बल से अपनी पसंद के समय और स्थान पर जवाब देने के लिए तैयार हैं.’ गुआम स्थित एंडरसन एयरफोर्स बेस से उड़ान भरने के बाद बी-1 जापानी वायुक्षेत्र की ओर गए. वहां जापानी वायु आत्मरक्षा बल के दो एफ-2 जेट उनके साथ हो लिए.

इसके बाद बी-1 कोरियाई प्रायद्वीप के ऊपर गए. वहां दक्षिण कोरियाई वायुसेना के चार एफ-15 लड़ाकू जेट उनके साथ हो लिए. बी-1 बमवर्षकों ने दक्षिण कोरिया का वायुक्षेत्र छोड़कर गुआम लौटने से पहले दक्षिण कोरिया के ओसान एयरबेस पर ‘लो-पास’ किया. यह पूरा अभियान 10 घंटे तक चला.