डोनाल्‍ड ट्रंप की धमकी के बीच TikTok ने लिया ये बड़ा फैसला

टिकटॉक कई देशों में प्रतिबंध और अमेरिकी सरकार के साथ तनाव झेल रहा है, लेकिन इसी बीच उसने एक बड़ी घोषणा की है.

डोनाल्‍ड ट्रंप की धमकी के बीच TikTok ने लिया ये बड़ा फैसला
फाइल फोटो

नई दिल्‍ली: टिकटॉक कई देशों में प्रतिबंध और अमेरिकी सरकार के साथ तनाव झेल रहा है, लेकिन इसी बीच उसने एक बड़ी घोषणा की है. TikTok ने कहा है कि वह यूरोप में अपना पहला डेटा सेंटर आयरलैंड (Ireland) में खोलेगा, जिसकी लागत  $ 498 मिलियन है.

टिकटॉक को उम्‍मीद है कि यह केन्‍द्र (Data Center) 2022 तक शुरू हो जाएगा. टिकटॉक के मुख्य चीफ ग्‍लोबल इंफॉर्मेशन सिक्‍योरिटी ऑफिसर रोलैंड क्लॉटियर ने कहा है कि यह कदम 'सैकड़ों नए रोजगार पैदा करेगा और टिकटॉक उपयोगकर्ताओं के डेटा की सुरक्षा और संरक्षण को और मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा.'

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टिकटॉक का यह कदम तब सामने आया है जब अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप (US President Trump) ने इस चीनी फर्म को धमकी दी है कि यदि 15 सितंबर तक यूएस के ऑपरेशंस उसने अमेरिकन कंपनी को नहीं बेचे तो वह देश में इस ऐप पर प्रतिबंध लगा देंगे. ट्रंप प्रशासन ने यह कहते हुए टिकटॉक को राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए एक जोखिम बताया है कि यह कंपनी चीनी खुफिया सेवाओं के साथ अमेरिकियों के व्यक्तिगत डेटा को साझा कर सकती है. बता दें कि इस ऐप के दुनिया भर में एक बिलियन से ज्‍यादा यूजर्स हैं. 

हालांकि इस वीडियो-शेयरिंग ऐप ने अमेरिकी सरकार द्वारा लगाए गए आरोपों का खंडन किया है. यूएस की टेक दिग्गज कंपनी Microsoft ने कथित तौर पर चीन के सोशल मीडिया ऐप के यूएस ऑपरेशंस को खरीदने के लिए टिकटॉक की पैरेंट कंपनी ByteDance  के साथ बातचीत की है. लेकिन अब तक बिक्री को लेकर स्थिति स्‍पष्‍ट नहीं है. 

वहीं आयरलैंड में सेंटर शुरू करने को लेकर क्लॉटियर ने कहा कि 'जब हमारा डेटा सेंटर चालू होगा, तो यूरोपीयन यूजर्स के डेटा को इस नए स्थान पर संग्रहीत किया जाएगा. आयरलैंड पहले से ही हमारे तेजी से फैलते यूरोपीय ऑपरेशंस में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाता रहा है.'

इस बीच, अमेरिकी विदेश मंत्री माइक पोम्पिओ (Mike Pompeo) ने कहा है कि ट्रम्प सरकार अमेरिकी मोबाइल कैरियर्स और फोन निर्माताओं के ऐप स्टोरों में अविश्‍वसनीय चीनी ऐप्स पर प्रतिबंध लगाना चाहती है.

पोम्पिओ ने कहा, 'चीन में स्थित पैरेंट कंपनियों वाले टिकटॉक, वीचैट जैसे अन्‍य एप्लिकेशन अमेरिकी नागरिकों के निजी डेटा के लिए खतरा हैं.'