सत्ता की 'कुर्सी' जाते देख इस देश की पीएम ने लिया ये फैसला

प्रधानमंत्री बनने के लिए 158 सांसदों के समर्थन की आवश्यकता होगी.

सत्ता की 'कुर्सी' जाते देख इस देश की पीएम ने लिया ये फैसला
राजनीतिक चुनौतियों से जूझ रहीं ब्रिटिश प्रधानमंत्री टेरेसा मे.(फाइल फोटो)

लंदन: राजनीतिक चुनौतियों से जूझ रहीं ब्रिटिश प्रधानमंत्री टेरेसा मे बुधवार को संसद में अविश्वास प्रस्ताव का सामना करेंगी. उन्हें अपनी ही पार्टी में ब्रेक्जिट योजना के लिए आलोचना का सामना करना पड़ रहा है. सदन में मे की स्थिति को चुनौती मिलने के हालात तब उत्पन्न हुए जब कंजरवेटिव सांसदों की ओर से अविश्वास मत के लिए आवश्यक 48 पत्र भेजे गए. ब्रिटेन के 2016 में यूरोपीय संघ छोड़ने के फैसले के कुछ ही समय बाद मे (62) ने प्रधानमंत्री का पद संभाला था. मे ने कहा, ‘‘ मेरे पास जो कुछ है, मैं उससे प्रस्ताव का सामना करूंगी.’’ प्रधानमंत्री कार्यालय डाउनिंग स्ट्रीट से जारी एक बयान में उन्होंने नेतृत्व बदलने से ब्रेक्जिट समझौते में देरी या फिर इसके रद्द होने तक की चेतावनी देते हुये कहा, ‘‘मैं इस काम को पूरा करने के लिए दृढ़ हूं.’’

उनका बुधवार को डबलिन जाने का कार्यक्रम था लेकिन अविश्वास प्रस्ताव के आने से उन्हें ये दौरा रद्द करना पड़ा है. मे को विश्वास मत हासिल करने के लिए 158 सांसदों के समर्थन की आवश्यकता होगी पर अगर वे यह बाधा पार नहीं कर पातीं हैं तो पार्टी को देश का नया प्रधानमंत्री चुनना होगा. 

ब्रिटिश प्रधानमंत्री के नेतृत्व पर मंडराये बादल
राजनीतिक चुनौतियों से जूझ रहीं ब्रिटिश प्रधानमंत्री टेरेसा मे को संसद में अविश्वास प्रस्ताव का सामना करना पड़ सकता है. बीबीसी ने खबर दी है कि सदन में मे की स्थिति को चुनौती मिलने के हालात तब उत्पन्न हुए जब इसके लिए कंजरवेटिव सांसदों से 48 पत्र भेजे गए. यह अविश्वास मत के लिए आवश्यक संख्या है. ब्रिटेन के 2016 में यूरोपीय संघ छोड़ने के फैसले के कुछ ही समय बाद मे ने प्रधानमंत्री का पद संभाला था. उन्हें अपनी ही पार्टी में ब्रेक्जिट योजना के लिए आलोचना का सामना करना पड़ रहा है. 

इनपुट भाषा से भी 

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