इराक: अमेरिकी सैन्य ठिकाने पर हमला, एक बार फिर कत्यूशा रॉकेट से बनाया निशाना

बलाद एयर बेस इराक का सबसे बड़ा एयर बेस है. अमेरिकी सेना इसे लॉजिस्टिक्स सपोर्ट एक्टिविटी (एलएसए) एनाकॉन्डा के नाम से जानती है.

इराक: अमेरिकी सैन्य ठिकाने पर हमला, एक बार फिर कत्यूशा रॉकेट से बनाया निशाना
(फाइल फोटो- रॉयटर्स)

बगदाद: इराक में एक बार रॉकेट हमले की खबर है. इराकी सेना की तरफ से जारी बयान के मुताबिक मंगलवार को बगदाद के उत्तर में स्थित ताजी मिलिट्री कैंप पर कत्यूशा रॉकेट से हमला किया गया. इराकी सेना के मुताबिक हमले में किसी के भी घायल होने की कोई खबर नहीं है. बगदाद पुलिस ने भी इस हमले की पुष्टि की है. पुलिस के मुताबिक इराक में अमेरिकी सेना के ठिकाने पर रॉकेट हमला हुआ है. बता दें कि इरान और अमेरिकी के बीच जारी तनाव के चलते इरानी सेना लगातार इराक में अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बना रही है.

इससे पहले रविवार (12 जनवरी) को इराक के सलाहुद्दीन प्रांत में बलाद एयर बेस पर सात कत्यूशा रॉकेट दागे गए. विश्वस्त सूत्रों ने बताया था कि पहले यह स्थान अमेरिकी सैनिकों का ठिकाना था. रक्षा विभाग के एक सूत्र ने नाम गोपनीय रखने की शर्त पर समाचार एजेंसी सिन्हुआ से कहा कि राजधानी बगदाद से लगभग 90 किलोमीटर दूर स्थित एयर बेस पर यह हमला शाम को हुआ, जिसमें दो सैनिक घायल हो गए और आस-पास की इमारतें क्षतिग्रस्त हो गईं.

बलाद एयर बेस इराक का सबसे बड़ा एयर बेस है. अमेरिकी सेना इसे लॉजिस्टिक्स सपोर्ट एक्टिविटी (एलएसए) एनाकॉन्डा के नाम से जानती है.

एयर बेस में कई अमेरिकी सैनिक तथा इराकी एफ-16 विमान उड़ाने वाली एक अमेरिकी कंपनी के सलाहकार रहते थे, लेकिन अमेरिका की अगुआई वाले अंतर्राष्ट्रीय गठबंधन द्वारा इराक में इस्लामिक स्टेट (आईएस) के खिलाफ अपना अभियान स्थगित करने की घोषणा करने के बाद वे लगभग एक सप्ताह पहले वहां से चले गए थे.

यह हमला इराकी ईरान समर्थित शिया मिलीशिया असैब अहल अल-हक के नेता कैस अल-खजाली के बयान के कुछ दिनों बाद हुआ है, जिसमें उसने कहा था कि ईरान के सैन्य कमांडर की मौत के बदले में ईरान का शुरुआती जवाब आ चुका है और इराक को अमेरिकी हवाई हमले का जवाब देने का समय आ गया है.

(इनपुट आईएएनएस से भी)