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Mehul Choksi केस में फिर नहीं हुआ फैसला, डोमिनिका कोर्ट में टली सुनवाई

विदेश मंत्रालय ने गुरुवार को कहा कि भारत अपने इस संकल्प पर कायम है कि भगोड़ों को देश वापस लाया जाए और धोखाधड़ी के मामले में वांछित मेहुल चोकसी को वापस लाने के लिए सारी कोशिशें जारी रखी जाएंगी. 

Mehul Choksi केस में फिर नहीं हुआ फैसला, डोमिनिका कोर्ट में टली सुनवाई
फाइल फोटो.

नई दिल्ली: भगोड़े हीरा कारोबारी मेहुल चोकसी (Mehul Choksi) को डोमिनिका (Dominica) से भारत लाने में अभी और समय लग सकता है. डोमिनिका हाई कोर्ट (Dominica High Court) में सुनवाई टल गई है. चोकसी फिलहाल डोमिनिका में ही रहेगा. जानकारी के मुताबिक अब अगली सुनवाई 1 जुलाई को हो सकती है. इधर, मेहुल चोकसी के प्रत्यर्पण को लेकर भारतीय विदेश मंत्रालय ने पहली बार चुप्पी तोड़ी है. 

विदेश मंत्रालय ने पहली बार कही ये बात? 

विदेश मंत्रालय ने गुरुवार को कहा कि भारत अपने इस संकल्प पर कायम है कि भगोड़ों को देश वापस लाया जाए और धोखाधड़ी के मामले में वांछित मेहुल चोकसी को वापस लाने के लिए सारी कोशिशें जारी रखी जाएंगी. विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने कहा, ‘वह (चोकसी) अभी डोमिनिका में हिरासत में है जहां कुछ कानूनी प्रक्रियाएं चल रही हैं. हम सारी कोशिशें जारी रखेंगे ताकि उसे (चोकसी को) भारत वापस लाया जाए.’

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उधर, डोमिनिका और एंटीगुआ दोनों ही देशों की सरकारें मेहुल चोकसी को भारत को सौंपने के पक्ष में हैं. एंटीगुआ के PM ऑफिस की तरफ से जारी एक बयान में कहा गया है कि चोकसी को डोमिनिका से भारत प्रत्यर्पित करना एंटीगुआ की प्राथमिकता है.

जमानत की अर्जी खारिज

उधर, डोमिनिका के एक मजिस्ट्रेट ने मेहुल को जमानत देने से इनकार कर दिया. ‘डोमिनिका न्यूज ऑनलाइन’ की खबर के अनुसार, पंजाब नेशनल बैंक (PNB) में 13,500 करोड़ रुपये के धोखाधड़ी मामले में वांछित चोकसी ने मजिस्ट्रेट के समक्ष कहा कि उसका अपहरण किया गया था और उसे पड़ेासी देश एंटीगुआ और बारबुडा से जबरन डोमिनिका लाया गया.

इस हालत में अदालत में पेश हुआ

व्हीलचेयर पर बैठा, 62 वर्षीय चोकसी काले रंग की निकर और नीले रंग की टी-शर्ट पहने हुए पीठासीन रोसियू मजिस्ट्रेट की अदालत में पेश हुआ. उसे डोमिनिका चाइना फ्रेंडशिप हॉस्पिटल से अदालत लाया गया. इसी अस्पताल में उसका इलाज चल रहा है.

इससे पहले बुधवार को चोकसी की बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका पर सुनवाई कर रहे डोमिनिका हाई कोर्ट ने अवैध प्रवेश के आरोपों का सामना करने के लिए उसे मजिस्ट्रेट के समक्ष पेश करने का आदेश दिया था. बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका (Habeas Corpus Petition) ऐसे व्यक्ति को अदालत में पेश करने के लिए दायर की जाती है जो गिरफ्तार है या अवैध रूप से हिरासत में है.

चोकसी के वकील की दलील

चोकसी के वकील विजय अग्रवाल ने यहां कहा, ‘हमारा कहना है कि मेहुल चोकसी अवैध हिरासत में है इसलिए उसे 72 घंटों के भीतर मजिस्ट्रेट के समक्ष पेश करने की आवश्यकता है. इसे सुधारने के लिए उसे मजिस्ट्रेट के समक्ष पेश होने के लिए कहा गया है. यह साबित करता है कि चोकसी को अवैध हिरासत में रखा गया.’

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