नेपाल भी पाकिस्तान की राह पर, बाढ़ के लिए भारत को ठहराया दोषी

चीन (China) के इशारे पर चलने वाले नेपाल (Nepal) की स्थिति भी बिल्कुल पाकिस्तान (Pakistan) की तरह हो गई है.

नेपाल भी पाकिस्तान की राह पर, बाढ़ के लिए भारत को ठहराया दोषी
नेपाल में नदियां उफान पर हैं. फोटो: रॉयटर्स
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काठमांडू: चीन (China) के इशारे पर चलने वाले नेपाल (Nepal) की स्थिति भी बिल्कुल पाकिस्तान (Pakistan) की तरह हो गई है. जिस तरह पाकिस्तानी सरकार मुल्क में होने वाली हर गतिविधि के लिए भारत (India) पर उंगली उठाती है, वैसे ही नेपाल ने भी हर परेशानी के लिए नई दिल्ली को कुसूरवार ठहराना शुरू कर दिया है.

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नेपाल इस वक्त बाढ़ का सामना कर रहा है और उसकी नजर में इसके पीछे भारत का हाथ है. गृहमंत्री राम बहादुर थापा (Ram Bahadur Thapa) ने सोमवार को कहा कि भारत द्वारा सीमा पर की गईं निर्माण गतिविधियों ने पानी के प्रवाह को अवरुद्ध कर दिया है और इसके परिणामस्वरूप दक्षिणी नेपाल के विभिन्न स्थानों में बाढ़ आ गई है. भारत और नेपाल दोनों ही अक्सर मानसून के मौसम में बाढ़ जैसे हालातों का सामना करते हैं और अतीत में सैकड़ों लोगों की जान भी जा चुकी है.

गौरतलब है कि बिहार के जल संसाधन मंत्री ने पिछले महीने कहा था कि नेपाल ने भारत-नेपाल सीमा पर बिहार में नदी तटबंधों के सभी मरम्मत कार्य रोक दिए हैं. इसके बावजूद नेपाली गृहमंत्री का भारत पर दोष लगाना उनकी चीनी-पाकिस्तानी मानसिकता को दर्शाता है.

थापा ने आगे कहा कि भारत द्वारा सीमा पर कुछ निर्माण कार्यों को अंजाम दिया गया है, जिसकी वजह से पानी का प्रवाह प्रभावित हुआ है और नेपाल को बाढ़ का सामना करना पड़ रहा है. उन्होंने यह भी कहा कि नेपाल सरकार ने इस समस्या हल करने के लिए कुछ कूटनीतिक कदम उठाए थे, लेकिन उनका कोई फायदा नहीं हुआ.

थापा ने कहा कि भारतीय प्रधानमंत्री के नेपाल दौरे के समय जिन समझौतों पर हस्ताक्षर किए गए थे, उन्हें अभी तक लागू नहीं किया गया है. मालूम हो कि नेपाल के विभिन्न हिस्सों में पिछले चार दिनों में बाढ़ और भूस्खलन में 41 लोग मारे गए हैं, जबकि 41 लापता हैं. पश्चिमी नेपाल का मायागड़ी (Myagdi) जिला 27 मौतों के साथ सबसे ज्यादा प्रभावित है.