कोरोना वायरस से बचने के लिए भारत के करीब आने को तैयार पाकिस्तान, दिए संकेत

पाकिस्तान ने संकेत दिए हैं कि वह कोरोना वायरस से लड़ने के लिए भारत के साथ मिलकर काम कर सकता है.

कोरोना वायरस से बचने के लिए भारत के करीब आने को तैयार पाकिस्तान, दिए संकेत
फाइल फोटो

इस्लामाबाद. पाकिस्तान ने संकेत दिए हैं कि वह कोरोना वायरस (Coronavirus) से लड़ने के लिए भारत के साथ मिलकर काम कर सकता है. आसपास तेजी से वायरस फैलता देख पड़ोसी देश पाकिस्तान भी घबराया हुआ है. भारत में जहां अभी तक कोरोना के 83 मामले सामने आ चुके हैं, वहीं पाकिस्तान में 21 मामले सामने आए हैं.

विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) द्वारा कोरोना वायरस को एक महामारी घोषित किया जा चुका है. पाकिस्तान की विदेश कार्यालय की प्रवक्ता आयशा फारूकी से जब पूछा गया कि क्या पाकिस्तान भारत सहित अपने पड़ोसी देशों के साथ मिलकर कोरोना से लड़ने के लिए काम करेगा? जवाब में उन्होंने कहा कि पाकिस्तान इस वायरस से निपटने के लिए अपने पड़ोसी देशों के साथ काम कर सकता है.

ये भी पढ़ें: चीन के बाद इस देश में कोरोना ने मचाया आतंक, एक दिन में रिकॉर्ड 250 लोगों की हुई मौत

उन्होंने कहा, 'पाकिस्तान की सरकार बहुत बारीकी से स्थिति की निगरानी कर रही है और वह पाकिस्तान के नागरिकों के लिए आवश्यक कदम उठाएगी. हम पड़ोसी देशों को कोई भी सहायता प्रदान करने को भी तैयार हैं"

LIVE TV

वहीं, दूसरी तरफ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) ने सार्क देशों के सामने कोरोना वायरस (Corona Virus) की रोकथाम के लिए संयुक्त प्रयास करने का प्रस्ताव रखा है. पीएम मोदी ने ट्वीट करके सार्क (SAARC) देशों यानी पाकिस्तान, नेपाल, भूटान, बांग्लादेश, मालदीव और अफगानिस्तान से कोरोना के खिलाफ एक साथ आने का आह्वान किया है. सार्क संगठन में कुल 7 देश है. भारत सार्क संगठन का सातवां देश है.

पीएम मोदी ने अपने ट्वीट में लिखा, 'हमारा ग्रह COVID-19 नॉवेल कोरोनावायरस से जूझ रहा है. विभिन्न स्तरों पर सरकारें और लोग इसका मुकाबला करने की पूरी कोशिश कर रहे हैं. दक्षिण एशिया जो दुनिया की आबादी की एक महत्वपूर्ण संख्या का घर है, उसको यह सुनिश्चित करने में कोई कसर नहीं छोड़नी चाहिए कि हमारे लोग स्वस्थ हैं.'

 

पीएम मोदी ने दूसरे ट्वीट में लिखा, 'मैं प्रस्ताव करना चाहूंगा कि सार्क देशों के नेतृत्व में कोरोना वायरस से लड़ने के लिए एक मजबूत रणनीति बनाई जाए. हम हमारे नागरिकों को स्वस्थ्य रखने के तरीकों पर वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए चर्चा कर सकते हैं. हम एक साथ मिलकर दुनिया के सामने एक उदाहरण निर्धारित कर सकते हैं और स्वस्थ्य ग्रह में योगदान कर सकते हैं.'

 

(इनपुट एजेंसी IANS के साथ)