राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने ऑस्ट्रेलिया में महात्मा गांधी की कांस्य प्रतिमा का किया अनावरण

राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने गुरुवार को ऑस्ट्रेलिया के शहर सिडनी में महात्मा गांधी की कांस्य प्रतिमा का अनावरण किया. उन्होंने कहा कि संघर्ष के इस दौर में अहिंसा और शांतिपूर्ण सह-अस्तित्व का संदेश अधिक प्रासंगिक है.

राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने ऑस्ट्रेलिया में महात्मा गांधी की कांस्य प्रतिमा का किया अनावरण
राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने कहा कि माहात्मा गांधी और ऑस्ट्रेलियाई समाज का साझा नाता है क्योंकि ऑस्ट्रेलिया की तरह वह भी बहुसांस्कृतिक लोकाचार के प्रबल समर्थक थे. (फोटो साभार - पीटीआई)

मेलबर्न: राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने गुरुवार को ऑस्ट्रेलिया के शहर सिडनी में महात्मा गांधी की कांस्य प्रतिमा का अनावरण किया. उन्होंने कहा कि संघर्ष के इस दौर में अहिंसा और शांतिपूर्ण सह-अस्तित्व का संदेश अधिक प्रासंगिक है.

महात्मा गांधी की 150 वीं जयंती वर्ष पर चल रहे उत्सव के मौके पर कोविंद ने कहा कि प्रतिमा का अनावरण करना उनके लिए सम्मान की बात है क्योंकि महात्मा गांधी पूरी दुनिया के थे. इस दौरान ऑस्ट्रेलियाई प्रधानमंत्री स्कॉट मॉरिसन भी उपस्थित थे. 

बुधवार को सिडनी पहुंचे थी कोविंद 
कोविंद ऑस्ट्रेलिया की यात्रा करने वाले पहले भारतीय राष्ट्राध्यक्ष हैं. वह दो देशों की अपनी यात्रा के दूसरे चरण में बुधवार को सिडनी पहुंचे. यात्रा के पहले चरण में उन्होंने वियतनाम की यात्रा की थी.

राष्ट्रपति के आधिकारिक ट्विटर हैंडल पर डाली गई दो तस्वीरों में से एक में कांस्य प्रतिमा पर माला चढ़ाए जाने की तस्वीर है. एक अन्य तस्वीर में राष्ट्रपति कोविंद, प्रथम महिला सविता कोविंद, ऑस्ट्रेलियाई प्रधानमंत्री स्कॉट मॉरिसन और परामत्ता के मेयर एंड्रयू विल्सन प्रतिमा के सामने खड़े नजर आ रहे हैं.

'महात्मा गांधी का विचार इस दौर में अधिक प्रासंगिक'  
इस मौके पर भारतीय समुदाय के लोग भी उपस्थित थे और उन्होंने ‘भारत माता की जय’ और ‘वंदे मातरम’ के नारे लगाए. उपस्थिति के लिए प्रधानमंत्री मॉरिसन के प्रति आभार प्रकट करते हुए राष्ट्रपति कोविंद ने कहा,‘इस पहल का महात्मा गांधी की विरासत और उनके शाश्वत संदेशों को पूरी दुनिया में फैलाने में मदद के लिये बहुत विशेष मायने है.’ उन्होंने कहा,‘उनकी सार्वभौमिक शिक्षाओं की चारों तरफ विशेष प्रतिध्वनि है.’’ 

राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने कहा कि माहात्मा गांधी और ऑस्ट्रेलियाई समाज का साझा नाता है क्योंकि ऑस्ट्रेलिया की तरह वह भी बहुसांस्कृतिक लोकाचार के प्रबल समर्थक थे. उन्होंने कहा कि महात्मा गांधी के अहिंसा और शांतिपूर्ण सह-अस्तित्व के संदेश संघर्ष के इस दौर में अधिक प्रासंगिक हैं.