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10 डॉलर में मिलेगी रूस की Sputnik-5, जनवरी से होगी डिलीवरी

इस समय दुनिया सबसे ज्‍यादा किसी चीज का इंतजार कर रही है तो वो है Covid-19 Vaccine का. डब्‍ल्‍यूएचओ (WHO) प्रमुख टेड्रोस एडहोम घेब्रेयसिस ने भी कह दिया है कि इस महामारी को खत्‍म करने की असल उम्‍मीद अब केवल वैक्‍सीन से ही है.

10 डॉलर में मिलेगी रूस की Sputnik-5, जनवरी से होगी डिलीवरी
(फाइल फोटो)

नई दिल्ली: इस समय दुनिया सबसे ज्‍यादा किसी चीज का इंतजार कर रही है तो वो है Covid-19 Vaccine का. डब्‍ल्‍यूएचओ (WHO) प्रमुख टेड्रोस एडहोम घेब्रेयसिस ने भी कह दिया है कि इस महामारी को खत्‍म करने की असल उम्‍मीद अब केवल वैक्‍सीन से ही है. 3 वैक्‍सीन निर्माताओं ने उनके वैक्‍सीन (Vaccine) उम्‍मीदवारों के 90 से 95 फीसदी तक प्रभावी होने की बात कहकर खासी राहत भी दी है. अब लोगों के दिमाग में अगला सवाल वैक्‍सीन तक उनकी पहुंच और आने वाली वैक्‍सीन की कीमत को लेकर है.  

रूस की Sputnik-5 की कीमत आई सामने 
दुनिया में सबसे पहले रजिस्‍टर की गई रूस (Russia) की Sputnik-5 वैक्सीन को लेकर बड़ी जानकारी सामने आई है. रशियन डायरेक्ट इन्वेस्टमेंट फंड (RDIF) ने मंगलवार को बयान जारी कर कहा है कि Sputnik 5 के एक डोज की कीमत (Vaccine Dose Price) अंतरराष्ट्रीय मार्केट में 10 डॉलर से कम होगी. एक व्‍यक्ति को वैक्‍सीन के 2 डोज की जरूरत होगी. यानी कि इस वैक्‍सीन के लिए लोगों को करीब 20 डॉलर खर्च करने होंगे. हालांकि, रूस के नागरिकों को ये वैक्‍सीन मुफ्त में दी जाएगी. 

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बता दें कि इस वैक्सीन को गैमेलिया नेशनल रिसर्च सेंटर फॉर एपिडेमियोलॉजी एंड माइक्रोबॉयोलॉजी और रशियन डायरेक्ट इन्वेस्टमेंट फंड (आरडीआईएफ) ने मिलकर विकसित किया है.

जनवरी से शुरू होगी डिलीवरी 
स्पुतनिक-5 वैक्सीन की अंतरराष्ट्रीय डिलीवरी जनवरी 2021 से शुरू होगी. सबसे पहले यह उनको उपलब्‍ध कराई जाएगी, जिनके साथ निर्माताओं ने साझेदारी की है. वहीं इसके प्रभाव या नतीजों को लेकर बात करें तो क्लीनिकल ट्रायल के दूसरे अंतरिम विश्लेषण के मुताबिक, पहली डोज देने के 28 बाद यह वैक्‍सीन 91.4  फीसदी तक प्रभावी पाई गई है. 

गौरतलब है कि रूस 3 वैक्सीन बनाने का दावा कर चुका है. रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने 11 अगस्त 2020 को ऐलान किया था कि रूस ने कोरोना की वैक्सीन बना ली है और इसका नाम स्पुतनिक-5 है. इसके बाद पूरी दुनिया के एक्सपर्ट्स अचरज में पड़ गए थे. कुछ वैज्ञानिकों ने कहा कि इसके क्‍लीनिकल ट्रायल्‍स को लेकर जल्‍दबाजी की जा रही है क्‍योंकि ट्रायल स्‍टैंडर्ड संख्‍या की तुलना में बहुत कम प्रतिभागियों पर किए गए थे. 

इसके बाद रूस ने अक्‍टूबर में एपिवैककोरोना (EpiVacCorona) बनाने की घोषणा की. वहीं तीसरी वैक्सीन चुमाकोव सेंटर ऑफ रशियन एकेडमी ऑफ साइंसेज में बनाई जा रही है. 

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