भारत को MOD-4 तोप देगा अमेरिका, इसकी गर्जन से समंदर में कांप जाएंगे दुश्मन

अमेरिका की मोड-4 नेवी तोपें समंदर में भारतीय नौसेना का दबदबा बढ़ाएंगी. साथ ही पाकिस्तान जैसे पड़ोसी देश को भी वॉर्निंग देंगी, जो समंदर के रास्ते भारत में आतंक की साज़िशों में लगा हुआ है. अमेरिका से 7100 करोड़ रुपये की नेवी तोपें मिलने के बाद भारतीय नौसेना की मारक क्षमता में बड़ा इज़ाफा होगा. 

भारत को MOD-4 तोप देगा अमेरिका, इसकी गर्जन से समंदर में कांप जाएंगे दुश्मन
मोड 4 तोप से भारतीय नौसेना की ताकत बढ़ेगी. तस्वीर साभार-IANS

वाशिंगटन: अमेरिका ने तय किया है कि वह भारत को अत्याधुनिक मोड 4 (MOD-4) तोप देगा. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की सरकार ने भारतीय नौसेना को मोड 4 तोप देने की मंजूरी दे दी. MOD-4 तोपों के शामिल होने से भारतीय नौसेना मजबूत होगी. इस तोप के आने से पाकिस्तान और चीन के सामने भारतीय सेना को मजबूती मिलेगी. समंदर में भारतीय नौसेना का दबदबा बढ़ेगा. इसके लिए भारत-अमेरिका के बीच 7100 करोड़ रुपयों का सौदा होगा. 

अमेरिका की मोड-4 नेवी तोपें समंदर में भारतीय नौसेना का दबदबा बढ़ाएंगी. साथ ही पाकिस्तान जैसे पड़ोसी देश को भी वॉर्निंग देंगी, जो समंदर के रास्ते भारत में आतंक की साज़िशों में लगा हुआ है. अमेरिका से 7100 करोड़ रुपये की नेवी तोपें मिलने के बाद भारतीय नौसेना की मारक क्षमता में बड़ा इज़ाफा होगा.  

MOD-4 तोपें BAE सिस्टम्स लैंड एंड आर्मामेंट्स ने बनाई गई हैं. ये तोपें भारतीय नौसेना के युद्धक जहाज़ों पर तैनात की जाएंगी. MOD-4 तोपें लड़ाकू विमानों पर निशाना लगाने में कारगर हैं. दुश्मन के तटीय इलाकों पर बमबारी में भी ये तोपें असरदार हैं. 

भारत और अमेरिका के बीच बीते 3 साल में साढ़े 5 अरब डॉलर से ज्यादा के 21 रक्षा सौदे हो चुके हैं. अमेरिका ने अभी तक सिर्फ ऑस्ट्रेलिया, जापान, दक्षिण कोरिया और थाइलैंड को ही ये तोपें बेची हैं. भविष्य में समंदर के रास्ते हमले और आतंकी साज़िशों का खतरा देखते हुए भारतीय नेवी को लंबे समय से इन तोपों की जरूरत थी.

रक्षा सुरक्षा सहयोग एजेंसी ने मंगलवार को जारी अपनी अधिसूचना में कहा कि 13 एमके-45 पांच इंच/ 62 कैलिबर (एमओडी 4) नौसैनिक तोपों और उनसे संबंधित उपकरणों की प्रस्तावित विदेशी सैन्य बिक्री की अनुमानित लागत 1.0210 अरब डॉलर है.

अधिसूचना में कहा गया है कि बीएई सिस्टम्स लैंड एंड आर्मामेंट्स द्वारा बनाए जाने वाले इन हथियारों की प्रस्तावित बिक्री से भारत को दुश्मनों के हथियारों से मौजूदा और भविष्य के जोखिमों से निपटने में मदद मिलेगी.

अधिसूचना में कहा गया है, 'एमके-45 गन सिस्टम से अमेरिका और अन्य संबद्ध बलों के साथ अंतर-क्षमता बढ़ाने के साथ-साथ एंटी-सर्फेस युद्ध और एंटी-एयर रक्षा मिशन का संचालन करने की क्षमता मिलेगी.' मालूम हो कि MOD-4 तोपें अभी ऑस्ट्रेलिया, जापान, थाईलैंड, ब्रिटेन, कनाडा और दक्षिण कोरिया के पास हैं.

ये भी देखें-: