कोरोना वायरस वैक्सीन: अमेरिका ने खरीदीं 300 मिलियन खुराक, खर्च किए अरबों

अमेरिकी स्वास्थ्य विभाग कोरोना वायरस वैक्सीन (coronavirus vaccine) बनाने के काम में तेजी लाने के लिए 1.2 बिलियन डॉलर देने के लिए राजी हो गया है और अमेरिका ने अपने लिए 300 मिलियन वैक्सीन की खुराक सुनिश्चित कर ली हैं.

कोरोना वायरस वैक्सीन: अमेरिका ने खरीदीं 300 मिलियन खुराक, खर्च किए अरबों
अमेरिका ने कोरोना वायरस वैक्सीन खुराक का लगभग एक तिहाई हासिल करने के लिए 1.2 बिलियन डॉलर खर्च किए हैं.

न्यूयॉर्क: दुनिया की सबसे बड़ी शक्तियां अपनी अर्थव्यवस्था को पटरी पर लाने के लिए दवाओं के लिए संघर्ष कर रही हैं. और विश्व के नेता अपने रुके हुए कार्यबल को फिर से शुरू करने के लिए कोरोना वायरस वैक्सीन (corona virus vaccine) को एकमात्र वास्तविक तरीके के रूप में देख रहे हैं. और इसी दिशा में, अमेरिका (Americs) ने दवा कंपनी एस्ट्राज़ेनेका (AstraZeneca) की एक अरब संभावित कोरोना वायरस वैक्सीन खुराक का लगभग एक तिहाई हासिल करने के लिए 1.2 बिलियन डॉलर खर्च किए हैं. 

राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) की मांग के बाद, अमेरिकी स्वास्थ्य विभाग वैक्सीन बनाने के काम में तेजी लाने के लिए 1.2 बिलियन डॉलर देने के लिए राजी हो गया है और अमेरिका ने अपने लिए 300 मिलियन वैक्सीन की खुराक सुनिश्चित कर ली हैं.

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वैक्सीन - जिसे पहले ChAdOx1 nCoV-19 के रूप में जाना जाता था और अब AZD1222 के रूप में जाना जाता है, उसे ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय ने विकसित किया था और अंग्रेजी दवा कंपनी AstraZeneca को इसका लाइसेंस दिया गया था. 

अमेरिका के इस सौदे से 30,000 अमेरकी लोगों पर वैक्सीन के आखिरी चरण- क्लीनिकल ट्रायल की अनुमति मिल गई है.

इंग्लैंड के कैम्ब्रिज में स्थित एस्ट्राजेनेका का कहना है कि उसने वैक्सीन की करीब 400 मिलियन खुराक के लिए अनुबंध किया है और एक बिलियन खुराक के लिए विनिर्माण क्षमता सिनिश्चित की है, इसकी पहली डिलीवरी सितंबर में शुरू हो जाएगी.

यूके ने पहले ही एस्ट्राज़ेनेका वैक्सीन की 100 मिलियन खुराक सुरक्षित कर ली हैं, जिसका 30 मिलियन उन्हें सितंबर में मिल जाएगा. उन्होंने इसके लिए फंडिंग करने का वादा भी किया है. वहां के मंत्रियों ने वादा भी किया है कि वैक्सीन सबसे पहले ब्रिटेन को ही मिलेगी. 

एस्ट्राज़ेनेका ने कहा कि वैक्सीन का उत्पादन बढ़ाने के लिए दुनिया भर की सरकारों के साथ बातचीत हो रही है- उदाहरण के लिए सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया के साथ. उन्होंने ये भी कहा कि वैक्सीन के उचित आवंटन और वितरण पर भी विभिन्न संगठनों से बातचीत की जा रही है.

AZD1222 के क्लीनिकल ट्रायल का फेज़ I / II पिछले महीने दक्षिणी इंग्लैंड के कई परीक्षण केंद्रों में 18 से 55 वर्ष के 1,000 से ज्यादा लोगों पर किया गया जिससे सुरक्षा, प्रतिरक्षा और प्रभावकारिता का आकलन किया गया. इस ट्रायल से डेटा जल्दी ही मिलने की उम्मीद है.

वर्तमान में दुनिया भर के फार्मास्युटिकल दिग्गजों के पास COVID-19 के लिए कोई स्वीकृत उपचार नहीं है. दवा निर्माता और शोधकर्ता करीब 100 प्रोजेक्ट पर काम कर रहे हैं. विशेषज्ञों का मानना है कि इस बीमारी को रोकने के लिए सुरक्षित और प्रभावी दवा बनाने में करीब 12 से 18 महीने का वक्त लग सकता है.

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