वेनेजुएला की जेल में लगी आग में 68 की मौत, हिंसक भीड़ पर पुलिस ने छोड़े आंसू गैस के गोले

वेनेजुएला के कैराबोबो राज्य की एक जेल में आग लगने की घटना में 68 लोगों की मौत हो गई.

वेनेजुएला की जेल में लगी आग में 68 की मौत, हिंसक भीड़ पर पुलिस ने छोड़े आंसू गैस के गोले
घटना 28 मार्च को उस दौरान घटी जब भागने के प्रयास में कैदियों ने गद्दों में आग लगा दी थी. (फाइल फोटो)

काराकास: वेनेजुएला में कैदियों ने कथित तौर पर जेल से भागने के प्रयास में गद्दों में आग लगा दी, जिसमें विकराल रूप धारण कर लिया और उसकी चपेट में आकर 68 लोगों की मौत हो गई. देश के शीर्ष अभियोजक और कैदियों के अधिकारों के लिए काम करने वाले संगठन ने यह कहा. वेनेजुएला की जेलों में क्षमता से अधिक कैदी भरे हैं. काराबोबो की जेल में लगी आग की घटना यहां की जेलों में होने वाली कई भयावह घटनाओं में से एक है. मुख्य अभियोजक तारेक विलियम साब ने बीते 28 मार्च को ट्विटर पर बताया, ‘‘काराबोबो के पुलिस मुख्यालय में हुई भयावह घटनाओं के मद्देनजर हमने चार अभियोजकों को नियुक्त किया है ताकि उसकी जांच की जा सके. वहां लगी आग में 68 लोगों की मौत हुई है.’’

उना वेनताना अ ला लिबरटाड नाम के संगठन के अध्यक्ष कार्लोस निएटो ने बताया कि कुछ की मौत जलने के कारण हुई तो कुछ की दम घुंट जाने की वजह से. उन्होंने बताया कि मृतकों में दो महिलाएं भी शामिल हैं जो घटना के वक्त संभवत: जेल में भेंट के उद्देश्य ये आई होंगी. कैदियों ने जेल से भागने के प्रयास में गद्दे में आग लगा दी थी और सुरक्षा कर्मी की बंदूक चुरा ली थी.

एपी की खबर के अनुसार, घटना से गुस्साए कैदियों के रिश्तेदारों ने जेल के बाहर पुलिसकर्मियों के साथ मारपीट की. अंत में पुलिस को भीड़ को भगाने के लिए आंसू गैस के गोले दागने पड़े. कैदियों के रिश्तेदार वहां हुई घटना के बाद अपने प्रियजनों की स्थिति जानने के लिए वहां एकत्र हुए थे.

वेनेजुएला की जेल में संघर्ष, 5 कैदियों की मौत

वहीं दूसरी ओर वेनेजुएला के कैराबोबो राज्य की एक जेल में बुधवार (28 मार्च) को संघर्ष में पांच कैदियों की मौत और दो पुलिस अधिकारी घायल हो गए. वहीं, मृतकों के परिवार के सदस्यों ने 'एफे' को बताया कि पांचों कैदियों की मौत आग से झुलसने और धुएं में दम घुटने से हुई है. इस हादसे में मारे गए 19 वर्षीय कैदी योरमान सालाजार की मां लिसेते मेंडोजा ने संवाददाताओं को बताया, "उन्होंने हमें कुछ नहीं बताया है. मैंने पुलिस से कहा था कि उनके साथ कुत्तों की तरह व्यवहार न करें. उन पर गैसोलीन न फेंके."

मेंडोजा ने कहा, "उसे डकैती करने के लिए गिरफ्तार किया गया था, लेकिन इसके लिए उसे एक कुत्ते की तरह नहीं मारा जाना चाहिए था." स्थानीय निवासियों ने बताया कि सुबह करीब 4 बजे संघर्ष शुरू हुआ. संघर्ष के कारणों की फिलहाल जानकारी नहीं है और अधिकारियों ने कोई सूचना नहीं दी है. एक पुलिसकर्मी ने जेल के बाहर एकत्र हुए प्रदर्शनकारियों से कहा, "आपको जानकारी प्राप्त करने के लिए हमें समय देना पड़ेगा."

(इनपुट एजेंसी से भी)