ZEE जानकारी: चीन का सामान ही नहीं बल्कि उसकी सोच भी चाइनीज़ है

ZEE जानकारी: चीन का सामान ही नहीं बल्कि उसकी सोच भी चाइनीज़ है

कहा जाता हैं कि दूरदर्शी होना बहुत अच्छी बात हैं लेकिन ज़रूरत से ज़्यादा दूरदर्शी होने के चक्कर में कई बार नुकसान उठाना पड़ता है और बदनामी भी होती है. ये कहावत आजकल चीन पर एकदम फिट है. आज हम आपको चीन की Ghost Cities यानी खाली पड़े हुए शहरों में लेकर चलेंगे. पिछले कई वर्षों में चीन ने बहुत तेज़ी से Infrastructure Development किया है और बहुत बड़े पैमाने पर मकान बनाए हैं... लेकिन ये मकान खाली पड़े हैं. और मकान ही नहीं.. पूरे के पूरे.. शहर खाली पड़े हैं. लेकिन इसके बावजूद वहां Construction का काम रुका नहीं है. सवाल ये है कि चीन ऐसा क्यों कर रहा है.. और इसका जवाब ये है कि चीन ये सब कुछ GDP Growth rate बढ़ाने के लिए कर रहा है. ये विकास दर बढ़ाने का चाइनीज़ फॉर्मूला है.

पिछले कई वर्षों से चीन के Real Estate बाज़ार में मंदी छाई हुई है, इस मंदी की वजह से चीन में करीब 6 करोड़ 40 लाख मकान खाली पड़े हुए है...पिछले 10 वर्षों में चीन में 50 से भी ज़्यादा नये शहर तैयार किये गये हैं. लेकिन इन शहरों में रहने के लिए लोग नहीं हैं. चीन अपने नये शहर बसाने की ज़िद में शायद ये बात भूल गया कि शहर.... इमारतों से नहीं लोगों से बनते हैं.. नये शहरो में छाई वीरानी और सूनेपन की वजह से इन शहरों को अब Ghost Cities कहा जाता है.

वर्ष 1984 से 2010 के दौरान चीन में नये industrial zones बनाए गये जिसकी वजह से यहां काम करने वाले कर्मचारियों के लिए मकानों की ज़रूरत बढ़ी. बढ़ती आबादी और लोगों को घर उपलब्ध कराने के लिए चीन की सरकार ने वर्ष 1990 के बाद Real Estate कंपनियों को नये शहर बनाने के निर्देश दिये.

Demand और Supply वाले सिद्धांत के आधार पर चीन की Real Estate कंपनियों ने बड़े पैमाने पर Construction का काम शुरू किया, लेकिन इस दौरान चीन के कई बड़े स्टील प्लांट बंद होने की स्थिति में आ गये. इससे रोज़गार पर असर पड़ा. नये कामकाज की तलाश में लोगों ने इन इलाकों से पलायन शुरू कर दिया जिसकी वजह से Real Estate कंपनियों को बड़ा झटका लगा.

चीन के सरकारी आंकड़ों के मुताबिक पिछले एक साल से चीन में करोड़ों मकान खाली पड़े हुए हैं, लेकिन इस बावजूद कंपनियों ने Construction का काम रोका नहीं है. वहां के आम लोगों की ये शिकायत है.. कि मकानों की कीमत भी बहुत ज़्यादा है. और इन सुनसान शहरों में मकान खरीदना उनके बस की बात नहीं है. ये उनके बजट से बाहर है.

Infrastructure Development के ज़रिए चीन अपनी GDP Growth rate बढ़ाने की कोशिश कर रहा है,  चीन की इस चाल से उसकी विकास दर भले ही बढ़ रही हो लेकिन आने वाले समय में Real Estate कंपनियों की मुसीबत और बढ़ सकती है. और पूरा बाज़ार क्रैश कर सकता है. आज हमने आपके लिए चीन के सुनसान शहरों का एक DNA टेस्ट तैयार किया है, इसे देखकर आपको अंदाज़ा हो जाएगा कि चीन का सामान ही नहीं बल्कि उसकी सोच भी चाइनीज़ है.