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चुनावी तारीख के ऐलान से सियासी 'दांव पेंच' तेज, क्या बीजेपी बचा पाएगी सिंहासन?

जिन राज्यों में चुनाव की तारीख का ऐलान किया गया है, उन दोनों ही प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) की सरकार है. अब ऐसे में सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या हरियाणा और महाराष्ट्र में बीजेपी अपनी शाख बचाने में कामयाब हो पाएगी?

चुनावी तारीख के ऐलान से सियासी 'दांव पेंच' तेज, क्या बीजेपी बचा पाएगी सिंहासन?

नई दिल्ली: सत्ता, सिंहासन और संग्राम ये तीनों शब्द एक दूसरे से जुड़े हुए हैं. क्योंकि सत्ता के सिंहासन की खातिर सियासी संग्राम छिड़ता ही है. शनिवार को चुनाव आयोग ने हरियाणा और महाराष्ट्र में होने वाले विधानसभा चुनाव की तारीख का ऐलान कर दिया है. ऐसे में सियासी महकमे में सुगबुगाहट तेज होना लाज़मी है.

सभी राजनीतिक पार्टियों समेत सभी सियासतदानों ने भी अपनी-अपनी कमर कस ली है. चुनाव के मद्देनज़र हर कोई अपनी एड़ी-चोटी का जोर लगाने के लिए तैयार है. 

  • सिंहासन पर दोबारा काबिज़ हो पाएगी बीजेपी?

जिन राज्यों में चुनाव की तारीख का ऐलान किया गया है, उन दोनों ही प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) की सरकार है. अब ऐसे में सबसे बड़ा सवाल तो यही उठता है कि क्या हरियाणा और महाराष्ट्र में बीजेपी अपनी शाख बचाने में कामयाब हो पाएगी? जहां एक तरफ बीजेपी के लिए सत्ता के सिंहासन को बचाना एक बड़ी चुनौती है तो वहीं दूसरी ओर कांग्रेस पार्टी के लिए ये किसी अग्निपरीक्षा से कतई कम नहीं है. लोकसभा चुनाव में करारी हार का सामना करने वाली पार्टी कांग्रेस और अन्य विरोधी दलों के लिए ये चुनाव किसी सुनहरे मौके से कम नहीं है.

  • हरियाणा में बीजेपी को मिली थी 'जादुई जीत'

साल 2014 में हुए हरियाणा विधान सभा चुनाव में बीजोपी को जादुई खज़ाना मिला गया था. बीजेपी ने इतनी लंबी छलांग मारी कि हर कोई देखता ही रह गया. 2009 के विधानसभा चुनाव के नतीजों में जिस बीजेपी को सूबे में सिर्फ 4 सीटें हासिल हुई थी. उसी बीजेपी ने 5 साल बाद 2014 में सीधे 43 सीटों पर बढ़त बनाते हुए 90 सीटों में से कुल 47 सीटें हासिल कर ली. इसे कई दिग्गज तो जादुई जीत भी करार देते हैं.

  • महाराष्ट्र में भी बीजेपी ने दिखाया था 'दम'

साल 2014 बीजेपी के लिए काफी अच्छा साल रहा है. तभी तो, एक के बाद एक लोकसभा और विधानसभा चुनावों में वो किले फतेह करती चली गई. महाराष्ट्र में भी बीजेपी और उसकी सहयोगी पार्टी शिवसेना के बीच सीट बंटवारे में बात नहीं बनी तो दोनों पार्टियां अलग-अलग चुनाव लड़ी. और विधानसभा चुनाव के नतीजों में बीजेपी महाराष्ट्र में भी सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी. 2009 में 46 सीट जीतने वाली पार्टी बीजेपी ने साल 2014 में 122 सीट अपने नाम कर लिया.

ऐसे में हर कोई टकटकी लगाए आगामी 21 अक्टूबर और 24 अक्टूबर का इंतजार बड़ी ही बेसब्री से कर रहा है. क्योंकि 21 अक्टूबर को दोनों ही राज्यों में वोटिंग होगी. खास बात ये है कि दोनों ही प्रदेश में सिर्फ एक ही चरण में चुनाव कराए जा रहा है. और 24 अक्टूबर को वोटों की गिनती की जाएगी. यानी 24 अक्टूबर दोनों ही राज्यों के लिए फैसले का दिन होगा.