कुमारस्वामी ने महाराष्ट्र में सरकार बनाने का दिया असंभव फॉर्मूला

कर्नाटक में कांग्रेस से गठबंधन कर पश्चताप के आंसू रोने वाले पूर्व मुख्यमंत्री एचडी कुमारस्वामी ने महाराष्ट्र में कांग्रेस की स्थिति पर एक टिप्पणी की. उस टिप्पणी को व्यंग्य के दृष्टि से देखा जा रहा है तो कुछ लोग उसपर फब्तियां भी कस रहे हैं. उन्होंने महाराष्ट्र में गठबंधन को लेकर कांग्रेस को एक सलाह दी जिससे पूरा बवाल मचा हुआ है.

कुमारस्वामी ने महाराष्ट्र में सरकार बनाने का दिया असंभव फॉर्मूला

बैंगलोर: कर्नाटक के पूर्व सीएम व जनता दल (सेक्युलर) के अध्यक्ष एचडी कुमारस्वामी कुर्सी पर बैठकर उसे खो देने का संघर्ष समझते हैं. इसलिए उन्होंने महाराष्ट्र में सरकार बनाने के मैराथन मामले में एक टिप्पणी की. उन्होंने कहा कि कांग्रेस को शिवसेना की बजाए भाजपा को ही समर्थन दे देना चाहिए. कम से कम सरकार बनी तो रहेगी. हालांकि, कुमारस्वामी का यह बयान एक तरह का तंज था अपने पुराने सहयोगी दल पर. कुमारस्वामी ने कहा कि शिवसेना भाजपा से ज्यादा कट्टरवादी हिंदुत्व वाली पार्टी है. उन्होंने कहा कि भाजपा नरमवादी हिंदुत्व वाली तो शिवसेना कट्टर हिंदुत्ववादी वाली पार्टी है. दोनों दक्षिणापंथी पार्टियां एक ही सिक्के के दो पहलू हैं. 

कर्नाटक में कर रहे हैं उपचुनाव जीतने की तैयारी

कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री एचडी कुमारस्वामी के मीडिया सलाहकार चंदन धोरे ने इस बात की जानकारी दी. सोमवार को कुमारस्वामी प्रदेश के उत्तर-पश्चिमी इलाके के बेलगावी क्षेत्र में थे. वहां वे अपनी पार्टी के उम्मीदवार के पक्ष में पांच दिसंबर को होने वाले उपचुनाव के प्रचार में थे. कर्नाटक में विधानसभा की 15 सीटों पर उपचुनाव होने वाला है. जेडीएस अकेले ही चुनाव में अपने उम्मीदवार उतार रही है. 

आखिर महाराष्ट्र में किसकी बनेगी सरकार

मालूम हो कि महाराष्ट्र में भाजपा-शिवसेना की राहें अब अलग-अलग हो चुकी हैं. सरकार बनाने के लिए कांग्रेस-एनसीपी और शिवसेना साथ आने की कवायद में जुटे हुए हैं. भाजपा ने विधानसभा में 105 सीटों पर जीत दर्ज की थी, जबकि शिवसेना को 56 सीटें, एनसीपी ने 54 और कांग्रेस को 44 सीटें मिल सकी थी. मुख्यमंत्री पद के लिए एनडीए की दोनों ही घटक दलों में रार हो गई और इसके बाद गठबंधन टूट गया. इसके बाद कांग्रेस और एनसीपी के साथ शिवसेना ने सरकार बनाने का प्रस्ताव रखा. जिसपर अब तक बातचीत ही चल रही है. 

इसी बीच अपनी पुरानी सहयोगी दल कांग्रेस से नाराज चल रही जेडीएस और उसके मुखिया ने अपनी खीझ दिखाई और कांग्रेस को शिवसेना के बदले भाजपा का साथ देने की नसीहत दे डाली.