जांबाज जवानों से लैस BSF की 55वीं सालगिरह! PM मोदी ने ऐसे दी बधाई

देश की सीमाओं की सुरक्षा के लिए स्पेशल ट्रेनिंग लेकर BSF के जवान दिन-रात हमारी हिफाजत के लिए जद्दोजहद करते हैं. दुश्मनों के छक्के छुड़ाने के वाले जांबाज प्रहरी BSF की आज 55वीं स्थापना दिवस है.

जांबाज जवानों से लैस BSF की 55वीं सालगिरह! PM मोदी ने ऐसे दी बधाई

नई दिल्ली: सीमा सुरक्षा बल यानि बीएसएफ की स्थापना के 55 साल पूरे हो चुके हैं. इसको लेकर दिल्ली में रविवार को BSF ने 55वां स्थापना दिवस कार्यक्रम का आयोजन किया. इस मौके पर गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने सीमा सुरक्षा बल के 55वें स्थापना दिवस में भाग लिया और परेड की सलामी ली. 

PM मोदी ने दी जवानों को बधाई

इस मौके पर प्रधानमंत्री मोदी ने ट्वीट करते हुए कहा है कि 'सभी बीएसएफ जवानों और उनके परिवार को बीएसएफ के स्थापना दिवस की शुभकामनाएं. यह बल हमारे देश की सीमाओं की कर्मठतापूर्वक रक्षा कर रहे हैं. प्राकृतिक आपदा या किसी भी संकटपूर्ण स्थिति में बीएसएफ जवानों ने हमारे नागरिकों की सेवा के लिए कड़ी मेहनत की है.'

जवानों को हरसंभव सहायता देने का भरोसा

समारोह के दौरान गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने कहा कि सरकार कोशिश कर रही है कि बीएसएफ के जवान अपने परिवार के साथ एक साल में सौ दिन बिता सकें. उन्होंने जवानों को हरसंभव सहायता देने का भरोसा देते हुए उसके शौर्य की तारीफ की.

इस मौके पर गृहराज्य मंत्री ने कहा कि जवानों की सेवानिवृत्ति की आयु बढ़ाकर 60 साल कर दी गई है. कश्मीर में तैनात जवानों को जम्मू से दिल्ली के लिए फ्री हवाई यात्रा उपलब्ध कराई जाएगी. आपको बता दें कि बीएसएफ 1 दिसंबर, 1965 को अस्तित्व में आया था. यह बल 4,096.7 किलोमीटर भारत-बांग्लादेश सीमा और 3,323 किलोमीटर भारत-पाकिस्तान सीमा की रक्षा कर रहा है. और सीमा पर जब बीएसएफ के जवान जागते रहते हैं. तभी हमारा देश चैन की नीद सो पाता है.

बीएसएफ भारत-पाकिस्तान की सरहद पर मौजूद दलदली इलाके में चौबीसों घंटे रहते हैं. गुजरात के सरक्रीक इलाके में घुसपैठ करने वाले आतंकवादियों, अपराधियों और स्मगलरों के इंतजार में प्रहरी तैनात हैं. दुश्मन को ढेर करने का कोई मौका नहीं छोड़ते.

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बीएसएफ के जवान सीमा सुरक्षा के लिए समर्पित हैं. उनकी चौकसी और कड़ी मेहनत की बदौलत ही सीमा से होने वाली घुसपैठ में कमी आयी है. विश्व के सबसे बड़े सीमा सुरक्षा बल और भारत माता के रक्षकों की वीरता, साहस और शौर्य को देश का सलाम.

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