पंजाब में दलित समुदाय के व्यक्ति को मुख्यमंत्री बनाना चुनावी हथकंडा है : मायावती

मायावती ने कहा कि इसी प्रकार उप्र विधानसभा चुनाव में कुछ समय बचा है और यहां भारतीय जनता पार्टी का ओबीसी समाज के प्रति उभरा नया नया प्रेम दिखावटी और हवाहवाई है .   

Written by - Zee Hindustan Web Team | Last Updated : Sep 20, 2021, 03:23 PM IST
  • जानिए मायावती ने क्या लगाए आरोप
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पंजाब में दलित समुदाय के व्यक्ति को मुख्यमंत्री बनाना चुनावी हथकंडा है : मायावती

लखनऊः पंजाब में दलित समुदाय से आने वाले चरणजीत सिंह चन्नी के मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने के बाद बहुजन समाज पार्टी (बसपा) अध्यक्ष मायावती ने सोमवार को इसे चुनावी हथकंडा बताते हुये कहा कि विधानसभा चुनाव में बसपा और अकाली दल गठबंधन से कांग्रेस बहुत ज्यादा घबराई हुई है, इसीलिये उसने ऐसा किया है .

मायावती ने साधा निशाना
मायावती ने मीडिया से बात करते हुये कहा, ‘‘पंजाब में दलित समुदाय के व्यक्ति को मुख्यमंत्री बनाया जाना चुनावी हथकंडा है, इसके सिवाये कुछ नहीं है . मीडिया के जरिये पता चला है कि पंजाब में आगामी विधानसभा चुनाव इनके (चन्नी के) नेतृत्व में नहीं बल्कि गैर दलित के नेतृत्व में ही लड़ा जाएगा, जिससे यह साफ जाहिर है कि कांग्रेस पार्टी का अभी तक दलितों पर पूरा भरोसा नहीं जमा है . किन्तु इनके इस दोहरे चाल-चरित्र व चेहरे आदि से वहां के दलित वर्ग के लोगों को सावधान रहना है .

हमारे गठबंधन से घबराया है विपक्ष
 इससे यह भी स्पष्ट है कि कांग्रेस पार्टी यहां अकाली दल व बसपा के गठबंधन से बहुत ज्यादा घबरायी हुई है . मुझे पूरा भरोसा है कि पंजाब के दलित वर्ग के लोग इनके इस हथकंडे के बहकावे में कतई नहीं आयेंगे . उन्होंने कहा, ‘‘इनको (कांग्रेस) व अन्य विरोधी पार्टियों को मुसीबत में ही या मजबूरी में ही दलित वर्ग के लोग याद आते हैं . बाबा साहेब आंबेडकर का ही उदाहरण लीजिये, जब अंग्रेज भारत छोड़ कर चले गये थे उस समय कांग्रेस के पास, पंडित जवाहर लाल नेहरू के पास यदि बाबा साहेब भीमराव आंबेडकर से ज्यादा काबिल आदमी होता तो यह किसी भी कीमत पर बाबा साहेब को भारतीय संविधान बनाने में शामिल नहीं करते .

यूपी चुनाव को लेकर ये कहा
मायावती ने कहा कि इसी प्रकार उप्र विधानसभा चुनाव में कुछ समय बचा है और यहां भारतीय जनता पार्टी का ओबीसी समाज के प्रति उभरा नया नया प्रेम दिखावटी और हवाहवाई है . उन्होंने कहा, ‘‘अगर यह प्रेम सार्थक होता तो इनकी केंद्र व राज्यों में सरकारें हैं तो सरकारी नौकरियों में अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (एससी व एसटी) के बैकलॉग को भर देते . आज भी एससी एसटी का मामला हो या ओबीसी का, सरकारी नौकरियों में इनके पद अभी भी खाली पड़े हैं .

गौरतलब है कि पंजाब में कांग्रेस विधायक दल के नेता चरणजीत सिंह चन्नी ने सोमवार को मुख्यमंत्री पद की शपथ ली . चन्नी पंजाब में मुख्यमंत्री बनने वाले दलित समुदाय के पहले व्यक्ति हैं . बसपा और शिरोमणि अकाली दल ने पंजाब के आगामी विधानसभा चुनाव के लिये जून माह में गठबंधन किया था .

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