नागरिकता कानून के खिलाफ बिहार में कोहराम

संसद से पास एक कानून के विरोध के नाम पर कानून तोड़ने का खेल बिहार में भी शुरू हो गया है. राजधानी पटना में बवाल चरम पर है है. नागरिकता कानून के विरोध में बिहार बंद के दौरान राजधानी पटना के राजेंद्र नगर में पुराने बाईपास पर प्रदर्शनकारियों ने सरकारी गाड़ियों में तोड़फोड़ की और उसमें आग लगाने की कोशिश भी की.

नागरिकता कानून के खिलाफ बिहार में कोहराम

नई दिल्ली: नागरिकता संशोधन कानून के खिलाफ बिहार की राजधानी पटना के राजेंद्रनगर टर्मिनल के बाहर जन अधिकार पार्टी, विकासशील इंसान पार्टी और दूसरे दलों के कार्यकर्ताओं ने सड़क पर टायर जलाकर गाड़ियों को रोक दिया. हाल ये था कि रेलवे स्टेशन से बाहर निकले लोगों को कहीं जाने के लिए गाड़ी नहीं मिली.

बिहार बंद से लोग परेशान

पटना में कई जगहों पर इसी तरह से प्रदर्शनकारियों ने बसों और गाड़ियों को रोक दिया. जाम में एक एंबुलेंस भी फंस गई. हालांकि ज़ी मीडिया का कैमरा देखने के बाद इन प्रदर्शनकारियों ने जगह देकर एंबुलेंस को बाहर निकलवाया. लेफ्ट और विपक्षी पार्टियों के बिहार बंद को देखते हुए राजधानी पटना में कई बाजार बंद रहे, दुकानों का शटर भी गिरा रहा. इस बिहार बंद की वजह से लोग काफी परेशान हुए लेकिन नेताओं को इससे कोई फर्क नहीं पड़ता.

पटनासिटी में बवाल

पटना सिटी में नागरिकता कानून के खिलाफ लेफ्ट पार्टियों और जन अधिकार पार्टी के कार्यकर्ता सड़क पर उतरे और जाम लगा दिया. एनएच-30 पर जाम लगने की वजह से गाड़ियों की आवाजाही बाधित हुई. प्रदर्शनकारियों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी भी की.

दरभंगा में ट्रेन का चक्का जाम

बिहार के दरभंगा में नागरिकता कानून के विरोध में लेफ्ट और विपक्षी पार्टियां रेलवे पटरी पर उतर आईं और ट्रेन का चक्का जाम कर दिया. प्रदर्शनकारियों ने दिल्ली जाने वाली बिहार संपर्क क्रांति एक्सप्रेस को रोक दिया जिससे यात्री परेशान हुए.

सहरसा रोक दी ट्रेनें

बिहार के सहरसा में भी नागरिकता कानून के खिलाफ प्रदर्शनकारियों ने ट्रेनें रोक दीं. प्रदर्शन कर रहे लोगों ने ट्रैक पर उतर कर सहरसा-सुपौल पैसेंजर ट्रेन को रोक दिया. साथ ही सड़क पर टायर जलाकर भी प्रदर्शन किया गया और जाम लगा दिया गया. कई इलाके में दुकान-बाजार बंद भी रहे.

जहानाबाद में रेलवे ट्रैक पर उतरे प्रदर्शनकारी

प्रदर्शनकारियों ने जहानाबाद स्टेशन पर भी हंगामा किया और ट्रैक पर उतर कर ट्रेनें रोक दीं. इन प्रदर्शनकारियों ने इंटरसिटी एक्सप्रेस, पैसेंजर ट्रेनों को रोक दिया जिससे यात्रियों को काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ा. ट्रेनों को रोकने का काम नालंदा में भी हुआ. जन अधिकार पार्टी के कार्यकर्ताओं ने नालंदा जिले के बिहारशरीफ स्टेशन पर ट्रेनों को रोक दिया.

बिहार के जहानाबाद में वामपंथी और विपक्षी पार्टियों के साथ-साथ कई सामाजिक संगठनों के लोग सड़क पर उतरे और नागरिकता कानून के खिलाफ प्रदर्शन किया. प्रदर्शनकारियों ने सड़क पर मार्च निकाला और जाम लगा दिया जिससे गाड़ियों की आवाजाही ठप हो गई. बिहार बंद के दौरान जहानाबाद में कई बाजार बंद रहे और दुकानों का ताला नहीं खुला.

मोतिहारी और मुजफ्फरपुर रोड जाम

नागरिकता कानून के खिलाफ बिहार बंद का असर कई जिलों में देखने को मिला. मोतिहारी में लेफ्ट पार्टियों ने शहर में जुलूस निकाला और दुकानें बंद करवा दीं. मुजफ्फरपुर में भी प्रदर्शन का असर दिखा. प्रदर्शनकारियों ने मुजफ्फरपुर-पूसा रोड को जाम कर दिया.

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सरकार ने बार-बार कहा है कि नागरिकता कानून किसी भारतीय के खिलाफ नहीं है. लेकिन लगता है लोगों का भ्रम खत्म नहीं हो रहा इसलिए इस तरह के प्रदर्शन सामने आ रहे हैं.

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