Ayodhya में 26 जनवरी को रखी जाएगी मस्जिद की नींव

अयोध्या में 26 जनवरी को मस्जिद की नींव रखी जाएगी. इंडो इस्लामिक कल्चरल फाउंडेशन ट्रस्ट की बैठक में इसका फैसला लिया गया. झंडारोहण और पौधारोपण के बाद बुनियाद रखी जाएगी.

Written by - Zee Hindustan Web Team | Last Updated : Jan 18, 2021, 03:52 PM IST
  • अयोध्या में बनेगा मस्जिद, प्लान तैयार
  • 26 जनवरी को होगी औपचारिक शुरुआत
Ayodhya में 26 जनवरी को रखी जाएगी मस्जिद की नींव

लखनऊ: अयोध्या में मस्जिद निर्माण के लिए प्लान तैयार हो चुका है, इसकी शुरुआत आगामी 26 जनवरी को की जाएगी. धनीपुर मस्जिद परियोजना के अंतरगत मस्जिद के अलावा जिसमें एक अस्पताल, एक संग्रहालय, एक पुस्तकालय, एक सामुदायिक रसोईघर, एक इंडो-इस्लामिक कल्चरल रिसर्च सेंटर, एक प्रकाशन गृह के निर्माण की शुरुआत औपचारिक रूप से अयोध्या में 26 जनवरी से होगी.

अयोध्या में बनने वाला है मस्जिद

राम जन्मभूमि मामले में सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) के फैसले के बाद उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) के अयोध्या जिले में मस्जिद बन रही है. धन्नीपुर मस्जिद परियोजना (Dhannipur Mosque Project) औपचारिक रूप से 26 जनवरी को यूपी के अयोध्या में शुरू होगी. इसकी जानकारी अतहर हुसैन ने दी.

ट्रस्ट के सचिव और प्रवक्ता अतहर हुसैन ने रविवार को एक बयान में कहा कि "इंडो-इस्लामिक कल्चरल फाउंडेशन (IICF) की बैठक में, यह निर्णय लिया गया कि गणतंत्र दिवस को धन्नीपुर मस्जिद परियोजना की शुरुआत के साथ मनाया जाएगा, जिसमें एक अस्पताल, एक संग्रहालय, एक पुस्तकालय, एक सामुदायिक रसोईघर शामिल है."

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उन्होंने कहा कि 26 जनवरी को सुबह 8.30 बजे परियोजना के पांच एकड़ के भूखंड पर राष्ट्रीय ध्वज फहराया जाएगा, जिसके बाद मुख्य ट्रस्टी और IICF के सदस्य ट्रस्टियों द्वारा वृक्षारोपण किया जाएगा.

नौ ट्रस्टियों के साथ आभासी बैठक

IICF के अध्यक्ष जफर अहमद फारूकी (Zufar Ahmad Farooqi) की अध्यक्षता में सभी नौ ट्रस्टियों के साथ आभासी बैठक की. इस बैठक में ट्रस्ट गतिविधियों की प्रगति, विशेष रूप से आयकर अधिनियम और कार्यवाही के तहत 12-ए / 80-जी मंजूरी प्राप्त करने में होने वाली देरी को लेकर एफसीआरए खाता खोलने के लिए चर्चा की गई.

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इसमें कहा गया है कि अयोध्या जिला बोर्ड से योजना मंजूरी के लिए आवेदन करके परियोजना की औपचारिक शुरुआत करने का निर्णय लिया गया और पांच एकड़ के भूखंड पर मिट्टी परीक्षण की प्रक्रिया शुरू की गई. जैसा कि परियोजना का फोकस जलवायु परिवर्तन पर जागरूकता पैदा करने के लिए एक निर्धारित प्रयास के साथ क्षेत्र में सामुदायिक सेवा देना है, हुसैन ने प्रस्ताव दिया कि परियोजना की औपचारिक शुरुआत पांच एकड़ भूमि पर पेड़ के पौधे लगाकर की जानी चाहिए.

बाबरी मस्जिद जैसा ही होगा आकार

इससे पहले, हुसैन ने कहा था कि अयोध्या के धन्नीपुर गांव में 15,000 वर्ग फीट की एक मस्जिद का निर्माण किया जाएगा. यह बाबरी मस्जिद के आकार जैसा ही होगा, मस्जिद का आकार अन्य मस्जिदों से बिल्कुल अलग हो सकता है. यह मक्का में काबा शरीफ की तरह चौकोर आकार का हो सकता है, जैसा कि वास्तुकार है. ऐसा संकेत एसएम अख्तर ने दिया था.

उत्तर प्रदेश सुन्नी सेंट्रल वक्फ बोर्ड ने पांच एकड़ भूखंड पर मस्जिद के निर्माण के लिए एक ट्रस्ट, IICF का गठन किया है. राज्य सरकार ने सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर मस्जिद के निर्माण के लिए धन्नीपुर में भूखंड आवंटित किया है.

एक लंबी कानूनी लड़ाई के बाद, 9 नवंबर, 2019 को देश की सर्वोच्च अदालत सुप्रीम कोर्ट ने अयोध्या में एक विवादित स्थल पर राम मंदिर के निर्माण के पक्ष में फैसला सुनाया और केंद्र को सुन्नी वक्फ बोर्ड को निर्माण के लिए एक वैकल्पिक पांच एकड़ का भूखंड आवंटित करने का निर्देश दिया. अयोध्या में बाबरी मस्जिद को "कारसेवकों" द्वारा 6 दिसंबर 1992 को ध्वस्त कर दिया गया था, जिन्होंने दावा किया था कि एक प्राचीन राम मंदिर उसी स्थान पर था. आखिरकार सुप्रीम कोर्ट ने अंत में इसे विवादित ढांचा करार दिया.

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