कमलेश तिवारी के दोनों हत्यारोपी गिरफ्तार

कमलेश तिवारी के हत्यारे राजस्थान गुजरात सीमा से गिरफ्तार कर लिए गए हैं. बताया जा रहा है कि ये दोनों नेपाल भाग गए थे. वहां से फिर भारत लौटे. जिसके बाद पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया. 

कमलेश तिवारी के दोनों हत्यारोपी गिरफ्तार

नई दिल्ली: हिंदू समाज पार्टी के नेता कमलेश तिवारी के दोनों हत्यारे शेख अशफाक हुसैन और पठान मोईनुद्दीन को पकड़े गए हैं. इसके पहले उन्हें पकड़ने के लिए एसटीएफ सघन तलाशी में जुटा रहा.  इस बीच दोनों कातिल का एक और सीसीटीवी वीडियो सामने आया है. ये वीडियो लखीमपुर खीरी का है. जिसमें ये दोनों एक बैट्री रिक्शा में बैठे दिख रहे हैं. इसी बैट्री रिक्शा से दोनों टैक्सी लेने के लिए पहुंचे थे.

नेपाल भागने की फिराक में थे हत्यारे

ये वीडियो 20 अक्टूबर रात करीब साढ़े नौ बजे का है. इस बैटरी रिक्शा में चालक के अलावा ये दोनों ही बैठे नजर आ रहे हैं. लखीमपुर से टैक्सी बुक कराके दोनों कातिल नेपाल भागने की फिराक में थे. लेकिन बॉर्डर पर चेकिंग के डर से वो शाहजहांपुर चले गए. टैक्सी चालक के मोबाइल से दोनों ने लखनऊ के एक वकील से संपर्क भी किया. और सरेंडर करने के बारे में बातचीत की. फोन कॉल की जांच करने के बाद पुलिस की एक टीम लखीमपुर पहुंची और टैक्सी चालक से पूछताछ की.

टैक्सी चालक ने पुलिस को बताया कि दोनों युवक नेपाल बॉर्डर तक गये. लेकिन वहां पुलिस की चौकसी देखकर उन्हें शाहजहांपुर चलने को कहा. कमलेश तिवारी के हत्यारों की लखीमपुर और शाहजहांपुर से सीसीटीवी फुटेज मिलने के बाद आसपास के जिलों में तलाशी अभियान तेज कर दी गई है. गेस्ट हाउस और होटलों में ताबड़तोड़ छापेमारी की जा रही है. बस स्टैंड में पुलिस सघन तलाशी ले रही है. बस यात्रियों से पूछताछ की जा रही है.

डेरा डाले बैठी है STF की टीम

एसटीएफ की एक टीम शाहजहांपुर में डेरा डाले बैठी है. यहीं रेलवे स्टेशन के नजदीक होटल पैराडाइस में लगे सीसीटीवी कैमरे में दोनों हत्यारे दिखाई दिए थे. संदिग्धों की शाहजहांपुर में लोकेशन मिलने पर STF ने कई होटलों, मदरसों और मुसाफिरखाने में छापेमारी की और सीसीटीवी के फुटेज खंगाले.

होटल पैराडाइज के मैनेजर राजेन्द्र ने बताया कि STF ने टीवी फुटेज देखा, यहां जिस गांड़ी में ड्राइवर लेकर आया था उस गाड़ी की भी फुटेज थी. 

एसटीएफ को शक है कि संदिग्ध शाहजहांपुर में ही कहीं छिपा हो सकता है. इसबीच एसटीएफ को लखनऊ स्थित होटल खालसा से कुछ अहम सामान बरामद हुए हैं. जिनमें एक बैग और खून से सने भगवा कुर्ते शामिल हैं. होटल मैनेजर के मुताबिक दोनों 17 तारीख की रात में 11 बजकर 8 मिनट पर होटल पहुंचे और दो दिन के स्टे के लिए बात की. रुम टैरिफ 1300 रुपये तय होने के बाद दोनों से आईडी लेकर उन्हें एक कमरा दे दिया गया. रजिस्टर पर अपनी एंट्री करने के बाद वो रुम में चले गए. सुबह होटल से निकलते वक्त दोनों भगवा ड्रेस में थे.

पहले लिया जायजा, फिर की हत्या

लखनऊ के होटल मैनेजर अरविंद चौरसिया ने जो बताया वो वाकई हैरान कर देने वाला है. मैनेजर के मुताबिक '18 तारीख को सुबह 10 बजकर 38 मिनट पर निकलते हैं और पूछते हैं कि बाबा अब्बास की मजार कहां पर है. दोनों ही भगवा वस्त्र धारण किए थे और मिठाई का डब्बा उनके हाथ में था. जो काउंटर पर वो रखे थे, पूछ रहे थे लेकिन जब बाबा मजार नहीं बताया गया कि पता नहीं तो फिर उन लोगों ने पूछा कि इमामबाड़ा कहां पर है. ये बताया गया कि इमामबाड़ा चौक में है. इतना पूछकर वो यहां से चले जाते हैं फिर उसी दिन लगभग एक बजकर 21 मिनट पर वापस आते हैं. वापस आकर अपने कमरे की चाभी लेते हैं और फिर अपने रुम में चले जाते हैं. लगभग 10 मिनट के आसपास वो अपने रुम में रुकते हैं. फिर अपने कपड़े चेंज कर के यहां से निकल जाते हैं.'

कमरा दो दिनों के लिए बुक किया गया था. लेकिन ना तो वो 18 की रात होटल लौटे और ना ही 19 तारीख की सुबह उनका कोई पता था. होटल वालों को शक हुआ तो रजिस्टर में दर्ज नंबर पर उनसे संपर्क साधने की कोशिश की गई. लेकिन मोबाइल स्वीच्ड ऑफ बता रहा था. इसबीच खबरों में संदिग्धों की तस्वीरों को देख होटलवालों के होश फाख्ता हो गए.

अरविंद ने ये भी बताया कि चैनलों पर जो उनकी फुटेज देख कर शक हुआ कि कहीं यही तो नहीं है. फिर जब आईडी देखा तो वो सूरत की थी, फिर चाभी लेकर जब उनका रुम खोला गया तो उनका सामान उसी में था. सामान देखने के बाद होटल मैनेजर ने पुलिसवालों के सूचना दे दी कि ऐसे ऐसे हुआ है.

होटल के कमरे से मिले संदिग्ध सामान

पुलिस के साथ फरेंसिक टीम भी होटल से मिले सामानों की जांच कर रही है. होटल के मालिक से भी आरोपियों के बारे में पूछताछ की जा रही है. वहीं यूपी के डीजीपी ओपी सिंह ने हत्या के आरोपी फरीद उर्फ मोइन खान पठान और अशफाक खान पठान पर ढाई-ढाई लाख रुपये का इनाम घोषित किया है.

यूपी के डीजीपी ओपी सिंह ने बताया कि 'कई प्रकार के माड्यूल्स होते हैं. एक सेल्फ मोटिवेटेड मॉड्यूल होता है, एक स्लीपिंग मॉड्यूल होता है. या किसी आतंकवादी संगठन से जुड़े होने का भी मॉड्यूल होता है. हम सभी एंगल से इन सबों को देख रहे हैं.'

जिस टैक्सी ड्राइवर को STF ने शाहजहांपुर से हिरासत में लिया. उसने पुलिस को बताया कि उसके मालिक के पास कार को किराए पर देने के लिए गुजरात से फोन आया था. कार के लिए 5 हजार रुपये का किराया तय हुआ था. इस बीच कमलेश तिवारी हत्याकांड में ATS ने साउथ गुजरात में एक मौलाना को हिरासत में लिया है. जिससे पूछताछ की जा रही है. ऐसे में हर किसी को इस बात का इंतजार है कि आखिरकार हत्यारे पुलिस के चुंगल में कब आते हैं.