अरुंधति रॉय अपना नाम क्या रखना चाहेंगी रंगा या बिल्ला?

हिंसा फैलाने के लिए सिर्फ सड़कों पर उतरना जरूरी नहीं है. कुछ लोग अपने दिमाग का दुरुपयोग करके भी वैचारिक हिंसा फैलाने का काम कर रहे हैं. ऐसे ही लोगों में एक नाम लेखिका अरुंधति रॉय का भी है.

अरुंधति रॉय अपना नाम क्या रखना चाहेंगी रंगा या बिल्ला?

नई दिल्ली: नागरिकता संशोधन कानून के साथ-साथ अब NPR और NRC को लेकर देश में हिंसा फैलाने की साजिश तेज होती जा रही है. आपको अरुंधति रॉय का ये विवादित बयान के बारे में जरूर जानना चाहिए. रॉय ने लोगों को भड़काते हुए कहा है कि 'जब सरकारी कर्मचारी जानकारी मांगने आपके घर आएं तो उन्हें गलत जानकारी दीजिए. अपना नाम रंगा बिल्ला बताइए और पता 7 रेस कोर्स रोड बताइए.'

लोगों को गुमराह कर रही हैं अरुंधति

इस बयान के बारे में जानने के बाद आप समझ सकते हैं कि अरुंधति रॉय राष्ट्रीय जनसंख्या रजिस्टर पर किस तरह लोगों को गुमराह कर रही हैं. 

दरअसल, अरुंधति रॉय बुधवार को दिल्ली विश्वविद्यालय में नागरिकता संशोधन कानून, NPR और NRC के विरोध में आयोजित रैली को संबोधित कर रही थीं. इस दौरान प्रदर्शन में शामिल लोगों को उन्होंने कहा कि जब अधिकारी NPR के लिए आपसे जानकारी लेने के लिए आपके घर आएं तो आप उन्हें अपना नाम और पता गलत बता दीजिए.

'अपना नाम रंगा बिल्ला बता दें'

अरुंधति रॉय ने ये भी कहा कि हम पांच नाम तय कर लेते हैं. उन्हीं में से कुछ बता दीजिएगा. अरुंधति रॉय ने प्रदर्शनकारियों को सलाह दी कि वो अपना नाम रंगा बिल्ला बता दें या 7 रेस कोर्स रोड बता दें.

ऐसे में अब सवाल ये है कि 

  • भारतीय वीजा लेते समय अरुंधति ने रंगा बिल्ला नाम क्यों नहीं रखा?
  • देश की सुविधाएं लेते वक्त अरुंधति अपना नाम रंगा बिल्ला क्यों नहीं बतातीं?
  • एक भारतीय के तौर पर पुरस्कार लेते समय अरुंधति अपना नाम रंगा बिल्ला क्यों नहीं बतातीं?

भाजपा ने इस मुद्दे पर अरुंधति को घेरा है. सुब्रमण्यन स्वामी ने इसे देशद्रोह बताया है. मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने भी अरुंधति रॉय के बयान का करारा जवाब दिया है. उन्होंने कहा कि अरुंधति रॉय जैसी बुद्धिजीवियों की भी सूची देश में तैयार करनी चाहिए.

अपने ट्वीट में उन्होंने लिखा है कि 'अगर यही हमारे देश के बुद्धिजीवी हैं तो पहले हमें ऐसे ‘बुद्धिजीवियों’ का रजिस्टर बनाना चाहिए! वैसे उन्होंने ने अपना नाम तो बता ही दिया, साथ में ये भी बता दिया कि उन्हें कंग-फ़ू की भी जानकारी है. अरुंधति जी को शर्म आनी चाहिए! ऐसे बयान देश के साथ विश्वासघात नहीं है तो क्या है?'

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नागरिकता संशोधन कानून की आड़ में देश को जलाने की साजिश और घिनौनी राजनीति का नजारा लगातार देखने को मिल रहा है. इस बीच अरुंधति रॉय के इस शर्मनाक बयान से बवाल तेज हो गया है.

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