प्रधानमंत्री मोदी ने कहा आगे भी हम इसी तरह चुनौतियों को चुनौती देते रहेंगे

पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेयी की 95वीं जयंती के अवसर पर पीएम मोदी ने साफ किया कि विरोध प्रदर्शन के लिए अपनाया जा रहा हिंसा का रास्ता कदापि स्वीकार्य नहीं है. देश ने हमारे हर फैसले का स्वागत किया है और आगे भी हम चुनौतियों को इसी तरह चुनौती देते रहेंगे...  

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा आगे भी हम इसी तरह चुनौतियों को चुनौती देते रहेंगे

लखनऊ. अटल जी की 95वीं जयंती पर प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी ने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की. उत्तरप्रदेश की राजधानी लखनऊ जो कि वाजपेयी जी का गृह नगर रहा है, के लोकभवन में आयोजित कई कार्यक्रमों में भी प्रधानमंत्री सम्मिलित हुए. 

किया अटल जी की प्रतिमा का अनावरण 

प्रधानमंत्री ने स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेयी की 25 फीट ऊंची कांस्य प्रतिमा का अनावरण किया और इसी दौरान अटल बिहारी चिकित्सा विश्वविद्यालय का शिलान्यास भी किया. इस अवसर पर अपने सम्बोधन में पीएम मोदी ने नागरिकता  क़ानून का विरोध करने वालों के औचित्य पर भी प्रश्न खड़े किये. 

उनसे खुद पूछिए, क्या उनका रास्ता सही है?

प्रधानमंत्री ने कहा विरोध प्रदर्शन का यह तरीका किसी तरह जायज़ नहीं ठहराया जा सकता. हिंसा करने वालों से खुद पूछिए कि क्या उनका यह रास्ता ठीक है? प्रधामंत्री ने कहा कि ऐसे लोगों को खुद से ही पूछना चाहिए कि क्या ये सार्वजनिक संपत्ति जिसे वे नुकसान पहुंचा रहे हैं, उनके बच्चों के काम नहीं आती? 

''हिंसा करके आप अपना ही नुकसान कर रहे हैं''

प्रधानमंत्री ने अपने सम्बोधन में आगे कहा कि अफवाहों को आधार बना कर  हिंसा करना खुद अपना ही नुकसान करना है. देश के हर नागरिक को अधिकार है कि उसे बेहतर सार्वजनिक सुविधाएं मिलें किन्तु उतनी ही उनकी जिम्मेदारी उनका संरक्षण करने की भी है. 

''दो बातों से होगा हमारा मूल्यांकन'' 

लखनऊ के लोकभवन में अटल बिहारी चिकित्सा विश्वविद्यालय का शिलान्यास करने के बाद अपने सम्बोधन में प्रधानमंत्री ने ये बातें कहीं. पीएम मोदी ने कहा कि देश का भविष्य हमारा मूल्यांकन दो बातों के आधार पर करेगा. एक तो विरासत में मिली समस्याओं का हमने किस तरह समाधान किया है और दूसरा राष्ट्र के विकास के लिए हमने अपने प्रयासों हेतु कितनी मजबूत नींव हमने रखी है. देश को विरासत में अनुच्छेद 370 मिला जिसे हमने हटा दिया. अयोध्या मामले का समाधान हमने आसानी के साथ निकाला और देश ने हमारे निर्णयों का स्वागत किया. हिन्दू शरणार्थियों को गरिमामय सम्मान हम प्रदान कर रहे हैं. प्रधानमंत्री ने कहा कि देश वापस आये हिन्दू हमारे लिए उतने ही अहम हैं. स्वतंत्रता मिलने के बाद से ही हिंदू शरणार्थी एक गरिमामयी जीवन की उम्मीद लिए तड़प रहे थे जिनको हमने सम्मान दिया. अब आगे भी हम इसी तरह चुनौतियों को चुनौती देते रहेंगे.

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