तर्क और बातचीत से सुलझाएं मसले, हिंसा से नहीं: पीएम मोदी ने देश से की अपील

नागरिकता संशोधन कानून के पारित हो जाने के बाद से ही देशभर में प्रोटेस्ट का दौर शुरू हो चुका है. विरोध मार्च कर रहे लोग कई सार्वजनिक संपत्तियों को आग के हवाले कर चुके हैं. यूं कहें तो कई जगहों पर लोग हुड़दंगई पर उतर आए हैं. इस बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ट्वीट कर सबसे शांत रहने की अपील की है और कहा कि सार्वजनिक संपत्तियों का नुकसान न किया जाए.

तर्क और बातचीत से सुलझाएं मसले, हिंसा से नहीं: पीएम मोदी ने देश से की अपील

नई दिल्ली:  देशभर में नागरिकता संशोधन विधेयक के कानून बनने के बाद से ही हर तरफ प्रोटेस्ट का दौर उमड़ पड़ा है. लोकतंत्र में विरोध एक स्वस्थ परंपरा है लेकिन जब प्रोटेस्ट अहिंसक हो कर किया जाए तभी. अब तक कैब के विरोध में करोड़ों की संपत्ति का नुकसान हो चुका है.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आखिरकार सोमवार को ट्वीट कर लोगों से अहिंसक विरोध करने की अपील की. उन्होंने ट्वीट में लिखा कि "नागरिकता संशोधन कानून पर जिस तरीके से हिंसक प्रोटेस्ट किए जा रहे हैं वह वाकई निराशाजनक और निंदनीय है. तर्क करना, बातचीत करना और मतभेद एक स्वस्थ लोकतंत्र की पहचान है, लेकिन सार्वजनिक संपत्तियों को नुकसान पहुंचाना और अहिंसक विरोध करना किसी भी लिहाज से लोकतंत्र की प्रकृत्ति  के खिलाफ है."

पीएम ने कहा किसी भारतीय को डरने की जरूरत नहीं

देश में अशांति फैलते देख प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ट्वीट कर लोगों को समझाने उचित समझा. पीएम ने अपील की कि ''किसी भी तरह से सार्वजनिक संपत्तियों को नुकसान न करें या हिंसक प्रतिरोध न किया जाए. तर्क और शांति से बातचीत कर मसले का निपटारा हो."

उन्होंने आगे कहा कि "मैं अपने सभी भारतीय नागरिकों से कहना चाहता हूं कि किसी को डरने की जरूरत नहीं. भारत में रह रहे किसी को भी इस कानून से कोई नुकसान नहीं है. उन्होंने आगे कहा कि भारतीय संसद में इसे बहुत से पार्टियों ने सहयोग के साथ पारित कराया है. यह भारतीय संस्कृति की सदियों पुरानी शांति और भाईचारे को दर्शाता है.''

अफवाहों से बचें और विकास की ओर नजर गड़ाएं: पीएम

पीएम ने लगातार ट्वीट में लिखा कि ''मैं अपने देशवासियों से यह अपील करता हूं कि वे किसी भी तरह के अफवाहों से बचें और शांति बनाए रखें. यह समय है कि भारत एक साथ खड़ा हो और विकास की ओर अपने कदम बढ़ाए ताकि गरीबी को कम किया जा सके और जरूरतों की मदद की जा सके.''

बिहार से लेकर दिल्ली तक हो रहे हैं विरोध

नागरिकता संशोधन कानून को लेकर देश में कई जगहों पर खुशी है तो कई जगहों पर इसका विरोध भी किया जा रहा है. कुछ लोग जो इसके पक्ष में हैं, वह इसे अन्य देशों में अल्पसंख्यकों पर किेए जा रहे अत्याचार के खिलाफ मानते हैं तो कई लोग इसे सेक्टेरियन पॉलिटिक्स का हवाला दे कर गलत ठहरा रहे हैं. असम से ले कर त्रिपुरा तक और बिहार से लेकर दिल्ली तक में प्रोटेस्ट किए जा रहे हैं.

लेकिन देश के कई हिस्सों में प्रोटेस्ट इतना हिंसक रूप ले चुका है कि पब्लिक प्रॉपर्टिज को फूंक दिया जा रहा है. 

दिल्ली में हिंसा पर उतर आए हैं प्रदर्शनकारी

दिल्ली में आंदोलनकारियों ने डीटीसी की 2 बसें फूंक दी और कई जगहों पर उग्र विरोध करने शुरू कर दिए. ज्यादा संपत्तियों का नुकसान न हो इसके लिए कई लाइनों में दिल्ली मेट्रो के परिचालन को रोक दिया गया. वहीं बिहार की राजधानी पटना में प्रदर्शनकारियों ने कई बसों को जलाए, पुलिस जीप को फूंक दिया और सड़कें जाम कर तमाशा करने लगे. यातायात तो प्रभावित  हुआ लेकिन कई लोग काफी डर गए हैं. 

दिल्ली से लेकर देश के उन तमाम जगहों पर जहां पर भी प्रोटेस्ट किया जा रहा है, वहां लोग काफी डर गए हैं. लोगों को यह लगने लगा है कि घर से निकलने के बाद प्रदर्शनकारी या पुलिस ही उन्हें किसी घटना का शिकार न बना ले. इसे देखते हुए कई जगहों पर पुलिस की तैनाती बढ़ा दी गई है.