दरबारियों के साथ दिल्ली की आग में राजनीतिक रोटियां सेंकने उतरीं प्रियंका

जहां दिल्ली सहित पूरे देश में हिंसा फैलाने की साजिश जोरों पर है, वहीं कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा अपनी राजनीतिक रोटियां सेंकने के लिए धरना देने आईं. उन्होंने दो घंटे इंडिया गेट पर ठंडी हवा का सामना किया. उधर कोलकाता में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी भी कुछ ऐसी ही हरकत पर उतर आई हैं. 

दरबारियों के साथ दिल्ली की आग में राजनीतिक रोटियां सेंकने उतरीं प्रियंका

नई दिल्ली: देश को अवैध शरणार्थियों से मुक्त करने के लाए गए नागरिकता संशोधन कानून के खिलाफ जहां सुनियोजित तरीके से हिंसा भड़काई जा रही है, वहीं विपक्ष इसमें अपनी राजनीतिक रोटियां सेंकने की पूरी तैयारी कर चुका है. 

प्रियंका गांधी वाड्रा का इंडिया गेट पर धरना   
जहां दिल्ली पुलिस जामिया इलाके में फैली हिंसा के पीछे गहरी साजिश की छानबीन करने में जुटी हुई है. वहीं कांग्रेस महासचिव प्रियंका वाड्रा ने दंगाइयों के समर्थन में धरना देने का फैसला किया है. वह इंडिया गेट पर धरना देने के लिए उतरीं. 

प्रियंका दिल्ली की कड़कड़ाती सर्दी में शाम 4 बजे दो घंटे के लिए इंडिया गेट पर धरना देने के लिए बैठीं. हालांकि पुलिस ने सुरक्षा कारणों से उन्हें धरने से हटने की अपील की. लेकिन कांग्रेसी नेताओं ने एक नहीं मानी. 

प्रियंका गांधी वाड्रा के साथ केसी वेणुगोपाल, पूर्व रक्षा मंत्री एके एंटनी, अहमद पटेल जैसे वरिष्ठ नेताओं समेत पार्टी के कई और नेता भी उनके साथ दो घंटे तक धरने पर बैठे रहे. 

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दिल्ली की लाइफलाइन मेट्रो अस्त व्यस्त
दंगाइयों के हंगामे और उसपर विपक्ष को उसके समर्थन के कारण दिल्ली की लाइफ लाइन समझी जाने वाली मेट्रो लाइन डिस्टर्ब हो गई है. दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन ने जानकारी दी है कि पटेल चौक, केंद्रीय सचिवालय, उद्योग भवन मेट्रो के एंट्री और एग्जिट गेट बंद रहेंगे. केंद्रीय सचिवालय पर एक्सचेंज के लिए मेट्रो रुकेगी लेकिन बाकी के स्टेशन पर मेट्रो नहीं रोकी जाएगी. 

इसके पहले रविवार को मॉडल टाउन, दिल्ली गेट, प्रगति मैदान, आईटीओ, आईआईटी, जीटीबी नगर, शिवाजी स्टेडियम, पटेल चौक, विश्वविद्यालय, वसंत विहार, मुनरिका, आरके पुरम, सुखदेव विहार, जामिया, ओखला विहार, जसोला विहार, आश्रम पर मेट्रो सर्विस को रोका गया था. 

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बंगाल में जारी है ममता का ड्रामा
उधर पश्चिम बंगाल में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी का सड़क पर राजनीतिक ड्रामा जारी है. वह मुख्यमंत्री होते हुए भी सड़क पर धरना देने बैठ गईं. 

एक निर्वाचित मुख्यमंत्री की इस हरकत पर राज्यपाल जगदीप धनखड़ बेहद नाराज हुए. उन्होंने मंगलवार को ममता को जवाब तलब के लिए राजभवन बुलाया है. उन्होंने ट्विट करके कहा कि  'मैं बेहद दुखी हूं कि मुख्यमंत्री और मंत्री नागरिकता संशोधन कानून के खिलाफ रैली का नेतृत्व कर रहे हैं. यह असंवैधानिक है.  मैं ऐसे समय में मुख्यमंत्री से असंवैधानिक एवं भड़काऊ गतिविधि से बचने और राज्य में स्थिति बेहतर करने पर ध्यान देने की अपील करता हूं. '