शांतिपूर्ण विरोध कैसे किया जाता है, उसका संदेश दे रहे यहां के छात्र

नागरिकता संशोधन कानून को ले कर देश भर में उठ रहे हिंसक विरोध के बीच कुछ पल ऐसे भी आए जो काफी खूबसूरत थे. वो तस्वीरें हिंसा से ठीक उल्टी थीं और हिंसक प्रदर्शन कर रहे प्रदर्शनकारियों को संविधान के दायरे में रह कर विरोध करने का संदेश दे रही थी.   

शांतिपूर्ण विरोध कैसे किया जाता है, उसका संदेश दे रहे यहां के छात्र

नई दिल्ली:  राजधानी के जंतर मंतर और जामा मस्जिद के इलाकों से धारा 144 को हटा लिया गया है. दिल्ली पुलिस पीआरओ एमएस रंधावा ने कहा कि यहां के लोग शांति से प्रदर्शन कर रहे हैं. किसी भी तरह का कोई हिंसक विरोध नहीं हो रहा है. इसलिए यहां से धारा 144 हटाया जा रहा है. वहां लोगों ने दिल्ली पुलिस को गुलाब दे कर शांतिपूर्ण प्रदर्शन का नजारा पेश किया. 

ओवैसी ने कहा हिंसा फैलाने वाले पूरे प्रोटेस्ट के दुश्मन

वहीं सीएए को लेकर प्रदर्शन कर रहे प्रदर्शनकारियों से एआईएमआईएम के असदुद्दीन ओवैसी ने कहा कि विरोध करना हमारा अधिकार है और संविधान में भी इसकी बात कही गई है.

लेकिन किसी भी तरह का हिंसक विरोध मंजूर नहीं. जो भी हिंसा के जरिए विरोध करने की कोशिश कर रहा है, वह पूरे प्रोटेस्ट का ही दुश्मन है. विरोध होना ही चाहिए लेकिन यह सफल तब होता है जब शांतिपूर्ण तरीके से किया जाए. 

छात्रों ने फूल दे कर दिल्ली पुलिस का बढ़ाया मान

इसके अलावा हिंसक विरोध में कुछ पल ऐसे भी आए जब विरोध कर रहे लोगों ने सबको यह सीख दी कि शांतिपूर्ण तरीके से भी विरोध किया जा सकता है.

जंतर मंतर पर लोगों ने दिल्ली पुलिस को गुलाब का फूल दिया और उनके सामने गीत गा कर साथ आने की अपील की. वे सभी छात्र थे. उन्होंने गुलाब देते हुए कहा हम युवा हैं बात करेंगे ना कि मुक्का लात करेंगे, दिल्ली पुलिस बात करो, तुम हमारे साथ चलो. 

इसके बाद तो जैसे माहौल बिल्कुल ही अलग था.  छात्र जहां एक और शांतिपूर्ण तरीके से कानून का विरोध कर रहे थे, वहीं दूसरी ओर पुलिस मोर्चा संभाले चुपचाप खड़ी थी.