सेना के जांबाजों पर देश को गर्व, भारी बर्फबारी में फंसे 1500 लोगों को बचाया

भारत की बहादुर सेना ने एक बार फिर अपनी बहादुरी, साहस और निस्वार्थ सेवा का परिचय कराया है. सिक्किम की भारी बर्फबारी में फंसे लगभग 1500 पर्यटकों को सेना ने सुरक्षित निकाल लिया है. 

सेना के जांबाजों पर देश को गर्व,  भारी बर्फबारी में फंसे 1500 लोगों को बचाया

गंगटोक: भारतीय सेना ने पूर्वी सिक्किम के नाथूला में 300 गाड़ियों में फंसे करीब 1,500 पर्यटकों को सुरक्षित निकाल लिया है. बता दें कि भारी बर्फबारी के चलते शुक्रवार शाम को 13 माइल और नाथूला के बीच जवाहरलाल नेहरू मार्ग पर विभिन्न स्थानों पर गंगटोक से 300 वाहनों में आ रहे करीब 1,500 से 1,700 पर्यटक फंस गए थे. भारी बर्फबारी के कारण इन सभी पर्यटकों का जीवन संकट में था लेकिन भारतीय सेना की बहादुरी और साहस के सामने ये संकट टल गया.

सेना का रेस्क्यू ऑपरेशन लगातार जारी

बता दें कि महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों सहित फंसे हुए पर्यटकों को आर्मी कैंप के 17वें मील में रखा गया है. सेना ने जेसीबी और डोजर्स को बर्फ हटाने और जल्द से जल्द सड़क संपर्क बहाल करने के लिए प्रदान किया. लोगों को बचाने की कवायद अभी भी जारी है और यह तब तक जारी रहेगी जब तक सभी फंसे हुए पर्यटकों को सुरक्षित रूप से नहीं निकाल लिया जाता है.

बारिश की आशंका

मौसम विज्ञान विभाग ने जानकारी दी कि गंगटोक में अगले सप्ताह आसमान में बादल छाए रहने और बारिश होने की संभावना है. मौसम विभाग ने अपने अखिल भारतीय मौसम चेतावनी बुलेटिन में कहा है कि उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल, सिक्किम, ओडिशा, असम, मेघालय, नागालैंड में घने कोहरे की वजह से घने कोहरे की संभावना है. अगर बारिश हुई तो  रेस्क्यू ऑपरेशन में दिक्कत होगी.

सेना को करनी पड़ी अतिरक्त मेहनत

भारतीय सेना ने रास्ते से बर्फ साफ करने के लिए दो जेसीबी और बुलडोजर लगाए क्योंकि रास्ते में बर्फ जमा होने के कारण सेना के वाहनों को निकलने में दिक्कत हो रही थी. सिक्किम में शुक्रवार को सीजन की पहली बर्फबारी हुई. मौसम विभाग के मुताबिक, राज्य के ऊंचे इलाकों में बर्फ की मोटी चादर बिछ गई. कुछ जगहों पर हल्की बारिश भी हुई, जिसके बाद गंगटोक में न्यूनतम तापमान 6 डिग्री तक गिर गया. 

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