नागरिकता कानून के खिलाफ कब थमेगा बवाल?

नागरिकता संशोधन कानून के खिलाफ देश की सड़कों पर शुरू हुआ बवाल थमने का नाम नहीं ले रहा है. इस बीच राजधानी दिल्ली के जामिया मिलिया इस्लामिया यूनिवर्सिटी के गेट नंबर 7 पर करीब 150 छात्रों ने फिर प्रदर्शन शुरू कर दिया है.

नागरिकता कानून के खिलाफ कब थमेगा बवाल?

नई दिल्ली: नागरिकता संशोधन कानून के खिलाफ शुरू हुआ विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है. देश के कई हिस्सों से प्रदर्शन और बवाल की तस्वीरें लगातार सामने आ रही हैं. इस बीच एक बार फिर दिल्ली के जामिया मिलिया इस्लामिया से विरोध की आवाज उठने लगी हैं.

जामिया के गेट पर फिर प्रदर्शन

जामिया मिलिया इस्लामिया यूनिवर्सिटी के गेट नंबर 7 के पास आज फिर से 100 से 150 छात्र पोस्टर ओर बैनर लेकर इकट्ठा हुए हैं. ये छात्र नागरिकता संशोधन कानून (CAA) का विरोध कर रहे हैं. 15 दिसंबर को यहां छात्रों के आंदोलन में हिंसा हुई थी.

'मेरे साथ 5 लाख की भीड़ है'

वहीं मामले में हिंसा भड़काने के आरोपी कांग्रेस नेता मोहम्मद आसिफ जल्द ही सरेंडर करने के लिए जामिया थाने पहुंचने वाले हैं. यहां वो पुलिस को सरेंडर करेंगे. बता दें कि कांग्रेस के पूर्व विधायक मोहम्मद आसिफ के खिलाफ केस दर्ज होने पर उन्होनें धमकी देते हुए कहा था कि मुझ पर 10 केस दर्ज कर लो. मेरे साथ 5 लाख की भीड़ है.

दरअसल 15 दिसंबर को देश की राजधानी दिल्ली को जलाने की साजिश रची गई थी. जिसके तहत जामिया मिलिया इस्लामिया विश्वविद्यालय के छात्रों ने नागरिकता कानून के खिलाफ विद्रोह किया था. इस प्रदर्शन में कई बाहरी तत्वों ने भी इस आग को हवा देते हुए कई बसें फूंक दी थी. सड़कों पर तांडव किया गया, और अंत में पुलिस के खिलाफ ही धरना शुरू कर दिया गया था.

सुप्रीम कोर्ट ने जताई थी नाराजगी

सुप्रीम कोर्ट ने जामिया मिलिया इस्लामिया और अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी में पुलिस की कार्रवाई के खिलाफ दायर याचिकाओं पर सुनवाई करने से इनकार कर दिया था. सर्वोच्च अदालत का कहना था कि उन्हें पहले हाईकोर्ट जाना चाहिए था. सोमवार को सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस एसए बोबड़े ने कहा था कि वो इस मामले पर तभी सुनवाई करेंगे जब हिंसक प्रदर्शन रुक जाएंगे. जिसके बाद मंगलवार को उन्होंने कहा था कि सुप्रीम कोर्ट को ट्रायल कोर्ट नहीं बनाया जा सकता है.

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CCTV फुटेज के आधार पर गिरफ्तारी

दिल्ली पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज के आधार पर कुछ लोगों की गिरफ्तारी की थी. जिनपर रविवार रात हुए बवाल में शामिल होने का आरोप है. पुलिस ने इस बाबत ये जानकारी भी दी थी कि गिरफ्तार हुए लोगों में एक भी जामिया का छात्र नहीं है. इस पूरे मामले की जांच फिलहाल जारी है.

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