टिड्डियों के हमले से राजस्थान के किसान बेहाल

राजस्थान के कई इलाकों में टिड्डियों का कहर टूट पड़ा है. खास तौर पर पश्चिमी पाकिस्तान के कई इलाकों में टिड्डियों ने करोड़ों की फसल नष्ट कर दी है. टिड्डियां रह रह कर हमला कर रही हैं, प्रशासन की लापरवाही के कारण किसान समस्या दिन पर दिन गंभीर होती जा रही है.   

टिड्डियों के हमले से राजस्थान के किसान बेहाल

जयपुर: पाकिस्तान से आए टिड्डियों के दल ने राजस्थान के किसानों को परेशानी में डाल रखा है. पिछले तीन दिनों में टिड्डियों के झुंड ने करोड़ों की फसल बर्बाद कर दी है. ये पहला मौका है जब टिड्डियों के इतने बड़े दल ने हमला किया है. 

बाड़मेर में हाहाकार
बाड़मेर इलाके में किसानों के खेतों में खड़ी करोड़ों रुपए की रबी की फसल, जीरा, ईसबगोल और सरसों की फसल को टिड्डियों ने पूरी तरह से बर्बाद कर दिया है.  किसानों की हालत बहुत ही दयनीय हो गई है. लेकिन अधिकारी किसानों की परेशानी सुनने को तैयार ही नहीं है. 

 इस मामले पर बाड़मेर के जिला कलेक्टर अंशदीप ने बताया कि ये पहला मौका है, जब इतनी भारी मात्रा में टिड्डी दल ने अचानक अटैक किया है और इसके रोकथाम के लिए पूरे इंतजाम किए जा रहे हैं.  हमने अपने रेवेन्यू डिपार्टमेंट के अधिकारियो से 2 दिन में फसल खराब होने की पूरी रिपोर्ट मंगवाई है. ये रिपोर्ट हम राज्य सरकार को भेजेंगे उसके बाद तत्काल मुआवजे की कार्रवाई की जाएगी. 

जालोर के दर्जनों गांव चपेट में 
राजस्थान के जालोर नेहड़ क्षेत्र में टिड्डी दल ने हजारों हेक्टयर में फसलें नष्ट कर दी हैं.  किसान खेतो में थाली या लोहे के डिब्बे बजाकर टिड्डियों को उड़ाने का प्रयास कर रहे हैं. नेहड़ क्षेत्र में 9 दिनों के भीतर दूसरी बार टिड्डियों ने हमला बोला है. इस बार पहले के मुकाबले टिड्डी दल दोगुनी संख्या में है. जिन्होंने 7 से आठ हजार हेक्टेयर फसल नष्ट कर दी है. 

टिड्डियों का दल दस किलोमीटर की लंबाई व 5 किलोमीटर की चौड़ाई में फैला है. जिसकी वजह से स्प्रे टीम भी इसपर नियंत्रण करने में नाकाम दिखाई दे रही है. 

वेडिया,सिपाहियों की ढाणी,भीमगुड़ा,सुराचन्द,रायपुरिया,फोगड़वा,सांकरिया,कलजी की बेरी,खेजड़ियाली सहित दर्जनों गांव टिड्डियों की चपेट में है. 

जैसलमेर में तबाही 
जैसलमेर में मई के महीने में टिडि्डयों ने किसानों की फसलों पर हमला करना शुरू किया और 7 माह बीत जाने के बाद भी केन्द्र व राज्य सरकार टिडि्डयों पर नियंत्रण नहीं कर पाई. यहां तैनात अधिकारियों की लापरवाही और उदासीनता से किसान परेशान हैं. 

टिड्डी नियंत्रण दल के अधिकारियों ने कहा था कि सर्दी के मौसम में टिडि्डयां नहीं आएगी.  लेकिन ऐसा नहीं हुआ. हमले लगातार जारी है. 

फिलहाल  जिले के 50 से अधिक गांवों में टिड्डी दलों ने धावा बोल रखा है.  रोजाना शाम होते ही टिडि्डयां खेतों पर पहुंच जाती है और दिन होते ही वापस उड़ जाती हैं.  किसानों की शिकायत है कि दर्जनों बार फोन करके सूचना देने के बाद भी टीमें उनके वहां नहीं पहुंच रही है. 

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