Daily Panchang 24 फरवरी 2021 तिल द्वादशी आज, तिल से करें विष्णु पूजा

तिल द्वादशी के दिन तिल का दान करने से लेकर तिल को स्नान के पानी में डालकर उस जल से स्नान करने और तिल को खाने का विशेष महत्व बताया गया है. सनातन परंपरा के अनुसार तिल को बेहद ही पवित्र, पाप दूर करने वाला और पुण्यदाई माना जाता है.

Written by - Zee Hindustan Web Team | Last Updated : Feb 24, 2021, 10:28 AM IST
  • आज शाम 17:28 से 18:15 तक शुभ मुहूर्त रहेगा
  • दोपहर 12:34 बजे से दोपहर 01.59 तक राहुकाल
Daily Panchang 24 फरवरी 2021 तिल द्वादशी आज, तिल से करें विष्णु पूजा

नई दिल्लीः आज माघ मास के शुक्ल पक्ष की द्वादशी तिथि है. आज 24 फरवरी 2021 और दिन बुधवार है. आज तिल द्वादशी है. आज तिल के जल से स्नान करे, तिलों से ही भगवान विष्णु का पूजन करें, तिल के तेल से दीपक जलायें, तिल का नैवेद्य बनाएं, तिलों से हवन करें.

तिल का दान करें, तिलों का भोजन बनाएं तो सम्पूर्ण बाधा दूर होगी. आज प्रदोष काल में त्रयोदशी तिथि होने के कारण प्रदोष व्रत है. आज के पंचांग में और क्या है खास बता रहे हैं आचार्य विक्रमादित्य

मास- माघ मास
दिन- बुधवार
तिथि- शुक्ल पक्ष, द्वादशी तिथि
आज का व्रतः आज तिल द्वादशी है
आज तिल के जल से स्नान करें.

आज का नक्षत्र-  पुनर्वसु नक्षत्र 
आज का योग- सौभाग्य योग, शोभन योग

आज का शुभ मुहूर्त- आज शाम 17:28 से 18:15 तक शुभ मुहूर्त. इस समय में कोई भी काम करना शुभ फलदायक होता है.
आज का राहुकाल- आज दोपहर 12 बजकर 34 मिनट से दोपहर 01.59 तक राहुकाल रहेगा. इस दौरान आपको कोई भी शुभ कार्य करने से बचना चाहिए.

तिल द्वादशी का महत्व
तिल द्वादशी के दिन तिल का दान करने से लेकर तिल को स्नान के पानी में डालकर उस जल से स्नान करने और तिल को खाने का विशेष महत्व बताया गया है. सनातन परंपरा के अनुसार तिल को बेहद ही पवित्र, पाप दूर करने वाला और पुण्यदाई माना जाता है.

द्वादशी के दिन अपनी यथाशक्ति अनुसार किसी ब्राह्मण को तिल का दान जरूर करें. कहा जाता है कि, तिल का दान करने से अग्निष्टोम यज्ञ के समान पुण्य की प्राप्ति होती है. सिर्फ इतना ही नहीं कहा जाता है कि तिल का दान करने से गौ दान जितना फल व्यक्ति को प्राप्त होता है.  

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भीष्म द्वादशी भी है नाम
पितामह भीष्म ने जब अष्टमी को प्राण त्याग दिए तब उनके मरणोपरांत किए जाने वाले सभी संस्कार कर्म द्वादशी के दिन किए गए थे. भीष्म कृष्ण के भक्त भी थे. इसलिए द्वादशी के दिन विष्णु पूजा का विशेष विधान है. अंतिम कर्म में तिलों का प्रयोग होने के चलते ही तिल का महत्व इस दिन बताया गया है. 

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