कामनापूर्ति के साथ मोहजनित कामनाओं का नाश करती है कामदा एकादशी

कामनापूर्ति के साथ मोहजनित कामनाओं का नाश करती है कामदा एकादशी

सिर्फ कामनाओं की पूर्ति ही नहीं बल्कि सिद्धि प्राप्त करने वाले साधक मोह उत्पन्न करने वाली कामनाओं के नाश के लिए भी इस व्रत को करते हैं. इससे भी अधिक यह व्रत पुण्य फलों को प्रदान करने वाला है. कामदा एकादशी का प्रताप इतना अधिक है कि जीव राक्षस यौनि से भी मुक्त हो जाता है. 

Apr 3, 2020, 05:28 PM IST
नवरात्र विशेषः जानिए कैसा है देवी सिद्धिदात्री का स्वरूप

नवरात्र विशेषः जानिए कैसा है देवी सिद्धिदात्री का स्वरूप

मां दुर्गा की नवीं शक्ति का नाम सिद्धिदात्री है. मां सिद्धिदात्री चार भुजाओं वाली हैं. जब देवी का स्वरूप युद्ध में रत होता है तो इनका वाहन सिंह है. लेकिन भक्तों और साधकों दर्शन देते हुए देवी सुखासन में अष्टकमल पर विराजित होती हैं. उनका यह स्वरूप परम शांति देने वाला और मोक्षकारी है. इसलिए माता को सुखदायिनी भी कहा गया है.

Apr 2, 2020, 10:57 PM IST
रामनवमी विशेषः श्री राम ने भी की थी देवी शक्ति की आराधना, जानिए क्या था कारण

रामनवमी विशेषः श्री राम ने भी की थी देवी शक्ति की आराधना, जानिए क्या था कारण

साहित्य की ओर नजर डालें तो लिखने वालों ने शक्ति के विषय में खूब बल लगाकर लिखा है. इन सबके बीच सूर्य कांत त्रिपाठी निराला का लिखित काव्य ‘राम की शक्ति पूजा’ स्मरणीय है. हालांकि निराला ने केवल एक पौराणिक गाथा को केवल शब्द ही दिए हैं, लेकिन किसी भी स्वरूप में ईश्वर का स्मरण हर भाव को पवित्र और अमर बना देता है. 

Apr 1, 2020, 09:55 PM IST
रामनवमी विशेषः जानिए क्या कहते हैं जन-जन के राम, क्या है रामकथा का संदेश

रामनवमी विशेषः जानिए क्या कहते हैं जन-जन के राम, क्या है रामकथा का संदेश

रामकहानी ऐसी मंथराओं से सतर्क रहने का मर्म भी समझाती है जो गाहे-बगाहे ही आपके वनवास का इंतजाम कर डालती हैं. मंथरा कोई व्यक्ति नहीं बल्कि हर व्यक्ति में छिपी उसकी ईर्ष्या (जलन) की भावना है. मनुष्य  जलन तत्व से ही प्रतिस्पर्धी बनता है, लेकिन यह ईर्ष्या जब बढ़ जाए तो भस्म करने लगती है. 

Apr 1, 2020, 09:05 PM IST
नवरात्र विशेषः जानिए कैसे मिला मिला मां अंबे को उनका जग प्रतिष्ठित दुर्गा नाम

नवरात्र विशेषः जानिए कैसे मिला मिला मां अंबे को उनका जग प्रतिष्ठित दुर्गा नाम

धरती पर अनायास हुए परिवर्तन की सारी गाथा कहने एक दूत पाताल की ओर भाग चला. दुर्गम से उसने पृथ्वी की हरियाली का हालसुनाते हुए कहा-राक्षसराज आपका प्रभाव समाप्त हो गया. इस बात से क्रोधित असुर ने उसका शीष काट डाला और खुद ही सारा रहस्य समझने सेना सहित चल पड़ा. 

Apr 1, 2020, 07:44 PM IST
नवरात्र विशेषः जानिए, देवी ने क्यों लिया शताक्षी और शाकंभरी अवतार

नवरात्र विशेषः जानिए, देवी ने क्यों लिया शताक्षी और शाकंभरी अवतार

दुर्गमासुर ने देखा कि देवता वेदमंत्रों की शक्ति से संचालित होते है और यज्ञ की हवि से उन्हें ऊर्जा मिलती है तो उसने छल का सहारा लिया. असुर ने कठोर तपस्या कि और ब्रह्मदेव से चारों वेद मांग लिए, संसार से इस ज्ञान को लुप्त करने की मांग कर दी. चैत्र अष्टमी पर पढिए देवी महागौरी के दो दिव्य अवतारों की कथा.

Apr 1, 2020, 07:18 PM IST
नवरात्र स्पेशलः देवी के कालरात्रि स्वरूप की उत्पत्ति और ऐसे हुआ रक्तबीज का वध

नवरात्र स्पेशलः देवी के कालरात्रि स्वरूप की उत्पत्ति और ऐसे हुआ रक्तबीज का वध

शुंभ-निशुंभ को आता देख देवता समझ गए कि यह युद्ध का अंतिम चरण है. वह भी आकाश में प्रकट हो गए. देवी चंडिका और देवी कालरात्रि ने सभी असुरों का वध कर देवताओं को अभयदान दिया.

Mar 31, 2020, 09:01 PM IST
नवरात्र विशेषः जानिए कैसे हुई देवी के चामुंडा स्वरूप की उत्पत्ति

नवरात्र विशेषः जानिए कैसे हुई देवी के चामुंडा स्वरूप की उत्पत्ति

दोनों राक्षसों को यमलोक पहुंचाकर युद्ध की देवी ने चंड-मुंड के कटे शीश उठाए और अंबिका स्वरूप को अर्पित करने पहुंचीं. देवी ने अपने इस क्रोधी और वीरांगना शक्ति की भेंट प्रसन्नता पूर्वक स्वीकार की. इसके बाद उन्होंने देवी को रणचंडिका कहा. वरदान दिया कि आज से मुझसे उत्पन्न आपका यह स्वरूप चंडी देवी के नाम प्रसिद्ध होगा. 

Mar 31, 2020, 07:57 PM IST
नवरात्र विशेषः जानिए, कैसे देवी कात्यायनी ने किया धूम्रलोचन का वध

नवरात्र विशेषः जानिए, कैसे देवी कात्यायनी ने किया धूम्रलोचन का वध

शुंभ-निशुंभ के अत्याचार बढ़ने लगे. देवी इसी अवसर की ताक में थीं कि काल स्वयं शुंभ-निशुंभ को उनतक लेकर आए, इसके साथ ही वह उन्हें अवसर भी देना चाहती थीं कि दोनों अपने राक्षस समाज के साथ अपनी भूल स्वीकार कर लें. लेकिन नियति ने कुछ और ही तय कर रखा था.

Mar 29, 2020, 11:21 PM IST
नवरात्र विशेषः जानिए, शुंभ-निशुंभ के अत्याचार से देवी ने कैसे दिया भक्तों को अभयदान

नवरात्र विशेषः जानिए, शुंभ-निशुंभ के अत्याचार से देवी ने कैसे दिया भक्तों को अभयदान

देवी भगवती के जितने भी स्वरूप हैं, सभी के अलग-अलग तात्पर्य हैं और हर रूप में माता भक्तजनों का कल्याण करती हैं. नवरात्र के पांचवे दिन भक्त स्कंदमाता की पूजा करते हैं तो अगला छठवां दिन देवी कात्यायनी को समर्पित होता है. देवी भागवत से निकले भगवती के इन दोनों स्वरूपों की कथा, जिन्होंने देवताओं को अभयदान दिया और शुंभ-निशुंभ जैसे दानवों का वध किया. 

Mar 29, 2020, 08:06 PM IST
नवरात्रि विशेषः देवी कुष्मांडा, भगवती का वह स्वरूप, जो हैं सृष्टि की रचनाकार

नवरात्रि विशेषः देवी कुष्मांडा, भगवती का वह स्वरूप, जो हैं सृष्टि की रचनाकार

जब इस संसार में सिर्फ अंधकार था तब देवी कूष्‍मांडा ने अपने ईश्‍वरीय हास्‍य से ब्रह्मांड की रचना की थी. यही वजह है कि देवी को सृष्टि के रचनाकार के रूप में भी जाना जाता है. इसी के चलते इन्‍हें 'आदिस्‍वरूपा' या 'आदिशक्ति' कहा जाता है. नवरात्र के चौथे दिन मां कूष्‍मांडा के पूजन का विशेष महत्‍व है. 

Mar 28, 2020, 10:02 AM IST
नवरात्रि विशेषः महर्षि मेधा और राजा सुरथ की कथा, जो श्रीदुर्गा सप्तशती का आधार बनी

नवरात्रि विशेषः महर्षि मेधा और राजा सुरथ की कथा, जो श्रीदुर्गा सप्तशती का आधार बनी

महर्षि मेघा ने उन्हे समझाया कि मन शक्ति के आधीन होता है,और आदि शक्ति के अविद्या और विद्या दो रूप है, विद्या ज्ञान स्वरूप है और अविद्या अज्ञान स्वरूप. जो व्यक्ति अविद्या (अज्ञान) के रूप में उपासना करते है, उन्हें वे विद्या स्वरूपा प्राप्त होकर मोक्ष प्रदान करती हैं. 

Mar 27, 2020, 08:57 PM IST
नवरात्र विशेषः देवी के उन भक्तों की कथा, जिन्हें सबसे पहले प्राप्त हुई मां भगवती की कृपा

नवरात्र विशेषः देवी के उन भक्तों की कथा, जिन्हें सबसे पहले प्राप्त हुई मां भगवती की कृपा

राजा सुरथ अपने प्रतिद्वंद्वी महाराज नंदि से हारकर वन में भटक रहे थे. वह पराजय को स्वीकार नहीं कर पा रहे थे और मोह से विमुख नहीं हो पा रहे थे. उसी वन में एक धनी वैश्य अपनी संतान व पत्नी के तिरस्कार से दुखी होकर भटक रहा था. दोनों दुखी वन में मिले तो मित्र बन गए और साथ-साथ देवी की कृपा प्राप्त की, लेकिन कैसे, जानिए यह दिव्य कथा.

Mar 27, 2020, 08:21 PM IST
जानिए, कैसे तय होता है मां दुर्गा के आने का वाहन, क्या होता है उनका फल

जानिए, कैसे तय होता है मां दुर्गा के आने का वाहन, क्या होता है उनका फल

देवी का आगमन किस वाहन पर हो रहा है, यह दिनों के आधार पर तय होता है. हालांकि देवी का वाहन सिंह है, लेकिन यह तभी उनका वाहन है जब वे युद्ध रत होती हैं. भक्तों के पास आने के लिए मां भगवती अलग-अलग वाहनों का चुनाव करती हैं. 

Mar 25, 2020, 07:54 PM IST
क्या प्रेरणा देते हैं देवी के नौ आध्यात्मिक स्वरूप, विस्तार से जानिए

क्या प्रेरणा देते हैं देवी के नौ आध्यात्मिक स्वरूप, विस्तार से जानिए

नवरात्र का उत्सव साधना का उत्सव है. आत्म चिंतन और प्रकृति से एकाकार का समय है. वर्ष के पहले नौ दिन देवी को समर्पित होते हैं क्योंकि सृष्टि के प्रारंभ का आधार देवी का स्वरूप ही है. 

Mar 24, 2020, 06:39 PM IST
शनिदेव की पूजा में रखें ये सावधानियां

शनिदेव की पूजा में रखें ये सावधानियां

दुख दरिद्र से छुटकारा पाने के लिए शनिदेव की आराधना की जाती है. लेकिन उनकी पूजा में कुछ विशेष बातों का ध्यान रखना पड़ता है. जिनके बिना पूजा अधूरी होती है. आईए आपको बताते हैं शनिदेव की पूजा करते समय बरती जाने वाली कुछ खास बातें-

Mar 21, 2020, 07:29 PM IST
दोबारा न करने का संकल्प लेकर करें पापमोचिनी एकादशी का व्रत, सारे पाप कट जाएंगे

दोबारा न करने का संकल्प लेकर करें पापमोचिनी एकादशी का व्रत, सारे पाप कट जाएंगे

इस व्रत की पावन कथा खुद श्रीकृष्ण ने अर्जुन को सुनाई थी.  इस उपवास को करने से ब्रह्म हत्या करने वाले, चोरी करने वाले, मद्यपान व जुआ खेलने वाले, कुवचन कहने वालों के पाप हर जाते हैं. लेकिन नियम यही है कि पाप कर्म को दोबारा न किए जाने का संकल्प लेते हुए ही भक्तिभाव से व्रत करें. इस व्रत का यह अर्थ बिल्कुल नहीं है कि आप पाप करते रहे हैं और हर बार पाप मोचिनी एकादशी का व्रत करते रहें.   

Mar 19, 2020, 02:05 PM IST

आराधना: क्यों जरूरी है अखंड रामायण का पाठ और क्या हैं नियम?

अखंड रामायण का पाठ शुभ फलदायक होता है. कहते है कि अखंड रामायण का पाठ सुनने हनुमान आते हैं. अखंड रामायण का पाठ पूरे विधि विधान से करना चाहिए. देखिए, आराधना...

Mar 18, 2020, 11:21 AM IST

राशिफल: जानें कैसा रहेगा आपका 18 मार्च का दिन | Horoscope 18 मार्च 2020 आपका Astro क्या कहता है?

राशिफल: जानें कैसा रहेगा आपका 18 मार्च का दिन | Horoscope 18 मार्च 2020 आपका Astro क्या कहता है?

Mar 18, 2020, 09:49 AM IST
पूजा-पाठ पर कोरोना का 'आपातकाल'! कई प्रमुख मंदिर बंद

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कोरोना के कहर को देखते हुए देश के मंदिरों को बंद किए जाने का फरमान जारी किया जा रहा है. 12 ज्योतिर्लिंगों में से एक त्र्यंबकेश्वर मंदिर को अनिश्चित काल के लिए बंद कर दिया गया है.

Mar 17, 2020, 09:48 PM IST