दीवाली पर नहीं बढ़ेगी Cooking Oil की कीमत, प्राइस कंट्रोल पर सरकार का बड़ा फैसला

सरकार के फैसले से लोगों को त्योहारों के समय जरूरी सामानों की बढ़ी हुई कीमतों खास तौर पर खाने-पीने के सामानों की कीमतों पर बड़ी राहत मिलेगी. त्योहारों के समय लोगों पर महंगाई के बोझ को कम करने के लिहाज से सरकार ने एक बड़ा फैसला किया है.

Written by - Zee Hindustan Web Team | Last Updated : Oct 2, 2022, 01:49 PM IST
  • दीवाली पर नहीं बढ़ेंगी Cooking Oil की कीमत
  • प्राइस कंट्रोल पर सरकार का बड़ा फैसला

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दीवाली पर नहीं बढ़ेगी Cooking Oil की कीमत, प्राइस कंट्रोल पर सरकार का बड़ा फैसला

नई दिल्ली: मौजूदा समय में त्योहारों का समय चल रहा है. दशहरा आने में केवल दो दिन का समय बचा और इसी महीने दिवाली भी पड़ने वाली है. ऐसे में त्योहारों के समय लोगों पर महंगाई के बोझ को कम करने के लिहाज से सरकार ने एक बड़ा फैसला किया है. सरकार के इस फैसले से लोगों को त्योहारों के समय जरूरी सामानों की बढ़ी हुई कीमतों खास तौर पर खाने-पीने के सामानों की कीमतों पर बड़ी राहत मिलेगी. 

क्या फैसला किया सरकार ने

CBIC यानी सेंट्रल बोर्ड ऑफ इन-डायरेक्ट टैक्स एंड कस्टम ने खाने के तेल की कीमतों को कंट्रोल में रखने के लिए इस पर लगने वाले इंपोर्ट ड्यूटी यानी आयात पर लगने वाले कर पर छूट जारी रखने का फैसला किया है. 

CBIC ने एडिबल ऑयल पर इंपोर्ट ड्यूटी में छूट को 31 मार्च 2023 तक बढ़ाने का फैसला किया है. इससे सप्लाई बेहतर होगी, जिस वजह से त्योहारों के समय कुकिंग ऑयल की कीमतें कंट्रोल में रहेंगी. पहले इस छूट की डेडलाइन 30 सितंबर तक थी जिसे छह महीने के लिए बढ़ाया गया है. ग्लोबल मार्केट में कीमत में कटौती का असर देखा जा रहा है और खाने के तेल का भाव लगातार घट रहे हैं. 

मौजूदा समय में क्रूड पाम ऑयल,  क्रूड सोयाबिन ऑयल,  क्रूड  सनफ्लावर ऑयल पर जीरो फीसदी की इंपोर्ट ड्यूटी है. हालांकि, एग्रीकल्चर सेस और वेलफेयर सेस लगाया जाता है. एग्री सेस 5 फीसदी और सोशल वेलफेयर सेस 10 फीसदी है. नेट आधार पर इन तीन तेल के आयात पर 5.5 फीसदी का टैक्स लगता है.

तेलों पर लगता है इतना टैक्स

बता दें कि सभी तरह के कुकिंग ऑयल पर अलग अलग तरह का टैक्स लगाया जाता है. पामोलिन की रिफाइन्ड वेरायटी और रिफाइन्ड पाम ऑयल पर बेसिक कस्टम ड्यूटी 12.5 फीसदी है, जबकि सोशल वेलफेयर सेस 10 फीसदी है. नेट आधार पर यह ड्यूटी 13.75 फीसदी होती है. रिफाइन्ड सोयाबिन और सनफ्लावर ऑयल पर पर बेसिक कस्टम ड्यूटी 17.5 फीसदी है. सोशल वेलफेयर टैक्स के बाद यह टैक्स नेट आधार पर 19.25 फीसदी पर पहुंच जाता है.

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