खतरा : कोरोना के 32 नए म्यूटेंट, HIV मरीज में जन्मा है वायरस का भयानक वेरिएंट

बोत्सवाना वेरिएंट यानी बी.1.1.529 के नए स्ट्रेन के 10 केस अब तक मिले हैं. इसे एनयू (नू) नाम दिया गया है. 

Written by - Zee Hindustan Web Team | Last Updated : Nov 25, 2021, 08:24 AM IST
  • कोरोना के ये नए म्यूटेंट अब तक तीन देशों में मिले हैं
  • बोत्सवाना में 3, हांगकांग में 1, दक्षिण अफ्रीका में 6 केस

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खतरा : कोरोना के 32 नए म्यूटेंट, HIV मरीज में जन्मा है वायरस का भयानक वेरिएंट

लंदन/मुंबई : दुनिया में कोरोना के नए म्यूटेंट बनने का दौर जारी है. अब वैज्ञानिकों ने बताया है कि बोत्सवाना वेरिएंट के 32 नए म्यूटेंट बन गए हैं. नए म्यूटेंट कोविड का सबसे ज्यादा विकसित रूप हैं और ये डेल्टा से भी खतरनाक हैं. ब्रिटेन के विशेषज्ञों का कहना है कि संभव है कि ये म्यूटेंट किसी एचआईवी मरीज के शरीर में विकसित हुए हों.

बोत्सवाना वेरिएंट यानी बी.1.1.529 के नए स्ट्रेन के 10 केस अब तक मिले हैं. इसे एनयू (नू) नाम दिया गया है. वहीं वैज्ञानिकों का कहना है कि ये सभी 32 नए म्यूटेंट वैक्सीन के प्रति सबसे ज्यादा प्रतिरोधी हैं. यानी इन पर वैक्सीन का असर कम या नहीं होगा. नए म्यूटेंट के स्पाइक प्रोटीन में भी काफी बदलाव हो चुका है.

तीन देशों में मिले हैं नए वैरिएंट
वैज्ञानिकों के मुताबिक कोरोना के ये नए म्यूटेंट तीन देशों में मिले हैं. बोत्सवाना में 3 केस, हांगकांग में 1 केस और दक्षिण अफ्रीका में 6 केस पाए गए हैं. आशंका है कि कई देशों में अब तक इनका विस्तार हो चुका होगा.

यूनिवर्सिटी कॉलेज ऑफ लंदन के प्रोफेसर और जीन साइंटिस्ट फ्रानकोशिस बलौक्स नए म्यूटेंट को देखकर लगता है कि ये किसी ऐसे मरीद के शरीर में विकसित हुए हैं जिसका इम्यूनसिस्टम कंप्रोमाइज्ड हो चुका है. बहुत संभावना है कि वह एड्स का मरीज रहा होगा. 

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भारत में दिसंबर में कोविड की हल्की तीसरी लहर का अंदेशा
वहीं भारत की बात करें तो महाराष्ट्र के स्वास्थ्य मंत्री राजेश टोपे ने बुधवार को आगाह किया कि राज्य में कोविड-19 महामारी की तीसरी लहर दिसंबर तक आने की संभावना है, लेकिन यह हल्की होगी.

मंत्री का बयान जांच दरों में भारी गिरावट के लिए केंद्र सरकार की फटकार के अगले दिन आया है. मई में प्रतिदिन 2.69 लाख जांच होती थी, अब नवंबर में मुश्किल से 98,000 लोगों की जांच हुई है.

मंत्री टोपे ने कहा कि पिछले कुछ महीनों में राज्य द्वारा प्राप्त अच्छी टीकाकरण दर के कारण तीसरी लहर का संभावित कम प्रभाव होगा. राज्य की 80 प्रतिशत से अधिक आबादी का टीकाकरण किया गया है, संक्रमण दर और कम हो रही है, जबकि मृत्यु दर भी शून्य के करीब है.

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