• कोरोना वायरस पर नवीनतम जानकारी: भारत में संक्रमण के सक्रिय मामले- 2,64,944 और अबतक कुल केस- 7,42,417: स्त्रोत PIB
  • कोरोना वायरस से ठीक / अस्पताल से छुट्टी / देशांतर मामले: 4,56,831 जबकि मरने वाले मरीजों की संख्या 20,642 पहुंची: स्त्रोत PIB
  • कोविड-19 की रिकवरी दर 61.13% से बेहतर होकर 61.53% पहुंची; पिछले 24 घंटे में 16,883 मरीज ठीक हुए
  • डब्ल्यूएचओ की रिपोर्ट के मुताबिक, भारत में प्रति दस लाख आबादी पर सबसे कम मामले हैं
  • स्वस्थ होने वालों की संख्या करीब 4.4 लाख, संक्रमितों और ठीक होने वालों की संख्या का अंतर 1.8 लाख से अधिक
  • आईसीएमआर: पिछले 24 घंटे में 2.41+ लाख नमूनों की जांच की गई, कुल परीक्षणों की संख्या 1.02 करोड़ के पार
  • फिल्म निर्माण शुरू करने को लेकर सरकार जल्द ही एसओपी की घोषणा करेगी, ताकि फिल्म निर्माण में फिर से तेजी लाई जा सके
  • सीबीएसई ने छात्रों को दी बड़ी राहत, कक्षा 9वीं से 12वीं का सिलेबस घटाया गया
  • एमएचआरडी: यूजीसी और स्वयं के द्वारा "इंटरनेशनल बिजनेस" में मुफ्त ऑनलाइन कोर्स उपलब्ध है
  • विश्व बैंक ने गंगा के कायाकल्प हेतु ‘नमामि गंगे कार्यक्रम’ में आवश्यक सहयोग बढ़ाने के लिए 400 मिलियन डॉलर प्रदान किए

भारत में बनी पहली कोरोना वायरस वैक्सीन -कोवाक्सिन

भारत बायोटेक नामक कम्पनी ने बनाई है यह कोरोना वायरस वैक्सीन. अगर सब कुछ ठीक रहा तो जुलाई से इस वैक्सीन का ह्यूमन ट्रायल शुरू हो जाएगा..  

भारत में बनी पहली कोरोना वायरस वैक्सीन -कोवाक्सिन

नई दिल्ली.   भारत ने कोरोना वैक्सीन बनाने में लगभग कामयाबी पा ली है. अब इसे दुनिया कि पहली कोरोना वैक्सीन कहेंगे या दूसरी, ये तो कुछ समय बाद ही पता चलेगा. फिलहाल इस खबर ने कोरोना के खिलाफ भारत की जंग को मजबूत किया है. भारत बायोटेक नाकम कम्पनी ने भारत की प्रथम कोरोना वायरस वैक्सीन तैयार कर ली है.

 

जुलाई से होगा इंसानों पर परीक्षण

दुनिया में अभी कोरोना वायरस से जंग जीतने के लिए चल रहा कोरोना-वैक्सीन का इंतज़ार खत्म नहीं हुआ है. दुनिया में कुछ ही देशों ने इस वैक्सीन के निर्माण में शुरूआती सफलता हासिल की है जिसमें एक देश भारत भी है. हैदराबाद की कम्पनी भारत बायोटेक की कोरोना वैक्सीन -कोवाक्सीन अपने अंतिम चरण पर पहुंच गई है और अब जुलाई से शुरू होने वाला है इसका ह्यूमन ट्रायल.

डीजीसीआई से मिली अनुमति

हैदराबाद की बायोटेक आधारित कम्पनी भारत बायोटेक ने हाल ही में देश की पहली कोरोना वैक्सीन बना लेने में कामयाब होने का दावा किया है. कंपनी ने मीडिया को बताया कि ड्रग कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया से उसे ह्यूमन ट्रायल पर उतरने की अनुमति मिल गई है. 

तीन सहयोगियों ने बनाई वैक्सीन

भारत बायोटेक ने बताया कि इस वैक्सीन के निर्माण में कामयाबी के लिए इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च (आईसीएमआर) और नेशनल इंस्टिट्यूट ऑफ वायरोलॉजी (एनआईवी) को भी श्रेय जाता है जिन्होंने इस वैक्सीन के निर्माण में अहम भूमिका निभाई है.

निर्माण की प्रक्रिया बताई भारत बायोटेक ने

भारत बायोटेक ने निर्माण की प्रक्रिया बताते हुए कहा कि पहले तो SARS-COV-2 स्ट्रेन को एनआईवी पुणे में आइसोलेट किया गया और फिर इसे भारत बायोटेक अर्थात हमें भेजा गया. इस स्वदेशी इनएक्टिवेटेड वैक्सीन को हमारे बीएसएल-3 (बायो-सेफ्टी लेवल 3) हाई कंटेनमेंट फेसिलिटी में डिवेलप करके इसको तैयार किया गया जो कि अब हैदराबाद के जीनोम वैली में स्थित है.

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