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Kangana ranaut: बॉलीवुड की मशहूर एक्ट्रेस कंगना रनौत जो अपने कामों को लेकर अक्सर चर्चा में बनी रहती हैं. हालांकि, अभी वह सांसद बन चुकी है. एक्ट्रेस कभी किसी मुद्दे पर अपनी बात रखने में पीछे नहीं रहती हैं. वह हर मुद्दे पर खुलकर बात करती हैं. वह अक्सर अपने बयान को लेकर खबरों में छाई रहती हैं. हाल ही में उन्होंने अपने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट शेयर की हैं. जिसमें उन्होंने पेरिस ओलंपिक की ओपनिंग को लेकर अपनी भड़ास निकालते हुए नजर आईं हैं. इसके साथ उन्होंने इस बात पर भी नाराजगी जताई कि ईसा मसीह को किस तरह दिखाया गया है.
कंगना रनौत ने इस मुद्दे पर दी अपना राय
अभिनेत्री कंगना रनौत निडर होकर हर मुद्दे पर बात करती हैं और उसपर अपना राय रखती हैं. इस बार भी उन्होंने कुछ एसा ही किया. विश्व खेल जगत के सबसे बड़े इवेंट 2024 का आगाज हो गया है, इस ओलंपिक की ओपनिंग का हर कोई तारीफ कर रहा है, तो वहीं कंगना रनौत उसकी आलोचना करते नजर आ रही हैं. एक्ट्रेस ने अपने इंस्टाग्राम स्टोरी पर ओलंपिक की ओपनिंग सेरेमनी का कुछ तस्वीरें शेयर कर के बताया है कि उन्हें उसमें क्या अच्छा नहीं लगा है. कंगना ने इवेंट के 'द लास्ट सपर' एक्ट के फोटो और वीडियो को शेयर किया, जिसमें एक बच्चे को शामिल किया गया था, इस बात को लोकर उन्होंने आपत्ति जताई.
पेरिस ओलंपिक के 'द लास्ट सपर' में किया गया बच्चे को शामिल
कंगना रनौत ने लिखा, इस ओलंपिक ने अपने हाइपर सेक्शुअलाइज्ड एक्ट 'द लास्ट सपर' में बच्चे को शामिल किया गया है, इसके बाद उन्होंने बिना कपड़ों के एक व्यक्ति को दिखाया, जिसपर नीले रंग का पेंट लगा हुआ है, इन्होंने ईसाई धर्म का मजाक बनाया है. कंगना ने उस व्यक्ति का भी फोटो शेयर किया, जिसमें वह ब्लू कर में रंगा हुआ हैं. इस फोटो को शेयर कर के कैप्शन में लिखा, 'पेरिस के इस ओलंपिक सेरेमनी में बिना कपड़ों के इस व्यक्ति को ईसा मसीह दिखाया गया है'.इसके बाद एक्ट्रेस ने एक और फोटो शेयर किया, जिसमें एक महिला अपने गर्दन को हाथ में लेकर खड़ी हैं, इसके कैप्शन में कंगना ने लिखा, 'ओलंपिक 2024 का स्वागत क्या फ्रांस ने इसी तरह किया है. इस तरह के एक्ट का क्या संदेश है? क्या वह यही दिखाना चाहते हैं कि सैटन की दुनियां में आपका स्वागत है'.
कंगना ने कोलाज बनाकर शेयर की तस्वीरें
इसके बाद वह ओपनिंग सेरेमनी की कई तस्वारों का एक कोलाज बना कर अपने सोशल मीडिया पर शेयर की और कहा की यह ओलंपिक सेरेमनी में सब कुछ होमोसोक्शुअलिटी पर आधारित था. आगे उन्होंने लिखा, 'मैं होमोसोक्शुअलिटी के खिलाफ नहीं हूं, लेकिन ओलंपिक सेक्शुअलिटी से कैसे जुड़ा हो सकता है यह बात हमारे सोच से बिलकुल परे है? लेकिन सभी देशों के खेलों में सेक्सुअलिटी का कब्जा क्यों हो रहा है? सेक्सुअलिटी क्यों हमारे बेडरूम तर सीमित नहीं रह सकता? इसे नेशनल आइडेंटिटी क्यों बनाया जा रहा है?