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Telanga Election: यूनाइटेड मुस्लिम फोरम के सदस्यों ने बीआरएस के कार्यकारी अध्यक्ष के.टी. रामाराव से शुक्रवार को मुलाकात की और भारत राष्ट्र समिति (BRS) को अपना समर्थन दिया. उन्होंने कहा कि बीआरएस सरकार ने तेलंगाना में अल्पसंख्यकों के कल्याण के लिए ईमानदारी से काम किया और देश के दूसरे राज्यों की तुलना में अल्पसंख्यकों के लिए सबसे ज्यादा बजट भी आवंटित किया.
अल्पसंख्यकों को हुआ फायदा
उन्होंने कहा कि बीआरएस सरकार ने विभिन्न योजनाएं शुरू कीं जिससे राज्य में अल्पसंख्यकों की सामाजिक-आर्थिक स्थिति में सुधार हुआ, खासकर तेलंगाना के गठन के बाद. प्रोग्राम के दौरान सदस्यों ने कहा कि अल्पसंख्यक समुदाय के छात्रों के लिए बनाए गए गुरुकुलों ने उनके उज्जवल भविष्य का मार्ग प्रशस्त किया है. प्रतिनिधिमंडल ने इस बात पर भी प्रकाश डाला कि कैसे शादी मुबारक योजना अल्पसंख्यक समुदायों की औरतों की मदद कर रही है. उन्होंने बीआरएस के कार्यकारी अध्यक्ष को एक ज्ञापन सौंपा और भविष्य में अल्पसंख्यकों की मदद के लिए उठाए जाने वाले कदमों के बारे में भी बात की.
रामा राव क्या बोले?
श्री रामा राव ने कहा कि बीआरएस सरकार जाति, क्षेत्र और धर्म की परवाह किए बिना समाज के सभी वर्गों के कल्याण के लिए काम कर रही है. उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि पिछले 10 सालों में राज्य में कोई कर्फ्यू या अन्य सांप्रदायिक गड़बड़ी नहीं हुई. तेलंगाना 'गंगा-जमुना तहजीब' की संस्कृति में विश्वास करता है. उन्होंने बीआरएस को अपना समर्थन देने के लिए यूनाइटेड मुस्लिम फोरम को धन्यवाद दिया.
ये लोग थे मौजूद
प्रतिनिधिमंडल में मौलाना अकबर निज़ामुद्दीन, मौलाना जियाउद्दीन नैय्यर, मौलाना सैयद मसूद हुसैन, मौलाना सैयद जहीरुद्दीन अली सूफी, मौलाना सैयद मुनीरुद्दीन मुख्तार, मौलाना शुजाउद्दीन इफ्तेकारी, मौलाना सईद कादरी, मौलाना शफीक आलम, मौलाना कामिल पाशा शुत्तारी और मौलाना जफर अहमद जमील मौजूद थे.
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