Birth Anniversary: 'ग़ुर्बतों का दौर है जाड़ों की शिद्दत है बहुत' बशीर बद्र की शायरी

Bashir Badr Birth Anniversary: बशीर बद्र की कामयाबी का एक राज़ यह भी है कि उन्होंने अरबी फ़ारसी वाली दबीज़ उर्दू के बजाय आम अवाम वाली ठेठ उर्दू ज़बान को अपनाया. उनके अश्आर में गांव और क़स्बात की सोंधी-सोंधी मिट्टी की महक भी है और शहरी ज़िंदगी के तल्ख़ हक़ायक़ की संगीनी भी.

Birth Anniversary: 'ग़ुर्बतों का दौर है जाड़ों की शिद्दत है बहुत' बशीर बद्र की शायरी
Image Credit: बशीर बद्र

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Salaam Tv Digital Team

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