Bihar Opposition Meet: पटना में चल रहे विपक्ष की महाबैठक में नीतीश कुमार को विपक्ष ने सर्वसम्मति से संयोजक चुना है. बैठक में खड़गे, राहुल गांधी,ममता बनर्जी, महबूबा मुफ्ती अखिलेस यादव सहित कई बड़े नेता मौजूद हैं.नीतीश कुमार के पहल पर लगातार कई महिनों के लगभग 18 पार्टियों के मखिया और कई प्रदेश के मुख्यमंत्री ने इस महाबैठक में हिस्सा लिया.
महाबैठक में भाग लेने आए कांग्रेस अध्यक्ष ने मीडिया से कहा कि इस बैठक का मुख्य उद्देश्य सिर्फ केंद्र में बैठी सरकार को उखाड़ फेंकना है. खड़गे ने कहा कि केंद्र में बैठी सरकार को उखाड़ फेंकने के लिए सभी पार्टी एक साथ चुनाव लड़ेंगे.
नड्डा ने कसा तंज
इस महाबैठक पर मीडिया ने बीजेपी नेता रविशंकर प्रसाद से जब सवाल किया तो उसने जवाब देते हुए कहा कि नीतीश कुमार 2024 के लिए बारात तो सजा रहे हैं लेकिन बारात के लिए दूल्हा भी होता है.वहीं इस बैठक पर बीजेपी अध्यक्ष ने तंज कसते हुए कहा कि विपक्ष आपस में गलबहियां कर रही है.
महाबैठक 23 जून को पटना में बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के मेजबानी में हो रही है. जिसमें 18 विपक्षी दलों ने सहमति जताई है.बैठक में भाग लेने के लिए बंगाल की सीएम ममता बनर्जी, सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव, अरविंद केजरीवाल, स्टालिन, सहित कई पार्टी के मुखिया और पार्टी के बड़े नेता ने इस महाबैठक में भाग लिया.
बीजेपी को मिला जवाब
महाबैठक में नीतीश कुमार को सर्वसम्मति से सभी पार्टियों के नेताओं ने संयोजक चुना है. संयोजक चुनने के बाद अब देखने होगा कि नीतीश कुमार के अगुवाई में विपक्ष का यो दांव कहां तक सही साबित है. यो ते समय ही बतायेगा. लेकिन विपक्ष को जवाब जरूर मिल गया कि 2024 का दूल्हा कौन बनेगा.
बीजेपी मांझी को साधने में सफल
महाबैठक में निर्णय लेने के बाद ये तो क्लियर हो गया कि विपक्ष की एकजुटता अब नीतीश कुमार के हाथ में है. अब बीजेपी विपक्ष की इस रणनिति को कैसे जबाव देगा. महागठबंधन से अलग होने के बाद हम पार्टी के नेता जीतन राम मांझी को तो साधने में सफल रहा. अगर बीजेपी विपक्षी एकता 2024 में तोड़ने में सफलता हासिल कर लेती है तो हिन्दी भाषी क्षेत्र में अलग ही रुपरेखा बनेगा.
एनडीए में शरद यादव ने निभाया था ऐसी ही जिम्मेदारी
इससे पहले इसी तरह की जिम्मेदारी एनडीए ने शरद यादव को दी थी. और अब हम यह कह सकते हैं कि उसी राह पर चलते हुए महागठबंधन नीतीश कुमार को बड़ी जिम्मेदारी सौंपी है.
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