'ठानी थी दिल में अब न मिलेंगे किसी से हम', मोमिन खां मोमिन के शेर

Momin Khan Momin Poetry: मोमिन ख़ां मोमिन कश्मीरी घराने से थे. उनके दादा हकीम मदार ख़ां शाह आलम के ज़माने में दिल्ली आए और शाही हकीमों में शामिल हो गए.

'ठानी थी दिल में अब न मिलेंगे किसी से हम', मोमिन खां मोमिन के शेर

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Siraj Mahi

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सिराज माही युवा पत्रकार हैं. देश, दुनिया और मनोरंजन की खबरों पर इनकी अच्छी पकड़ है. ज़ी मीडिया से पहले वह 'ईटीवी भारत' और 'दि संडे पोस्ट' जैसे मीडिया हाउस में काम कर चुके हैं. लिखने-पढ़ने के अलावा इन्हें घूमना और खाना बनाना पसंद है.