मुस्लिम शासक से ही हुई थी कर्बला की जंग, जिसमें अपने 72 साथियों के साथ शहीद हो गए थे हज़रत इमाम हुसैन

Why Muslims Mourn on Muharram: दुनियाभर के मुसलमान मुहर्रम के 10 वीं तारीख को अपने गम और दुःख का इज़हार करते हैं. इसी दिन कर्बला के मैदान में यजीद के 1000 सैनिकों ने पैग़म्बर मुहम्मद (स.) के नाती और उनके परिवार और कबीले के 72 लोगों पर एकतरफा युद्ध थोपकर हमला किया था और सभी को शहीद कर दिया था. यज़ीद एक दूसरे कबीले का सरदार था, जो छल-कपट से खुद को इलाके का शासक घोषित का अवाम पर ज़ुल्म ओ सितम करता था. यजीद, हुसैन और उनके लोगों को अनैतिक शर्तों के साथ अपनी अधीनता स्वीकार करने को मजबूर कर रहा था, जिसके इनकार पर कर्बला का युद्ध हुसैन पर थोपा गया.

मुस्लिम शासक से ही हुई थी कर्बला की जंग, जिसमें अपने 72 साथियों के साथ शहीद हो गए थे हज़रत इमाम हुसैन
Image Credit: प्रतीकात्मक तस्वीर

About the Author

Hussain Tabish

Hussain Tabish

हुसैन ताबिश जी न्यूज़ में एसोसिएट न्यूज़ एडिटर हैं. उन्हें फील्ड रिपोर्टिंग से लेकर डेस्क पर ख़बरों से खेलने का 18 सालों का अनुभव है. Zee से पहले वो HT Media, Amar Ujala, Prasar Bharti, Raj Express, Forward Press, Mahanagar Media Network Ltd, BIG Pvt. Ltd. और देशबंधु अखबार में सेवाएं दे चुके हैं. वह ICSSR फंडेड रिसर्च प्रोजेक्ट में रिसर्च एसोसिएट रह चुके हैं. बिहार में मुस्लिम महिलाओं में शिक्षा का निम्न स्तर, अकुशल मजदूरों के पलायन और इंसेफेलाइटिस पर रिपोर्टिंग के लिए उन्हें फेलोशिप मिल चुका है. शिक्षा से एम.फिल और पी.एचडी हुसैन ताबिश पत्रकार के अलावा एक मीडिया शोधार्थी, शिक्षक और प्रशिक्षक भी हैं, फिर भी खुद को जर्नलिज्म का इंटर्न मानते हैं. राजनीति, अंतरराष्ट्रीय संबंध, मानवाधिकार, जेंडर सेंसिटिविटी, सोशल जस्टिस और माइनॉरिटी इश्यूज उनके प्रिय विषय हैं.(उनतक पहुँचने का पता mohammad.tabish@India.com